क्या ओडिशा सरकार पंचायतों को सेवा और आत्मनिर्भरता का सच्चा केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है?

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क्या ओडिशा सरकार पंचायतों को सेवा और आत्मनिर्भरता का सच्चा केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है?

सारांश

ओडिशा सरकार पंचायतों को सेवा और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, मुख्यमंत्री ने 471 नए ग्राम पंचायत कार्यालयों का शुभारंभ किया। यह पहल ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्या यह ओडिशा के लिए नई सुबह लेकर आएगा?

मुख्य बातें

ओडिशा में 471 नए ग्राम पंचायत कार्यालयों का उद्घाटन।
मुख्यमंत्री और मंत्री की प्रतिबद्धता ग्रामीण विकास के प्रति।
अंत्योदय कार्यक्रम से गरीबों का उत्थान।
नए पंचायत भवन बहुउद्देश्यीय सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।
सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास।

भुवनेश्वर, 19 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 471 नए ग्राम पंचायत कार्यालयों की आधारशिला रखी और अंत्योदय कार्यक्रम के पहले चरण का शुभारंभ किया है। राज्य के पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नाइक ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जमीनी स्तर पर शासन और ग्रामीण परिवर्तन के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया।

मंत्री नाइक ने कहा कि मुख्यमंत्री माझी के नेतृत्व में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, हमारी सरकार गांवों को सशक्त बनाने और पंचायतों को सेवा और आत्मनिर्भरता का सच्चा केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक नए पंचायत भवन को ग्रामीण नागरिकों के लिए एक बहुउद्देश्यीय सेवा केंद्र के रूप में डिज़ाइन किया जाएगा, जहां कल्याणकारी योजनाओं, बैठकों और सामुदायिक पहलों को सुविधाजनक बनाया जाएगा। नाइक ने कहा कि ये पंचायत भवन जनभागीदारी और पारदर्शी शासन के प्रतीक होंगे।

नाइक ने अंत्योदय पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार की सबसे गरीब लोगों के उत्थान के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इस मिशन के जरिए हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार पीछे न छूटे। 40,000 से ज्यादा लाभार्थियों की पहचान की जा रही है और जो पहले वंचित रह गए थे, उन्हें वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह ग्रामीण ओडिशा के लिए एक नई सुबह का प्रतीक है।

नाइक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक शिलान्यास समारोह नहीं है। यह एक मजबूत और आत्मनिर्भर ओडिशा की नींव है। सरकार समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करती है कि विकास हर गांव, हर परिवार, और हर व्यक्ति तक पहुंचे।

ओडिशा के पंचायती राज मंत्री रबी नाइक ने सैम पित्रोदा की उस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में चुनावों में हेराफेरी की जा रही है। रबी नाइक ने इस बयान को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।

नाइक ने कहा कि हमारी चुनावी प्रक्रिया हर स्तर पर सुचारू और पारदर्शी तरीके से चल रही है। भारत का लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों। अगर कोई कानून का उल्लंघन करता है तो उसे संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उचित दंड दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के दावे कर रहे हैं, वे बस अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर संस्था ठीक से काम करे और चुनाव प्रणाली में हेराफेरी की कोई गुंजाइश न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा सरकार की नई पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य पंचायतों को सशक्त बनाना और ग्रामीण नागरिकों के लिए बहुउद्देश्यीय सेवा केंद्र स्थापित करना है।
अंत्योदय कार्यक्रम का क्या महत्व है?
अंत्योदय कार्यक्रम का महत्व सबसे गरीब लोगों के उत्थान और वित्तीय सहायता प्रदान करने में है।
क्या चुनावी प्रक्रिया में कोई समस्या है?
नहीं, मंत्री रबी नाइक ने चुनावी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बताया है।
नए पंचायत भवनों में क्या सुविधाएँ होंगी?
नए पंचायत भवनों में कल्याणकारी योजनाओं, बैठकें और सामुदायिक पहलों के लिए सुविधाएँ होंगी।
क्या इस पहल से ग्रामीण ओडिशा में बदलाव आएगा?
हां, यह पहल ग्रामीण ओडिशा में सकारात्मक बदलाव लाने का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस