19 जुलाई 2026
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करुणानिधि की 103वीं जयंती: स्टालिन ने मरीना बीच स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, बोले-हर चुनौती का सामना करना उन्हीं से सीखा

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करुणानिधि की 103वीं जयंती: स्टालिन ने मरीना बीच स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, बोले-हर चुनौती का सामना करना उन्हीं से सीखा

सारांश

करुणानिधि की 103वीं जयंती पर स्टालिन का संदेश सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं था — यह हालिया चुनावी हार के बाद DMK कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश भी था। मरीना बीच स्मारक से 'उगते सूरज' की वापसी का संकल्प और 'हर चुनौती का सामना करने की ताकत' जैसे शब्द बताते हैं कि पार्टी अब विरासत को पुनर्निर्माण का आधार बनाने जा रही है।

मुख्य बातें

स्टालिन ने 3 जून 2026 को एम.
करुणानिधि की 103वीं जयंती पर मरीना बीच स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
करुणानिधि पाँच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे और DMK के संस्थापक नेता थे।
स्टालिन ने एक्स पर लिखा कि चुनौती का सामना करने की ताकत उन्हें करुणानिधि से ही मिली।
हालिया चुनावी हार का ज़िक्र करते हुए स्टालिन ने स्वीकारा कि पार्टी सत्ता बरकरार रखने का मौका चूक गई।
DMK अध्यक्ष ने 'उगते सूरज' चिह्न के साथ सत्ता में वापसी का संकल्प दोहराया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने 3 जून 2026 को चेन्नई के मरीना बीच स्थित स्मारक पर पहुँचकर अपने पिता और पार्टी के संस्थापक नेता, पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की 103वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्टालिन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि जीत और हार, दोनों परिस्थितियों में मज़बूती से खड़े रहने की ताकत उन्हें करुणानिधि से ही मिली है।

मरीना बीच पर श्रद्धांजलि समारोह

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में DMK के वरिष्ठ नेता, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। करुणानिधि पाँच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे और द्रविड़ आंदोलन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने राज्य की राजनीति और सामाजिक न्याय की दिशा को नया आकार दिया।

स्टालिन का भावुक संदेश

स्टालिन ने अपने संदेश में करुणानिधि को 'तमिलों का महान नेता' बताते हुए लिखा, “वह एक महान नेता थे, जिन्होंने अपनी आखिरी सांस तक तमिलनाडु और तमिल लोगों की प्रगति के लिए लगातार काम किया। जीवन के अंतिम वर्षों में व्हीलचेयर पर रहने के बावजूद उन्होंने जनसेवा का अपना संकल्प नहीं छोड़ा।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने कभी सफलता को अपने सिर पर हावी नहीं होने दिया और न ही असफलता को अपने मन पर बोझ बनने दिया। हर चुनौती का सामना करने की ताकत मुझे आपसे ही मिली है।”

हालिया चुनावी हार का ज़िक्र

स्टालिन ने हाल ही में मिली चुनावी हार का सीधा उल्लेख करते हुए स्वीकार किया कि पार्टी सत्ता में बने रहने का अवसर गँवा बैठी। हालाँकि उन्होंने कहा कि करुणानिधि के आदर्श और उनका संघर्षशील स्वभाव आज भी उन्हें और पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर रहा है। गौरतलब है कि करुणानिधि ने भी अपने राजनीतिक जीवन में कई हार झेलने के बाद वापसी की थी, और यह संदर्भ स्टालिन की टिप्पणी को विशेष महत्व देता है।

विरासत और राजनीतिक मार्गदर्शन

DMK अध्यक्ष ने कहा कि करुणानिधि आज भी उनकी राजनीतिक यात्रा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुसार करुणानिधि से मिले संस्कार, विचार और नेतृत्व ने अतीत में पार्टी को कई चुनावी जीत दिलाने में मदद की और इन्हीं मूल्यों ने तमिलनाडु को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया।

सत्ता में वापसी का संकल्प

संदेश के अंत में स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से नए जोश और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। DMK के 'उगता सूरज' चुनाव चिह्न का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, “हम जीत का एक नया इतिहास रचेंगे। उगते सूरज की रोशनी से हम तमिलनाडु को घेरे हुए अंधेरे को दूर भगा देंगे।” आने वाले महीनों में पार्टी की संगठनात्मक रणनीति और जमीनी अभियान इस संकल्प की दिशा तय करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम. करुणानिधि की 103वीं जयंती पर क्या आयोजन हुआ?
DMK ने 3 जून 2026 को अपने संस्थापक नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की 103वीं जयंती मनाई। पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने चेन्नई के मरीना बीच स्थित करुणानिधि स्मारक पर पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसमें वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
स्टालिन ने एक्स पोस्ट में करुणानिधि के बारे में क्या कहा?
स्टालिन ने करुणानिधि को 'तमिलों का महान नेता' बताते हुए लिखा कि उन्होंने आखिरी सांस तक तमिलनाडु और तमिल लोगों की प्रगति के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि व्हीलचेयर पर रहने के बावजूद करुणानिधि ने जनसेवा का संकल्प नहीं छोड़ा और हर चुनौती का सामना करने की ताकत उन्हें उन्हीं से मिली।
स्टालिन ने हालिया चुनावी हार पर क्या कहा?
स्टालिन ने स्वीकार किया कि DMK सत्ता में बने रहने का अवसर गँवा बैठी। हालाँकि उन्होंने कहा कि करुणानिधि के आदर्श और संघर्षशील स्वभाव आज भी पार्टी के हज़ारों कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर रहे हैं, और पार्टी जल्द ही नया इतिहास रचेगी।
एम. करुणानिधि कौन थे और उनकी राजनीतिक विरासत क्या है?
एम. करुणानिधि DMK के संस्थापक नेताओं में से एक थे और पाँच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने राज्य की राजनीति, भाषा-आधारित अस्मिता और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
DMK के 'उगते सूरज' चिह्न का स्टालिन के संदेश में क्या महत्व है?
'उगता सूरज' DMK का चुनाव चिह्न है। स्टालिन ने इसका उल्लेख कर सत्ता में वापसी का संकल्प दोहराया और कहा कि उगते सूरज की रोशनी से तमिलनाडु को घेरे अंधेरे को दूर भगाया जाएगा — जो स्पष्ट रूप से अगले चुनावी अभियान का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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