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राम मंदिर चंदा चोरी: SIT जांच पूरी होने से पहले बयानबाजी उचित नहीं — कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर

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राम मंदिर चंदा चोरी: SIT जांच पूरी होने से पहले बयानबाजी उचित नहीं — कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर

सारांश

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सियासत तेज़ है — एक तरफ अखिलेश यादव ढाँचागत बदलाव की माँग कर रहे हैं, दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर SIT जांच पूरी होने तक संयम की अपील कर रहे हैं और सपा पर जांच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगा रहे हैं।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 9 जुलाई को वाराणसी में कहा कि SIT जांच पूरी होने से पहले बयानबाजी उचित नहीं।
सरकार ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन किया है।
राजभर ने समाजवादी पार्टी पर अयोध्या को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने इस्तीफे से आगे जाकर पूरे ढाँचे में बदलाव की माँग की थी, जिसके जवाब में राजभर की यह प्रतिक्रिया आई।
राजभर ने कहा कि जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 9 जुलाई को वाराणसी में स्पष्ट कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT की जांच पूरी होने से पहले किसी भी दल द्वारा बयानबाजी करना उचित नहीं है। यह प्रतिक्रिया समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस मामले में महज इस्तीफे से काम नहीं चलेगा और पूरे ढाँचे में बदलाव ज़रूरी है।

मुख्य घटनाक्रम

राजभर ने कहा कि सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए SIT का गठन किया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सर्वोच्च न्यायालय की मंशा भी यही रही है कि किसी भी मामले की जांच तथ्यों के आधार पर गंभीरता से हो, न कि जल्दबाजी में। उनके अनुसार, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि कोई कमी या गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सपा पर आरोप

राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सोच भगवान राम और राम मंदिर के प्रति कभी सकारात्मक नहीं रही। उन्होंने कहा कि सपा नेता प्रतिदिन नए बयान देकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सके। राजभर के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य अयोध्या जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना है।

आस्था और राजनीति का सवाल

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भगवान राम, अयोध्या और राम मंदिर करोड़ों सनातनियों की आस्था का विषय हैं और ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के करोड़ों सनातनी समाजवादी पार्टी के वास्तविक चरित्र को भली-भाँति पहचानते हैं और सपा पर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

सरकार की स्थिति

राजभर ने विपक्ष से आग्रह किया कि वह SIT की रिपोर्ट आने तक संयम बरते। उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और जवाबदेही से पीछे नहीं हटेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में तनाव बढ़ता जा रहा है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही इस विवाद की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि SIT का गठन स्वयं सरकार ने किया है — इसलिए विपक्ष का यह सवाल स्वाभाविक है कि जांच की निष्पक्षता की गारंटी कौन देगा। अखिलेश यादव की 'ढाँचागत बदलाव' की माँग को सिरे से राजनीति कहकर खारिज करना उस जवाबदेही से बचना है जो एक संवेदनशील धार्मिक ट्रस्ट के प्रति अपेक्षित है। मुख्यधारा की कवरेज इस विवाद को दो दलों की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, जबकि असली सवाल यह है कि SIT की रिपोर्ट कब आएगी और उसके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएँगे या नहीं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा चोरी मामला क्या है?
राम मंदिर चंदा चोरी मामला अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए दान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा विवाद है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए SIT का गठन किया है।
अनिल राजभर ने क्या कहा?
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 9 जुलाई को वाराणसी में कहा कि SIT की जांच पूरी होने से पहले बयानबाजी करना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संयम बरतने की अपील की और कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार हर सवाल का जवाब देगी।
अखिलेश यादव ने इस मामले में क्या माँग की?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर मामले में केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा और पूरे ढाँचे में बदलाव ज़रूरी है। इसी बयान के जवाब में राजभर ने सपा पर राजनीतिक लाभ के लिए अयोध्या का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
SIT जांच में क्या होगा?
सरकार द्वारा गठित SIT राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। राजभर के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में शामिल है?
राजभर ने अपने बयान में सर्वोच्च न्यायालय की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय भी चाहता है कि किसी भी मामले की जांच तथ्यों के आधार पर गंभीरता से हो। हालाँकि, स्रोत में इस मामले में न्यायालय की सीधी भागीदारी का उल्लेख नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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