10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनिल कुमार का अखिलेश पर पलटवार: सपा शासन में कितनी IIT खुलीं, SIT पर उठाए सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनिल कुमार का अखिलेश पर पलटवार: सपा शासन में कितनी IIT खुलीं, SIT पर उठाए सवाल

सारांश

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के IIT बनाम SIT कटाक्ष पर यूपी मंत्री अनिल कुमार ने पलटवार किया — पूछा कि 2012-2017 के सपा शासन में कितनी IIT खुलीं। श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद पर SIT गठन को सही ठहराया और 2027 में NDA की वापसी का दावा किया।

मुख्य बातें

यूपी मंत्री अनिल कुमार ने 16 जून को मुजफ्फरनगर में अखिलेश यादव की IIT बनाम SIT टिप्पणी पर पलटवार किया।
मंत्री ने सवाल उठाया कि 2012-2017 के सपा शासनकाल में प्रदेश में कितनी नई IIT या उच्च शिक्षा संस्थान खोले गए।
श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद की जाँच के लिए SIT गठन को उचित और पारदर्शिता की दिशा में सही कदम बताया।
दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने लगभग साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियाँ दी हैं।
2027 विधानसभा चुनाव में NDA की सत्ता में वापसी का विश्वास जताया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार ने 16 जून को मुजफ्फरनगर में कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, विकास और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रीराम मंदिर के चढ़ावा विवाद की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (SIT) को उचित और स्वागतयोग्य कदम बताया। मंत्री का यह बयान समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने प्रदेश में IIT के बजाय SIT बनाए जाने पर कटाक्ष किया था।

SIT गठन पर मंत्री का रुख

अनिल कुमार ने कहा कि जब भी किसी मामले में गंभीर आरोप लगते हैं, तो निष्पक्ष जाँच के लिए SIT का गठन सबसे उचित विकल्प होता है। उनके अनुसार, इससे तथ्यों की सटीक जानकारी सामने आती है और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाबदेही सुनिश्चित करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है।

सपा शासनकाल पर सीधा सवाल

अखिलेश यादव की IIT बनाम SIT वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए मंत्री ने पूछा कि 2012 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में कितनी नई IIT या उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस कार्यकाल में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था, कई भर्ती घोटाले सामने आए और विपक्षी दबाव के कारण जाँच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया गया। मुजफ्फरनगर दंगों जैसे संवेदनशील मामलों की निष्पक्ष जाँच न होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

पीडीए और आरक्षण पर विपक्ष को घेरा

मंत्री ने कहा कि सपा आज पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की राजनीति की बात करती है, लेकिन सत्ता में आने पर इन्हीं वर्गों के हितों की अनदेखी करती रही है। उन्होंने एक दलित सांसद द्वारा आरक्षण पदोन्नति विधेयक को फाड़े जाने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि इससे जुड़े सवाल आज भी अनुत्तरित हैं। आलोचकों का कहना है कि संविधान और आरक्षण बचाने की बात करने वाले दलों ने सत्ता में रहते हुए इन मुद्दों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचाया।

वर्तमान सरकार की उपलब्धियाँ

अनिल कुमार ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियाँ प्रदान की हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है।

2027 चुनाव का संकेत

मंत्री ने कहा कि सपा के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं और विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी से लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगा, क्योंकि जनता विकास, सुरक्षा और सुशासन के आधार पर अपना फैसला देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका स्वतंत्र सत्यापन अब तक सीमित रहा है। 2027 के चुनाव से पहले दोनों दल जनता को आँकड़ों से नहीं, आरोपों से संबोधित कर रहे हैं — यही इस बहस की असली कमज़ोरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव की IIT बनाम SIT टिप्पणी क्या थी?
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया था कि उत्तर प्रदेश में IIT बनाने के बजाय SIT बनाई जा रही है। यह टिप्पणी श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद की जाँच के लिए SIT गठन के संदर्भ में आई थी।
श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT क्यों बनाई गई?
श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे को लेकर आरोप लगने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने निष्पक्ष जाँच के लिए SIT का गठन किया। मंत्री अनिल कुमार ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में सही कदम बताया।
मंत्री अनिल कुमार ने सपा के शासनकाल पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री ने आरोप लगाया कि 2012-2017 के सपा शासन में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता नहीं थी, कई भर्ती घोटाले हुए और मुजफ्फरनगर दंगों जैसे मामलों की निष्पक्ष जाँच नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी पूछा कि उस कार्यकाल में कितनी नई IIT या उच्च शिक्षा संस्थान खोले गए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में कितनी सरकारी नौकरियाँ दी हैं?
मंत्री अनिल कुमार के दावे के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियाँ प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाएँ पूरी तरह पारदर्शी हैं और सभी वर्गों को समान अवसर दिए जा रहे हैं।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मंत्री का क्या कहना है?
मंत्री अनिल कुमार ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में NDA एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगा। उन्होंने कहा कि जनता विकास, सुरक्षा और सुशासन के आधार पर अपना फैसला देगी और सपा के पास कोई ठोस जन-मुद्दा नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले