धीरेंद्र शास्त्री का अयोध्या में बड़ा बयान: 'संतों-मंदिरों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र', राम मंदिर दान मामले पर SIT से भरोसे की अपील
सारांश
मुख्य बातें
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 3 जुलाई 2026 को अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर दान प्रकरण पर खुलकर प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि कुछ शक्तियाँ संतों, महंतों, मठों और मंदिरों के प्रति जनआस्था को कमज़ोर करने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रच रही हैं। उन्होंने देश की न्याय-व्यवस्था, सरकार और SIT पर भरोसा जताते हुए कहा कि सभी दोषियों को कानूनी सज़ा अवश्य मिलेगी।
हनुमानगढ़ी दर्शन और श्रद्धांजलि
शास्त्री ने शुक्रवार को हनुमानगढ़ी में हनुमान दादा के दर्शन किए। इसके बाद वे हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास के गुरु महंत संत राम दास के आश्रम पहुँचे, जिनका हाल ही में निधन हो गया था। शास्त्री ने कहा, 'हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास के गुरु महंत संत राम दास उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत थे। उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का यह सौभाग्य हमें मिला।'
राम मंदिर दान प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया
राम मंदिर दान विवाद पर अपनी राय रखते हुए शास्त्री ने कहा, 'यह कोई मामूली पाप नहीं, बल्कि महापाप है और भगवान इसकी सज़ा देंगे।' उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि देश के कानून और SIT जाँच पर पूरा विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि जाँच जारी है। उनके अनुसार, 'हमें देश की न्याय-व्यवस्था और सरकार पर पूरा भरोसा है और सभी दोषियों को सज़ा मिलेगी।'
षड्यंत्र की चेतावनी और 'छलयुग' का उल्लेख
शास्त्री ने कहा, 'वर्तमान में कलयुग से ज़्यादा छलयुग चल रहा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ 'कालनेमी' तत्व सक्रिय हैं जो संतों, महंतों, मठों और मंदिरों के प्रति आस्था व श्रद्धा को सुनियोजित तरीके से घटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इन शक्तियों से हम सभी को सावधान रहना होगा।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर दान विवाद को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा चल रही है।
हिंदू एकता की अपील
शास्त्री ने अपने समर्थकों और श्रद्धालुओं से भावनाओं पर संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, 'कुछ भड़काने वाली शक्तियाँ हिंदुओं को हिंदुओं से लड़ाने और संत-मठ-मंदिरों के प्रति श्रद्धा कम कराने की कोशिश करेंगी। इसलिए सभी हिंदुओं को विवेक से काम लेना है।' उन्होंने यह भी कहा कि एक घटना के कारण 'सनातन पर आँच नहीं आने देनी है।'
आगे क्या
राम मंदिर दान प्रकरण में SIT की जाँच जारी है और शास्त्री के इस बयान के बाद धार्मिक व सामाजिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा और तेज़ होने की संभावना है। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं और किसी भी प्रकार की भीड़-न्याय की मानसिकता से बचने की सलाह देते हैं।