राम मंदिर दान चोरी: जगद्गुरु परमहंस आचार्य की मांग — मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को मिले फांसी
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले ने संत समाज में गहरा आक्रोश पैदा किया है। तपस्वी छावनी पीठ के अयोध्या धाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 27 जून को इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यह मामला केवल चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था पर प्रहार है।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य का बयान
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो बात कही है, वह पूरी तरह उचित है। उन्होंने कहा, 'रावण ने तो केवल जगत जननी माता सीता का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी करने वाले लोगों ने करोड़ों सनातनियों की आस्था की चोरी की है।' उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई हो और कानून के तहत उन्हें सख्त सजा मिले।
टिन्नू यादव पर विशेष आक्रोश
परमहंस आचार्य ने मामले के कथित मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले के सरगना टिन्नू यादव को फांसी की सजा होनी चाहिए और शेष आरोपियों को छह-छह महीने की सजा के बाद छोड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियुक्त की दबंगई का आलम यह है कि पुलिस को उसके नाम के आगे 'श्री' लिखना पड़ रहा है, जो स्वयं में इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पहले की प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि रावण ने केवल माता जानकी का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर के दान पात्र से धन की चोरी करना लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को आहत करने जैसा है। शास्त्री ने यह भी बताया था कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है, तथा जांच आगे बढ़ने पर और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
आस्था और कानून — दोहरा न्याय
शास्त्री ने यह भी कहा था कि राम मंदिर में भगवान राम को समर्पित दान राशि में गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति केवल कानूनी दंड ही नहीं, बल्कि ईश्वर के न्याय का भी भागी बनेगा। उनके अनुसार, जिसने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उसे अपने कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का सर्वोच्च केंद्र बना हुआ है और इसकी पवित्रता को लेकर संत समाज अत्यंत संवेदनशील है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार मामले में जांच जारी है और यदि अन्य व्यक्ति भी संलिप्त पाए गए तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। संत समाज की बढ़ती मांगों के बीच यह देखना होगा कि प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया इस संवेदनशील मामले में कितनी त्वरित कार्रवाई करती है।