27 जून 2026
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राम मंदिर दान चोरी: जगद्गुरु परमहंस आचार्य की मांग — मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को मिले फांसी

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राम मंदिर दान चोरी: जगद्गुरु परमहंस आचार्य की मांग — मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को मिले फांसी

सारांश

राम मंदिर दान चोरी मामले में संत समाज का आक्रोश चरम पर है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को फांसी और शेष आरोपियों को छह माह की सजा की मांग की — और कहा कि यह चोरी नहीं, करोड़ों सनातनियों की आस्था का हरण है।

मुख्य बातें

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 27 जून को राम मंदिर दान चोरी मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को फांसी की सजा देने की मांग की।
शेष आरोपियों के लिए छह-छह महीने की सजा की मांग की गई, जिसके बाद रिहाई का सुझाव दिया।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को परमहंस आचार्य ने पूर्ण समर्थन दिया।
मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच जारी है; अधिकारियों के अनुसार और तथ्य सामने आ सकते हैं।
परमहंस आचार्य ने कहा कि पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी के नाम के आगे 'श्री' लिखा जाना उसकी दबंगई का प्रमाण है।

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले ने संत समाज में गहरा आक्रोश पैदा किया है। तपस्वी छावनी पीठ के अयोध्या धाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 27 जून को इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि यह मामला केवल चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था पर प्रहार है।

जगद्गुरु परमहंस आचार्य का बयान

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो बात कही है, वह पूरी तरह उचित है। उन्होंने कहा, 'रावण ने तो केवल जगत जननी माता सीता का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी करने वाले लोगों ने करोड़ों सनातनियों की आस्था की चोरी की है।' उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई हो और कानून के तहत उन्हें सख्त सजा मिले।

टिन्नू यादव पर विशेष आक्रोश

परमहंस आचार्य ने मामले के कथित मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले के सरगना टिन्नू यादव को फांसी की सजा होनी चाहिए और शेष आरोपियों को छह-छह महीने की सजा के बाद छोड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियुक्त की दबंगई का आलम यह है कि पुलिस को उसके नाम के आगे 'श्री' लिखना पड़ रहा है, जो स्वयं में इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पहले की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि रावण ने केवल माता जानकी का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर के दान पात्र से धन की चोरी करना लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को आहत करने जैसा है। शास्त्री ने यह भी बताया था कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है, तथा जांच आगे बढ़ने पर और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।

आस्था और कानून — दोहरा न्याय

शास्त्री ने यह भी कहा था कि राम मंदिर में भगवान राम को समर्पित दान राशि में गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति केवल कानूनी दंड ही नहीं, बल्कि ईश्वर के न्याय का भी भागी बनेगा। उनके अनुसार, जिसने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उसे अपने कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का सर्वोच्च केंद्र बना हुआ है और इसकी पवित्रता को लेकर संत समाज अत्यंत संवेदनशील है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार मामले में जांच जारी है और यदि अन्य व्यक्ति भी संलिप्त पाए गए तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। संत समाज की बढ़ती मांगों के बीच यह देखना होगा कि प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया इस संवेदनशील मामले में कितनी त्वरित कार्रवाई करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि भारतीय कानून में मृत्युदंड केवल 'दुर्लभतम में दुर्लभ' मामलों में दिया जाता है — और संपत्ति से जुड़े अपराध उस श्रेणी में नहीं आते। इस मामले में आरोपी की कथित दबंगई और पुलिस रिकॉर्ड में 'श्री' का उल्लेख प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। असली परीक्षा यह है कि जांच एजेंसियाँ राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करती हैं या नहीं। राम मंदिर जैसी संवेदनशील संस्था में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना लंबे समय से लंबित सुधार है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान चोरी मामला क्या है?
यह मामला अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने क्या मांग की है?
तपस्वी छावनी पीठ के अयोध्या धाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को फांसी की सजा और शेष आरोपियों को छह-छह महीने की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह चोरी करोड़ों सनातनियों की आस्था का हरण है।
इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
परमहंस आचार्य के अनुसार इस मामले का कथित मुख्य आरोपी टिन्नू यादव है। उन्होंने दावा किया कि उसकी दबंगई का आलम यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में उसके नाम के आगे 'श्री' लिखा जाता है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर क्या कहा था?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि राम मंदिर के दान पात्र से धन की चोरी लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को आहत करना है। उन्होंने यह भी कहा था कि जांच में यदि अन्य लोग शामिल पाए गए तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और जांच आगे बढ़ने पर और तथ्य सामने आ सकते हैं। संत समाज के बढ़ते दबाव के बीच प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई की गति पर सभी की नज़रें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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