दिलीप घोष का बड़ा दावा: BJP सरकार की सख्त नीति से हजारों घुसपैठिए बांग्लादेश लौटने को तैयार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 28 मई 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त नीति का असर दिखने लगा है और खबरों के अनुसार हजारों लोग बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया।
घुसपैठ पर BJP सरकार का रुख
घोष ने कहा, 'राज्य में अवैध घुसपैठियों को पहले सरकारी सुविधाएं और नागरिकता प्रमाण पत्र दिए जाते थे, लेकिन अब BJP सरकार की सख्त नीति के कारण स्थिति बदल रही है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से रह रहे किसी भी विदेशी नागरिक को सरकारी लाभ प्राप्त करने या यहाँ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके अनुसार बिना किसी बड़ी कार्रवाई के भी इस सख्त रुख ने संदेश साफ कर दिया है और 'खबरों के अनुसार हजारों लोग बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रहे हैं।'
ममता बनर्जी और मंत्रियों पर FIR का मामला
सिलीगुड़ी में ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा कि और भी कई एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी, उनके मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होने वाली हैं। जिस तरह से हिंदू धर्म, देश, संविधान, हमारे राष्ट्रीय नेताओं, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणियाँ की गईं, उसे देखते हुए जनता की तरफ से कई शिकायतें आनी चाहिए। सभी हदें पार हो चुकी हैं।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
लक्ष्मी भंडार योजना में 30 लाख संदिग्ध नाम
लक्ष्मी भंडार योजना में 30 लाख संदिग्ध नामों के आरोप पर घोष ने इसे बड़े पैमाने पर घोटाले का हिस्सा बताया। उनका आरोप है कि योजना का दुरुपयोग कर अवैध घुसपैठियों और फर्जी लाभार्थियों को फायदा पहुँचाया गया। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ईद उत्सव और सामाजिक सद्भाव पर टिप्पणी
ईद के अवसर पर घोष ने कहा कि विभिन्न धर्मों के त्योहार मनाए जाते रहेंगे, लेकिन किसी भी फैसले से आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुवेंदु अधिकारी की बांग्लादेश संबंधी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, हालाँकि उन्होंने इस पर विस्तार से कुछ नहीं कहा।
आगे क्या होगा
BJP नेताओं के इन बयानों के बाद राज्य में अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। लक्ष्मी भंडार योजना में कथित अनियमितताओं की जाँच और सिलीगुड़ी में दर्ज एफआईआर के आगे के घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।