15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिलीप घोष का बड़ा बयान: घुसपैठ और अवैध कब्जे खत्म होंगे तभी बंगाल में शांति संभव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिलीप घोष का बड़ा बयान: घुसपैठ और अवैध कब्जे खत्म होंगे तभी बंगाल में शांति संभव

सारांश

बंगाल में शांति की शर्त अब साफ — दिलीप घोष ने कहा कि सिर्फ कुछ हजार नहीं, लाखों घुसपैठियों को हटाना होगा। अवैध कब्जे, चुनाव बाद हिंसा और TMC नेता पर ED की कार्रवाई — एक बयान में कई मोर्चों पर हमला।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने पश्चिम मेदिनीपुर में कहा कि घुसपैठ और अवैध कब्जे खत्म होंगे तभी बंगाल में शांति आएगी।
घोष के अनुसार यह 2,000–5,000 नहीं, बल्कि 'करोड़ों' घुसपैठियों को हटाने का मामला है।
अवैध कब्जे पर सख्त रुख — निजी और सरकारी दोनों जमीनों पर मामला दर्ज करने की माँग।
चुनाव बाद हिंसा पर कहा — पुलिस ने कई गिरफ्तारियाँ की हैं, अवैध राजनीतिक संबंध उजागर हो रहे हैं।
TMC नेता सुजीत बोस पर ED की कार्रवाई पर बोले — 'ऐसे और भी लोग जेल जाएंगे, फैसला अदालत करेगी।'

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार, 31 मई 2025 को पश्चिम मेदिनीपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य में घुसपैठ और अवैध कब्जे की समस्या को जड़ से समाप्त किए बिना बंगाल में स्थायी शांति नहीं आ सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा कुछ हजार लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि कहीं बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जरूरत है।

घुसपैठिए और बांग्लादेश वापसी पर बयान

घोष ने कहा, 'अभी घुसपैठिए अपनी मर्जी से खुद ही बांग्लादेश लौट रहे हैं। लेकिन यह सिर्फ 2,000 या 5,000 लोगों को हटाने का मामला नहीं है। हर दिन लाखों लोगों को हटाना पड़ेगा। तभी यहां रहने वाले करोड़ों घुसपैठिए यहां से जाएंगे।' उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और कानून-व्यवस्था की समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार हैं।

अवैध कब्जे पर सख्त रुख

राज्य में बढ़ते अतिक्रमण की घटनाओं पर दिलीप घोष ने कहा कि चाहे निजी जमीन हो या सरकारी, हर जगह अवैध कब्जे के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जो व्यक्ति इसके लिए जिम्मेदार है, उसे अतिक्रमण हटाना चाहिए, उसे तोड़ देना चाहिए और जमीन खाली कर देनी चाहिए। अन्यथा, कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में जमीन अतिक्रमण के मामले राजनीतिक विवाद का केंद्र बने हुए हैं।

चुनाव बाद हिंसा पर प्रतिक्रिया

चुनाव के बाद की हिंसा पर घोष ने कहा कि जो अपराधी और असामाजिक तत्व राजनीति में घुस आए थे, वे कई जगहों पर समस्याएं खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पुलिस अपना काम कर रही है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के साथ उनके जो अवैध संबंध थे, अब उनका खुलासा हो गया है।' घोष ने भरोसा दिलाया कि बंगाल में कोई भी कानून के खिलाफ काम नहीं कर पाएगा।

सुजीत बोस पर ईडी कार्रवाई

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर घोष ने कहा कि ऐसे कई लोग पहले से ही सलाखों के पीछे हैं और आगे भी जाएंगे। उन्होंने कहा, 'कानूनी कार्यवाही अदालत के हाथों में है। अदालत क्या करेगी, यह फैसला अदालत ही करेगी।' गौरतलब है कि TMC के कई नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों की जांच पिछले कुछ वर्षों से जारी है। आने वाले दिनों में इन मामलों में अदालती फैसले राज्य की राजनीति को और प्रभावित कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने बंगाल में घुसपैठ पर क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि घुसपैठिए स्वेच्छा से बांग्लादेश लौट रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है — करोड़ों लोगों को हटाना होगा। उनके अनुसार ये लोग सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था की समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं।
पश्चिम बंगाल में अवैध कब्जे पर दिलीप घोष का क्या रुख है?
घोष ने कहा कि निजी और सरकारी दोनों तरह की जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्ति को कब्जा हटाना होगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी।
सुजीत बोस पर ED की कार्रवाई पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
घोष ने कहा कि TMC नेता सुजीत बोस जैसे कई लोग पहले से जेल में हैं और आगे भी जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी फैसला अदालत के हाथों में है।
चुनाव बाद बंगाल में हिंसा पर सरकार क्या कर रही है?
दिलीप घोष के अनुसार पुलिस ने कई अपराधियों और असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में घुसे अपराधियों के अवैध संबंध अब उजागर हो रहे हैं और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
दिलीप घोष के अनुसार बंगाल में शांति कब आएगी?
घोष का कहना है कि घुसपैठ की समस्या को जड़ से खत्म करना और अवैध कब्जे हटाना जरूरी है — इसके बिना बंगाल में स्थायी शांति संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले