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दिलीप घोष की अवैध बांग्लादेशियों को चेतावनी: 'खुद जाएं, वरना सरकार कार्रवाई करेगी'

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दिलीप घोष की अवैध बांग्लादेशियों को चेतावनी: 'खुद जाएं, वरना सरकार कार्रवाई करेगी'

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों को सीधी चेतावनी दी — स्वेच्छा से लौटें या सरकारी कार्रवाई का सामना करें। साथ ही एसआईआर विरोध मामले में एनआईए ने 15 लोगों को अदालत में पेश किया।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 27 मई 2026 को कोलकाता में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को स्वेच्छा से लौटने या सरकारी कार्रवाई झेलने की चेतावनी दी।
घोष ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने घुसपैठियों को वोटर कार्ड और आधार कार्ड देकर उन्हें मतदाता बनाया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने का ऐलान कर चुके हैं।
एनआईए ने एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग का घेराव करने वाले 15 लोगों को अदालत में पेश किया।
घोष ने TMC विधायकों और सांसदों को विकास बैठकों में शामिल होने का भी स्वागत किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार, 27 मई 2026 को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ये लोग स्वेच्छा से नहीं लौटे, तो सरकार अपना काम करने के लिए बाध्य होगी। अवैध घुसपैठियों के पास वोटर कार्ड और आधार कार्ड होने का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है।

घोष का बयान: क्या कहा मंत्री ने

घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'वे यहां पर क्यों रहेंगे? वे भारत में अवैध रूप से रहकर सारी सुविधाएं ले रहे हैं। सारी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। पिछली सरकार उन्हें यहां नागरिक और मतदाता बनाकर उनके वोट डलवाती थी और सारी सुविधाएं देती थी। अब ऐसा नहीं चलेगा और अवैध लोगों को अलग किया जाएगा।'

उन्होंने आगे कहा, 'अगर वे खुद चले जाएं तो अच्छी बात है। इतने दिनों तक कमाया-खाया, उसके लिए शुक्रिया। नहीं तो सरकार को अपना काम करना पड़ेगा।' घोष ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अवैध घुसपैठियों को वापस भेजा जाएगा।

एनआईए की कार्रवाई: एसआईआर विरोध मामले में 15 लोग पेश

इसी बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग का घेराव करने वाले 15 लोगों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अदालत में पेश किया। इस घटनाक्रम पर घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा, 'जिन लोगों ने एसआईआर का विरोध किया, सरकारी कर्मचारी होते हुए भी चुनाव आयोग का घेराव किया, वह बहुत ही गलत है। अब उन्हें भी सामने लाया जाएगा, जिनकी बातों पर वे लोग प्रदर्शन कर रहे थे।'

गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल में पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है, और यह मामला उसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।

विपक्ष के साथ सहयोग पर रुख

घोष ने एक अलग सुर में यह भी कहा कि राज्य के विकास कार्यों में सभी दलों की भागीदारी ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और सांसद भी उत्तर बंगाल में होने वाली बैठकों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम सभी को बुला रहे हैं। विकास में हर किसी के योगदान की आवश्यकता है। जिन्हें जनता ने चुना है, हमें उन्हें साथ लेना चाहिए।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा BJP के केंद्रीय एजेंडे में प्रमुख स्थान रखता है। आलोचकों का कहना है कि अवैध प्रवासियों को दस्तावेज़ मिलना एक दीर्घकालिक प्रशासनिक विफलता है, जिसके लिए केवल एक दल को दोष नहीं दिया जा सकता। TMC ने अभी तक इस ताज़ा बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आगे देखें तो घुसपैठियों की पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया कितनी तेज़ और पारदर्शी होती है, यह इस मुद्दे की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

केंद्रीय एजेंसियों की भी विफलता है। एनआईए द्वारा एसआईआर विरोधियों पर कार्रवाई और निर्वासन की चेतावनी एक साथ आना संकेत देता है कि यह मुद्दा अब केवल बयानबाज़ी से आगे बढ़ रहा है — परंतु पारदर्शी क्रियान्वयन के बिना यह भी पिछली घोषणाओं की तरह सुर्खी तक सिमट सकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने अवैध बांग्लादेशियों को क्या चेतावनी दी?
दिलीप घोष ने कहा कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए यदि स्वेच्छा से भारत छोड़कर नहीं जाते, तो सरकार उन्हें निर्वासित करने के लिए बाध्य कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही इस दिशा में स्पष्ट संकेत दे चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों के पास वोटर कार्ड और आधार कार्ड कैसे हैं?
घोष के अनुसार, पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों को जानबूझकर नागरिक और मतदाता बनाकर उन्हें सरकारी सुविधाएं दीं और उनके वोट का इस्तेमाल किया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और विपक्ष इसे राजनीतिक आरोप मानता है।
एनआईए ने एसआईआर मामले में किसे अदालत में पेश किया?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग का घेराव करने वाले 15 लोगों को अदालत में पेश किया। घोष ने कहा कि इन लोगों को उकसाने वालों की भी पहचान की जाएगी।
क्या BJP पश्चिम बंगाल में TMC के साथ सहयोग कर रही है?
घोष ने बताया कि TMC के विधायक और सांसद उत्तर बंगाल में विकास से जुड़ी बैठकों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि BJP सरकार सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को विकास प्रक्रिया में शामिल करना चाहती है।
अवैध घुसपैठियों को निर्वासित करने की प्रक्रिया क्या होगी?
घोष के बयान के अनुसार, सरकार पहले घुसपैठियों को स्वेच्छा से जाने का अवसर देगी और यदि वे नहीं जाते तो सरकारी कार्रवाई की जाएगी। निर्वासन की विस्तृत प्रक्रिया या समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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