मध्य पूर्व तनाव से सोना ₹1,43,221 पर फिसला, चांदी ₹2,22,116 पर; कच्चा तेल 1% उछला
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 9 जुलाई को कमोडिटी बाज़ारों में बिकवाली का दबाव रहा, जब अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की वजह से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों करीब आधा प्रतिशत कमज़ोर हो गए। अमेरिका द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान पर हवाई हमले और ईरान की बहरीन व कुवैत पर जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक अनिश्चितता को और गहरा कर दिया।
सोने में गिरावट का हाल
MCX पर सोने का 5 अगस्त का वायदा अनुबंध पिछली बंद कीमत ₹1,43,711 के मुकाबले ₹1,43,451 पर खुला। सुबह 10 बजे IST तक यह ₹490 यानी 0.34% की कमज़ोरी के साथ ₹1,43,221 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती सत्र में सोने ने ₹1,43,101 का निचला स्तर और ₹1,43,511 का ऊपरी स्तर छुआ।
चांदी में तेज़ दबाव
चांदी में गिरावट और अधिक तीखी रही। 4 सितंबर 2026 के वायदा अनुबंध ने पिछली बंद कीमत ₹2,23,437 के मुकाबले ₹1,437 की कमज़ोरी के साथ ₹2,22,000 पर कारोबार शुरू किया। बाद में यह ₹1,321 यानी 0.59% की गिरावट के साथ ₹2,22,116 पर था। दिन के कारोबार में चांदी ने ₹2,21,502 का निचला और ₹2,22,761 का ऊपरी स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर बिकवाली का असर दिखा। COMEX पर सोना 0.26% की कमज़ोरी के साथ $4,071 प्रति औंस और चांदी 0.45% की गिरावट के साथ $58 प्रति औंस पर था। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक आमतौर पर संकट में सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं — लेकिन विश्लेषकों के अनुसार, इस बार तनाव की तीव्रता से मुनाफ़ावसूली और डॉलर की मज़बूती ने धातुओं पर दबाव बनाया।
कच्चे तेल में उछाल
मध्य पूर्व संकट का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर उल्टा पड़ा। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक की तेज़ी के साथ करीब $79 प्रति बैरल और WTI क्रूड करीब $75 प्रति बैरल पर बना रहा। आपूर्ति बाधा की आशंका ने तेल बाज़ार को सहारा दिया।
आगे क्या
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव का स्तर और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा आने वाले सत्रों में सोने-चांदी की चाल तय करेगी। यदि संघर्ष और फैला, तो कीमती धातुओं में फिर से सुरक्षित-निवेश माँग बढ़ सकती है।