WBJEE काउंसलिंग 2025: पहले राउंड में ही सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की 100% सीटें भरीं, रजिस्ट्रेशन में 34% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में डब्ल्यूबीजेईई (WBJEE) काउंसलिंग के पहले राउंड में ही सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की सभी सीटें भर गई हैं — और यह कई वर्षों में पहली बार हुआ है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 9 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते विश्वास का प्रमाण बताया। इस वर्ष इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए पंजीकरण में पिछले वर्ष की तुलना में 34.26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स पर लिखा, 'यह बहुत गर्व और उम्मीद की बात है कि कई सालों में पहली बार, डब्ल्यूबीजेईई काउंसलिंग के पहले ही राउंड में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की सभी सीटें भर गई हैं।' उन्होंने कहा कि यह रुझान स्पष्ट करता है कि मेधावी छात्र-छात्राएँ अब उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए अपने राज्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में काफी पहले शुरू हो गई। जहाँ 2024 में पहले राउंड के लिए 27,135 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 36,431 हो गई है।
सीट आवंटन की स्थिति
राज्य के कुल 87 इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में पहले राउंड के लिए प्रवेश प्रक्रिया शनिवार, 11 जुलाई तक जारी रहेगी। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में लगभग 100 प्रतिशत सीटें पहले ही राउंड में आवंटित कर दी गई हैं। निजी संस्थानों में भी बड़ी संख्या में सीटों का आवंटन हो चुका है।
काउंसलिंग के कुल 3 राउंड जुलाई माह के भीतर ही पूरे किए जाने का कार्यक्रम है। फार्मेसी पाठ्यक्रम के लिए काउंसलिंग भी शीघ्र शुरू होने की जानकारी दी गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया और लक्ष्य
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के आधुनिकीकरण और नवाचार पर आधारित वातावरण निर्माण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
उन्होंने 'ब्रेन ड्रेन' को 'ब्रेन गेन' में बदलने का लक्ष्य दोहराया और कहा कि राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराए जाएँगे, ताकि प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी पश्चिम बंगाल में ही अपना भविष्य बना सके।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह आँकड़ा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में छात्रों का अन्य राज्यों में इंजीनियरिंग प्रवेश लेना एक चिंता का विषय रहा है। पहले राउंड में ही सभी सरकारी सीटों का भरना यह संकेत देता है कि राज्य के छात्र स्थानीय संस्थानों पर भरोसा जता रहे हैं। गौरतलब है कि यह प्रवृत्ति राज्य की शिक्षा नीति के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
काउंसलिंग के शेष दो राउंड जुलाई में पूरे होने की उम्मीद है, जिसके बाद इस वर्ष इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है। फार्मेसी काउंसलिंग की तिथियों की घोषणा भी शीघ्र अपेक्षित है।