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भारत की वैश्विक खेल पहचान मजबूत: 2025-28 में 65+ अंतरराष्ट्रीय आयोजन, मांडविया ने गिनाए फायदे

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भारत की वैश्विक खेल पहचान मजबूत: 2025-28 में 65+ अंतरराष्ट्रीय आयोजन, मांडविया ने गिनाए फायदे

सारांश

डेढ़ साल में 36 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, 15 से अधिक शहर और 2025-28 के बीच 65+ आयोजनों का खाका — भारत अब सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि वैश्विक खेल मंच का मेजबान बन रहा है। 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक की दावेदारी इसी नींव पर टिकी है।

मुख्य बातें

जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच भारत ने 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि मेजबानी से खिलाड़ियों का विदेश यात्रा खर्च घटता है और आयोजन क्षमता बढ़ती है।
जुलाई-दिसंबर 2026 में 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं निर्धारित हैं, जिनमें कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप और विश्व स्नूकर चैंपियनशिप शामिल हैं।
भारत ने 2027-28 के लिए 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के अधिकार हासिल किए, जिनमें विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028 ( भुवनेश्वर ) प्रमुख है।
2025 से 2028 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का लक्ष्य भारत को प्रमुख वैश्विक खेल आयोजक देशों में शामिल करेगा।
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक एवं पैरालंपिक की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी सक्रिय रूप से मजबूत कर रहा है।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी से भारत की वैश्विक पहचान सुदृढ़ होती है और खिलाड़ियों को अपनी ही धरती पर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है। 9 जुलाई 2026 को खेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच भारत ने 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देश 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक एवं पैरालंपिक की दावेदारी भी मजबूत कर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम: 36 आयोजन, 15 से अधिक शहर

खेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, डेढ़ वर्ष की इस अवधि में नई दिल्ली, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, राजगीर, पटना, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ और महाबलीपुरम जैसे शहर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। इन प्रतियोगिताओं में विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, विश्व कप, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट और महाद्वीपीय क्वालीफायर जैसे बड़े आयोजन शामिल रहे।

इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, मुक्केबाजी, टेबल टेनिस, फुटबॉल, तैराकी, पैरा स्पोर्ट्स, शतरंज, साइकिलिंग, फेंसिंग, वॉलीबॉल, रग्बी और सर्फिंग सहित विविध खेल विधाएं शामिल रहीं। गौरतलब है कि इनमें से कई प्रतियोगिताओं की मेजबानी भारत ने पहली बार की।

मांडविया का बयान: खर्च घटेगा, अनुभव बढ़ेगा

मंत्री मांडविया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी अब भारत के खेल विकास का अभिन्न अंग बन चुकी है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन न केवल देश की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं, बल्कि खिलाड़ियों को मजबूत विदेशी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेलने का अवसर भी देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे खिलाड़ियों का विदेश यात्रा पर होने वाला खर्च घटता है और अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा स्वयंसेवकों को बड़े आयोजनों का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

आगे क्या: जुलाई-दिसंबर 2026 में 11 और आयोजन

जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन निर्धारित है। इनमें कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप, विश्व स्नूकर चैंपियनशिप, पैरा आर्चरी एशिया कप, वर्ल्ड सर्फ लीग के मुकाबले, एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप तथा बैडमिंटन, फुटबॉल और रग्बी के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, भारत ने 2027 और 2028 के लिए 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अधिकार पहले ही हासिल कर लिए हैं। इनमें भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028, आईएसएसएफ विश्व कप, एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप, एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एफआईएच प्रो लीग के मुकाबले और कई पैरा एथलेटिक्स, टेबल टेनिस व सर्फिंग प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

2030 और 2036 की तैयारी: अनुभव का खाका

मांडविया ने स्पष्ट किया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए देशभर में आयोजित इन प्रतियोगिताओं से मिला अनुभव अत्यंत उपयोगी साबित होगा। खेल मंत्रालय के अनुसार, कई राष्ट्रीय खेल महासंघ भविष्य में और अधिक एशियाई तथा विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए बोली भी लगा रहे हैं।

आम जनता और खेल संस्कृति पर असर

मंत्रालय का मानना है कि 2025 से 2028 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी भारत को दुनिया के प्रमुख खेल आयोजक देशों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी। इससे देश की खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और घरेलू खेल संस्कृति को भी व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन आयोजनों ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और रैंकिंग पर कितना मापनीय असर डाला। मेजबानी का अनुभव 2036 ओलंपिक बोली के लिए ज़रूरी है, मगर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति बुनियादी ढांचे और शासन की गुणवत्ता को संख्याओं से ऊपर रखती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'पहली बार मेजबानी' की उपलब्धि तब और सार्थक होगी जब इन खेलों में भारतीय पदक तालिका भी उसी अनुपात में बढ़े।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने 2025-26 में कितने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन किए?
खेल मंत्रालय के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच भारत ने 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया। इनमें विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप और महाद्वीपीय क्वालीफायर जैसे बड़े आयोजन शामिल रहे।
मनसुख मांडविया ने खेल मेजबानी के क्या फायदे गिनाए?
मंत्री मांडविया ने कहा कि घरेलू मेजबानी से खिलाड़ियों का विदेश यात्रा खर्च कम होता है, उन्हें मजबूत विदेशी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने का अवसर मिलता है और अधिकारियों व तकनीकी विशेषज्ञों को बड़े आयोजनों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
2026 के दूसरे हाफ में भारत में कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन होंगे?
जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 11 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं निर्धारित हैं। इनमें कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप, विश्व स्नूकर चैंपियनशिप, पैरा आर्चरी एशिया कप, वर्ल्ड सर्फ लीग और एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप प्रमुख हैं।
भारत 2027-28 में कौन-से बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन करेगा?
भारत ने 2027-28 के लिए 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के अधिकार हासिल किए हैं। इनमें भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028, आईएसएसएफ विश्व कप, एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप और एफआईएच प्रो लीग के मुकाबले शामिल हैं।
भारत की 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक बोली की तैयारी कहाँ तक पहुंची है?
भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी में जुटा है और 2036 ओलंपिक एवं पैरालंपिक की दावेदारी भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। खेल मंत्रालय के अनुसार, 2025-28 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से मिला अनुभव इन बड़े आयोजनों की तैयारी को और मजबूत करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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