भारत की वैश्विक खेल पहचान मजबूत: 2025-28 में 65+ अंतरराष्ट्रीय आयोजन, मांडविया ने गिनाए फायदे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी से भारत की वैश्विक पहचान सुदृढ़ होती है और खिलाड़ियों को अपनी ही धरती पर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है। 9 जुलाई 2026 को खेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच भारत ने 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देश 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक एवं पैरालंपिक की दावेदारी भी मजबूत कर रहा है।
मुख्य घटनाक्रम: 36 आयोजन, 15 से अधिक शहर
खेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, डेढ़ वर्ष की इस अवधि में नई दिल्ली, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, राजगीर, पटना, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ और महाबलीपुरम जैसे शहर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। इन प्रतियोगिताओं में विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, विश्व कप, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट और महाद्वीपीय क्वालीफायर जैसे बड़े आयोजन शामिल रहे।
इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, मुक्केबाजी, टेबल टेनिस, फुटबॉल, तैराकी, पैरा स्पोर्ट्स, शतरंज, साइकिलिंग, फेंसिंग, वॉलीबॉल, रग्बी और सर्फिंग सहित विविध खेल विधाएं शामिल रहीं। गौरतलब है कि इनमें से कई प्रतियोगिताओं की मेजबानी भारत ने पहली बार की।
मांडविया का बयान: खर्च घटेगा, अनुभव बढ़ेगा
मंत्री मांडविया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी अब भारत के खेल विकास का अभिन्न अंग बन चुकी है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन न केवल देश की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं, बल्कि खिलाड़ियों को मजबूत विदेशी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेलने का अवसर भी देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे खिलाड़ियों का विदेश यात्रा पर होने वाला खर्च घटता है और अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा स्वयंसेवकों को बड़े आयोजनों का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
आगे क्या: जुलाई-दिसंबर 2026 में 11 और आयोजन
जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 11 और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन निर्धारित है। इनमें कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप, विश्व स्नूकर चैंपियनशिप, पैरा आर्चरी एशिया कप, वर्ल्ड सर्फ लीग के मुकाबले, एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप तथा बैडमिंटन, फुटबॉल और रग्बी के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, भारत ने 2027 और 2028 के लिए 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अधिकार पहले ही हासिल कर लिए हैं। इनमें भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028, आईएसएसएफ विश्व कप, एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप, एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, एफआईएच प्रो लीग के मुकाबले और कई पैरा एथलेटिक्स, टेबल टेनिस व सर्फिंग प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
2030 और 2036 की तैयारी: अनुभव का खाका
मांडविया ने स्पष्ट किया कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए देशभर में आयोजित इन प्रतियोगिताओं से मिला अनुभव अत्यंत उपयोगी साबित होगा। खेल मंत्रालय के अनुसार, कई राष्ट्रीय खेल महासंघ भविष्य में और अधिक एशियाई तथा विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए बोली भी लगा रहे हैं।
आम जनता और खेल संस्कृति पर असर
मंत्रालय का मानना है कि 2025 से 2028 के बीच 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी भारत को दुनिया के प्रमुख खेल आयोजक देशों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी। इससे देश की खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और घरेलू खेल संस्कृति को भी व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।