30 अगस्त 2026
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ममता-अभिषेक के गिरफ्तारी वारंट पर दिलीप घोष का बड़ा बयान: 'बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं'

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ममता-अभिषेक के गिरफ्तारी वारंट पर दिलीप घोष का बड़ा बयान: 'बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं'

सारांश

बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने मुर्शिदाबाद में साफ कहा — ममता और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर 'बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं।' PM आवास योजना सर्वे में TMC कार्यकर्ताओं की घुसपैठ पर भी सरकार सतर्क है।

मुख्य बातें

बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने 30 अगस्त को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में कहा — 'बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं।' TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को उन्होंने न्यायसंगत कानूनी प्रक्रिया बताया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे टीम में TMC कार्यकर्ताओं की संलिप्तता न हो, इसके लिए सरकार निगरानी कर रही है।
नेपाल बाढ़ पर घोष ने कहा — भारत पड़ोसी के रूप में हर संकट में नेपाल के साथ खड़ा रहेगा।
घोष ने सदरघाट और नेताजी सुभाष द्वीप का दौरा कर कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद किया।

पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने 30 अगस्त को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में सुबह की सैर के दौरान मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि राज्य में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है — यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट के संदर्भ में आई। मंत्री ने सदरघाट और नेताजी सुभाष द्वीप का दौरा किया और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।

गिरफ्तारी वारंट पर दिलीप घोष का रुख

अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर सीधे सवाल पूछे जाने पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'बंगाल में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। जो लोग कानून या अदालत का सम्मान नहीं करते, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और ऐसा हो भी रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि अदालत के आदेशों की अनदेखी कर सड़कें जाम करना और बैठकें आयोजित करना कानूनी कार्रवाई को न्यौता देता है। घोष ने यह भी जोड़ा कि सभी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे कानून के दायरे में रहें।

प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे में TMC कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चिंता

प्रधानमंत्री आवास योजना की 'सर्वे टीम' में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के शामिल होने के आरोपों पर घोष ने कहा कि सरकार इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस क्षेत्र के अधिकांश स्थानीय लोग पहले TMC सदस्य रहे हैं, लेकिन उन्होंने आश्वस्त किया कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वे कार्य में कोई भी सक्रिय तृणमूल कार्यकर्ता शामिल न हो। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के चयन को लेकर बंगाल में पहले भी राजनीतिक विवाद उठ चुके हैं।

नेपाल बाढ़ पर भारत की भूमिका

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारत की ओर से सहायता प्रदान करने के प्रश्न पर दिलीप घोष ने कहा, 'नेपाल में जो त्रासदी हुई, वह मानवता के ऊपर बहुत बड़ा आघात है। भारत एक पड़ोसी देश के रूप में हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल की स्वायत्तता का सम्मान करते हुए भारत हर संकट में सहयोग के लिए तत्पर है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता व्यक्त की जा रही है।

राजनीतिक संदर्भ और पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच तनाव चरम पर है। अभिषेक बनर्जी TMC के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे हैं। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होना राजनीतिक रूप से संवेदनशील घटनाक्रम माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि केंद्र सरकार की एजेंसियाँ विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, जबकि सरकार समर्थकों का तर्क है कि यह कानून के शासन की सामान्य प्रक्रिया है।

आगे क्या होगा

गिरफ्तारी वारंट के मामले में अदालती प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे की निगरानी को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच खींचतान जारी रहने के संकेत हैं। मंत्री दिलीप घोष का यह बयान आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यही मानक सत्ता पक्ष के नेताओं पर भी समान रूप से लागू होता है। बंगाल में केंद्र-राज्य टकराव की पृष्ठभूमि में गिरफ्तारी वारंट को 'कानून के शासन' के रूप में प्रस्तुत करना और विरोधियों द्वारा इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताना — दोनों आख्यान एक साथ चल रहे हैं। PM आवास योजना सर्वे में TMC की कथित घुसपैठ की चिंता वैध है, लेकिन इसकी स्वतंत्र जाँच के बिना यह भी एक राजनीतिक आरोप ही रहेगा। बंगाल की राजनीति में जब तक संस्थागत जवाबदेही दलीय रंग से मुक्त नहीं होती, तब तक 'कानून सबके लिए बराबर है' जैसे बयान केवल चुनावी बयानबाजी बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने ममता और अभिषेक बनर्जी के गिरफ्तारी वारंट पर क्या कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और जो लोग अदालत के आदेशों का सम्मान नहीं करते, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई स्वाभाविक है। उन्होंने यह बयान 30 अगस्त को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में मीडिया से बातचीत में दिया।
अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी हुआ?
स्रोत के अनुसार, अदालत के आदेशों की अनदेखी कर सड़कें जाम करने और बैठकें आयोजित करने के कारण यह वारंट जारी किया गया। मामले की विस्तृत न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना सर्वे में TMC कार्यकर्ताओं की भूमिका का विवाद क्या है?
आरोप है कि PM आवास योजना की सर्वे टीम में तृणमूल कांग्रेस समर्थक शामिल हैं। दिलीप घोष ने कहा कि सरकार इस पर नजर रखे हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई सक्रिय TMC कार्यकर्ता इस कार्य से न जुड़ा हो।
नेपाल बाढ़ पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
घोष ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ मानवता के लिए बड़ा आघात है और भारत एक पड़ोसी के रूप में हर संकट में नेपाल के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल की स्वायत्तता का सम्मान करते हुए भारत सहयोग के लिए तत्पर है।
दिलीप घोष 30 अगस्त को मुर्शिदाबाद में क्यों थे?
पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष रघुनाथगंज में सुबह की सैर पर निकले थे और उन्होंने सदरघाट तथा नेताजी सुभाष द्वीप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं व आम लोगों से मुलाकात की और मीडिया से विभिन्न विषयों पर बात की।
राष्ट्र प्रेस
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