दिलीप घोष का अभिषेक बनर्जी पर तंज: 'विपक्ष में रहने का आनंद लें', ममता के जिला दौरों पर भी कटाक्ष
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 29 अगस्त 2026 को मालदा में आयोजित साइकिल रैली में हिस्सा लेते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे कटाक्ष किए। घोष ने कहा कि जो नेता सत्ता में पले-बढ़े हैं, उन्हें अब विपक्ष की असली राजनीति का अनुभव करना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी पर सीधा प्रहार
मंत्री घोष ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा, 'उन्हें थोड़ा संघर्ष करना चाहिए। वे सत्ता में थे और इसका आनंद लिया। अब उन्हें अनुभव करने दें कि कुछ समय के लिए विपक्ष में रहना कैसा होता है।' उन्होंने आगे कहा कि अभिषेक सत्ता में रहते हुए राजनीति में आए, इसलिए विपक्ष में लड़ाई लड़ने का उन्हें कोई अनुभव नहीं है।
ममता बनर्जी के जिला दौरों पर कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जिलों के दौरों पर घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'उन्हें जाना चाहिए। जिलों में TMC के कितने लोग बचे हुए हैं, वे यह देखने जाएंगी। उन्हें एक बार कोशिश करने दीजिए।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद TMC अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में जुटी है।
कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर मंत्री घोष ने स्पष्ट किया कि सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है। उन्होंने कहा, 'एफआईआर दर्ज हो रही हैं, गिरफ्तारियाँ हो रही हैं और पूछताछ भी चल रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग न्यायालय के आदेशों को नहीं मानेंगे और कानून का पालन नहीं करेंगे, उन्हें सरकार कोई छूट नहीं देगी।
BJP सरकार के 100 दिन: विकास पर फोकस
राज्य में BJP सरकार के 100 दिन पूरे होने पर घोष ने कहा कि 12-15 वर्षों की अव्यवस्था को दुरुस्त करने में समय लगेगा। उन्होंने कहा, 'इस अव्यवस्था और जंजाल को साफ करने में ही एक-दो साल लग जाएंगे।' उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को पूरा समर्थन और संसाधन दिए हैं तथा वर्षों से रुके विकास कार्यों को फिर से शुरू किया जा रहा है।
पंचायत विभाग में सक्रियता
मंत्री घोष ने बताया कि वे स्वयं पंचायत विभाग का कार्यभार संभाल रहे हैं और हर जिले में जाकर बैठकें कर रहे हैं। गौरतलब है कि पंचायत स्तर पर TMC की पकड़ को तोड़ना BJP के लिए राज्य में दीर्घकालिक राजनीतिक स्थिरता की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सरकार की नीतियों और इरादों की रूपरेखा मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं, और घोष के ये दौरे उसी कड़ी का हिस्सा हैं।