बिलबोर्ड विवाद: डेरेक ओ ब्रायन शेक्सपियर सरानी थाने में पेश, अभिषेक बनर्जी से 6 घंटे पूछताछ के बाद TMC पर कसा शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन बुधवार, 2 सितंबर को मध्य कोलकाता के शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए निर्धारित समय से पहले ही उपस्थित हो गए। कैमक स्ट्रीट स्थित डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय के बाहर लगे अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर भड़के विवाद के संबंध में दर्ज तीन एफआईआर के सिलसिले में यह पूछताछ की जा रही है। इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
डेरेक ओ ब्रायन को मूलतः सोमवार को पुलिस स्टेशन में पेश होना था, लेकिन वे उस दिन अनुपस्थित रहे। उनके वकील ने कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर पेशी के लिए सात दिन का अतिरिक्त समय माँगा। पुलिस ने यह अपील खारिज कर दी और बुधवार दोपहर तक उपस्थित होने का नया नोटिस जारी किया। इस बार ब्रायन ने न केवल नोटिस का अनुपालन किया, बल्कि बुधवार सुबह 10:30 बजे ही अपनी कार से थाने पहुँच गए।
अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को भी बुधवार को उसी थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अभिषेक बनर्जी की लंबी पूछताछ
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी शेक्सपियर सरानी थाने में पेश हुए, जहाँ उनसे छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। यह पूछताछ उसी एफआईआर के संदर्भ में हुई जिसमें उनका नाम शामिल है।
विवाद की जड़: 27 अगस्त की झड़प
27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट पर उस समय तनाव भड़क उठा जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारी पुलिसकर्मियों के साथ अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय के बाहर लगे अवैध बिलबोर्ड हटाने पहुँचे। उन्हें अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन और TMC के अन्य नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
पुलिसकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, TMC कार्यकर्ताओं ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया।
एफआईआर और गिरफ्तारियाँ
शेक्सपियर सरानी थाने में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन और TMC के अन्य नेताओं का नाम शामिल है। पुलिस ने इस पूरे विवाद के सिलसिले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
आगे क्या होगा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC और प्रशासन के बीच तनाव के संकेत मिल रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब TMC के इतने वरिष्ठ नेताओं को एक ही मामले में लगातार पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। पूछताछ के नतीजों और संभावित अगले कदमों पर सभी की नज़रें टिकी हैं।