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अभिषेक बनर्जी से छह घंटे से अधिक पूछताछ, कोलकाता बिलबोर्ड विवाद में तीन FIR दर्ज

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अभिषेक बनर्जी से छह घंटे से अधिक पूछताछ, कोलकाता बिलबोर्ड विवाद में तीन FIR दर्ज

सारांश

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी से कोलकाता पुलिस ने छह घंटे से ज़्यादा पूछताछ की — वजह: कैमक स्ट्रीट दफ्तर पर बिलबोर्ड हटाने के दौरान 27 अगस्त को हुई झड़प। तीन FIR, 14 गिरफ्तारियाँ और बनर्जी का आरोपों से इनकार — यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गर्म है।

मुख्य बातें

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी से 1 सितंबर को शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में छह घंटे से अधिक पूछताछ की गई।
मामला 27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय की छत से अवैध बिलबोर्ड हटाने के दौरान हुई झड़प से जुड़ा है।
तीन में से दो FIR में अभिषेक बनर्जी , डेरेक ओ'ब्रायन , हुमायूं कबीर और बैश्वानर चटर्जी के नाम शामिल हैं।
इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बनर्जी ने महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा भंग करने के आरोप को खारिज किया और वीडियो सबूत होने का दावा किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार को शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन से बाहर निकले, जहाँ उनसे छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। यह पूछताछ 27 अगस्त को मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय की छत से कथित तौर पर अवैध बिलबोर्ड हटाने के दौरान हुई झड़प से जुड़े मामले में की गई।

मुख्य घटनाक्रम

27 अगस्त को तनाव तब बढ़ा जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के कर्मचारी पुलिस बल के साथ TMC के कैमक स्ट्रीट कार्यालय पर अवैध बिलबोर्ड हटाने पहुँचे। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में TMC कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं ने नगर निगम अधिकारियों और पुलिस का विरोध किया, जिससे हाथापाई की स्थिति बन गई।

शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, TMC कार्यकर्ताओं पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट करने और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश करने का आरोप है। इस घटना के सिलसिले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

किन नेताओं पर दर्ज हैं मामले

तीन में से दो FIR में अभिषेक बनर्जी के अलावा TMC नेता डेरेक ओ'ब्रायन, हुमायूं कबीर और बैश्वानर चटर्जी के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता में सत्तारूढ़ TMC और राज्य प्रशासन के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।

अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया

पूछताछ के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अपने और अपने सहयोगियों पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोप को 'झूठा' बताया।

बनर्जी ने कहा, 'उस दिन ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। किसी के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई। हमारे दावे के समर्थन में हमारे पास वीडियो सबूत हैं। पुलिस ने हमारे समर्थकों को बेरहमी से सीढ़ियों से नीचे घसीटा। अगर सरकार लोगों द्वारा चुनी गई है तो वह इतनी डरी हुई क्यों है?'

राजनीतिक चुनौती का ऐलान

TMC नेता ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई उन्हें राजनीतिक रूप से नहीं रोक पाएगी। उन्होंने कहा, 'वे जो चाहें कर सकते हैं। लोकतंत्र में शासकों की बात ही आखिरी नहीं होती। झूठे मामले हमें चुप नहीं करा पाएंगे।' आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर और पेचीदा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह उसी राज्य सरकार के अधीन है जिसकी पार्टी TMC है — यानी सत्तारूढ़ दल के भीतर की दरारें अब सार्वजनिक हो रही हैं। अभिषेक बनर्जी का 'वीडियो सबूत' का दावा अदालत में निर्णायक साबित हो सकता है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह मामला उनकी छवि और TMC की आंतरिक एकता दोनों की परीक्षा है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी से पूछताछ किस मामले में की गई?
पूछताछ 27 अगस्त को कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय से अवैध बिलबोर्ड हटाने के दौरान हुई झड़प से जुड़े मामले में की गई। इस घटना में पुलिस और KMC कर्मचारियों के साथ मारपीट और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा भंग करने के आरोप शामिल हैं।
कोलकाता बिलबोर्ड विवाद में कितनी FIR दर्ज हुई हैं और किन नेताओं के नाम हैं?
इस मामले में कुल तीन FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से दो में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन, हुमायूं कबीर और बैश्वानर चटर्जी के नाम शामिल हैं। अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अभिषेक बनर्जी ने आरोपों पर क्या कहा?
बनर्जी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 27 अगस्त को महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा भंग करने जैसी कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि उनके पास वीडियो सबूत हैं और कहा कि 'झूठे मामले उन्हें चुप नहीं करा पाएंगे।'
27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट पर क्या हुआ था?
27 अगस्त को KMC कर्मचारी पुलिस के साथ TMC के कैमक स्ट्रीट कार्यालय की छत से कथित अवैध बिलबोर्ड हटाने पहुँचे। आरोप है कि TMC कार्यकर्ताओं ने विरोध किया जिससे हाथापाई हुई और पुलिस-कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
अभिषेक बनर्जी के वीडियो सबूत के दावे की अदालत में जाँच होगी। मामले में 14 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और तीन FIR दर्ज हैं, इसलिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। राजनीतिक रूप से यह TMC के भीतर और विपक्षी दलों के लिए एक अहम मुद्दा बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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