मेघालय में एनपीपी के पास 33 विधायक, टिनसोंग बोले — सरकार 2028 तक पूरी तरह स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग ने 1 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के नौ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की खबरों के बावजूद मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) सरकार पर कोई संकट नहीं है। नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के राज्य अध्यक्ष के रूप में टिनसोंग ने दो-टूक कहा कि सत्ताधारी पार्टी अकेले अपने दम पर सरकार बनाए रखने में सक्षम है।
संख्या बल का दावा
टिनसोंग ने कहा, 'अकेले हमारी संख्या 33 है। सरकार बनाने के लिए हमें 30-31 की जरूरत है, इसलिए हम उस आंकड़े को पहले ही पार कर चुके हैं।' 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में बहुमत के लिए 31 सीटें आवश्यक हैं। एनपीपी का यह दावा सरकार की स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों का सीधा जवाब है।
यूडीपी विधायकों की खबरें — गठबंधन में नहीं, मीडिया में
टिनसोंग ने कहा कि यूडीपी विधायकों के BJP की ओर जाने की खबरें केवल मीडिया रिपोर्टों तक सीमित हैं और एमडीए गठबंधन के भीतर इसे कोई मुद्दा नहीं माना गया है। उन्होंने कहा, 'मैंने इसे सिर्फ अखबारों में देखा है। हमारी एमडीए की नियमित बैठकें होती हैं और जब भी चुनाव क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे होते हैं, हम उन पर चर्चा करने के लिए तैयार रहते हैं।'
गठबंधन की आंतरिक कार्यप्रणाली
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जब भी किसी सहयोगी दल को कोई चिंता होती है, वे सीधे नेतृत्व से संपर्क करते हैं — जिसमें वे स्वयं, मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'सभी सहयोगी मुझसे, मुख्यमंत्री से या स्नियावभलांग धर से बात करते हैं और हम इसे सुलझा लेते हैं। मुझे कोई समस्या नहीं दिखती।'
यूडीपी के भीतर आंतरिक मतभेद
टिनसोंग ने यूडीपी को लेकर उठ रही अटकलों की वजह पार्टी के आंतरिक मतभेदों को बताया, न कि किसी ऐसी घटना को जो एमडीए सरकार के लिए खतरा बने। उन्होंने कहा, 'यह अंदरूनी मुद्दों, यूडीपी के भीतर आपसी लड़ाई के कारण हो सकता है।' साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एनपीपी किसी अन्य दल के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगी — 'यह उनकी आंतरिक और व्यक्तिगत समझ है।'
सरकार का भविष्य
टिनसोंग ने भरोसे के साथ कहा कि एमडीए सरकार 2028 और उसके बाद तक अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्वोत्तर भारत की राजनीति में गठबंधन की अस्थिरता अक्सर चर्चा का विषय बनती है। गौरतलब है कि मेघालय में 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद एनपीपी ने एमडीए गठबंधन के साथ सरकार बनाई थी।