मेघालय हाई कोर्ट का निर्देश: शिलांग के पुलिस बाजार में NDPS मामलों के ताज़ा आंकड़े पेश करे सरकार
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय हाई कोर्ट ने 7 जुलाई 2026 को राज्य सरकार को शिलांग और उसके आसपास के क्षेत्रों — विशेष रूप से पुलिस बाजार जैसे व्यस्त वाणिज्यिक केंद्र — में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के अद्यतन आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह आदेश पुलिस बाजार क्षेत्र में कथित मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री की व्यापकता को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान जारी किया गया।
खंडपीठ और याचिका का विवरण
मुख्य न्यायाधीश रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगदोह की खंडपीठ ने मेवाकर लिंगदोह द्वारा भारत सरकार और अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। याचिका में पुलिस बाजार इलाके में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए कड़े प्रवर्तन उपायों की माँग की गई है।
सरकार का हलफनामा और पूर्व आदेश का अनुपालन
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता के. खान ने मेघालय सरकार की ओर से इस वर्ष 8 जून के हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में एक हलफनामा प्रस्तुत किया। पीठ ने इस शपथपत्र को रिकॉर्ड में ले लिया और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एस.पी. महंत को इसकी एक प्रति सौंपी गई।
शपथपत्र में राज्य सरकार ने मादक पदार्थ संबंधी अपराधों से निपटने के लिए उठाए गए उपायों का विवरण दिया तथा 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच NDPS अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का सारणीबद्ध ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसमें विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए और बाद में मेघालय पुलिस को सौंपे गए मादक पदार्थों के निपटान की जानकारी भी शामिल थी।
पुलिस बाजार में तस्करी की गंभीर चिंता
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस बाजार क्षेत्र — जो शिलांग के सबसे व्यस्त नागरिक और वाणिज्यिक केंद्रों में से एक है — और उसके आसपास मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध बिक्री एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने अदालत से इस अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य मादक पदार्थों की तस्करी के बढ़ते नेटवर्क से जूझ रहे हैं और उच्च न्यायालयों की सक्रिय भूमिका इस मुद्दे पर न्यायिक निगरानी को रेखांकित करती है।
अगली सुनवाई और निर्देश
राज्य के वकील ने अतिरिक्त समय का अनुरोध करते हुए पीठ को सूचित किया कि सरकार इस वर्ष जनवरी 2026 से अब तक दर्ज NDPS मामलों के ताज़ा आंकड़े — विशेष रूप से पुलिस बाजार क्षेत्र से संबंधित — अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। हाई कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को निर्धारित की, साथ ही अद्यतन आंकड़ों सहित एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।