29 जुलाई 2026
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मेघालय को एनपीपी ने दी 8 साल की राजनीतिक स्थिरता: डिप्टी सीएम स्नियावभलांग धर

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मेघालय को एनपीपी ने दी 8 साल की राजनीतिक स्थिरता: डिप्टी सीएम स्नियावभलांग धर

सारांश

शिलांग लोकसभा उपचुनाव की रैली में डिप्टी सीएम स्नियावभलांग धर ने एनपीपी के आठ साल के 'झगड़ा-मुक्त' शासन का दावा किया और पिछली सरकारों पर अस्थिरता का आरोप लगाया। उम्मीदवार नोंगलाइट के लिए की गई यह अपील राज्य-केंद्र तालमेल को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर ने 28 जुलाई को री भोई जिले के उमदिहार में चुनावी रैली को संबोधित किया।
धर ने दावा किया कि एनपीपी ने मेघालय को 8 वर्षों से अधिक की राजनीतिक स्थिरता दी, बिना किसी आंतरिक सत्ता संघर्ष के।
रैली शिलांग लोकसभा उपचुनाव में एनपीपी उम्मीदवार डीआरएल नोंगलाइट के समर्थन में आयोजित की गई।
धर ने तर्क दिया कि सत्तारूढ़ दल का सांसद चुनने से राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय और तेज विकास संभव होगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं से विभाजनकारी भाषा से बचने और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया गया।

मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर ने मंगलवार, 28 जुलाई को दावा किया कि सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) ने राज्य को आठ वर्षों से अधिक की अटूट राजनीतिक स्थिरता प्रदान की है — एक ऐसी उपलब्धि जो उनके अनुसार पिछली सरकारों के दौर में दुर्लभ थी। उन्होंने यह बात शिलांग लोकसभा उपचुनाव के लिए एनपीपी उम्मीदवार डीआरएल नोंगलाइट के समर्थन में री भोई जिले के उमसनिंग इलाके के उमदिहार में आयोजित एक चुनावी रैली में कही।

मुख्य घटनाक्रम

धर ने रैली में एनपीपी के शासनकाल की तुलना पूर्ववर्ती सरकारों से करते हुए कहा, 'आठ साल से ज़्यादा समय से हमने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या अन्य राजनीतिक पदों के लिए बिना किसी झगड़े के मेघालय में शासन किया है। हमारी प्राथमिकता लोगों की सेवा करना रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि एनपीपी के सत्ता में आने से पहले राज्य में नेतृत्व परिवर्तन बार-बार होते थे, जिससे शासन और विकास कार्य बाधित होते थे।

स्थिरता का दावा और पूर्व सरकारों पर निशाना

उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'आज मेघालय में सबसे स्थिर सरकारों में से एक है। स्थिरता ने हमें राजनीतिक आपसी लड़ाई के बजाय विकास पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब शिलांग लोकसभा उपचुनाव की तारीखें नज़दीक हैं और सभी दल मतदाताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटे हैं। धर का यह दावा स्वाभाविक रूप से एक दलीय कथन है और विपक्षी दलों की इस पर अलग राय हो सकती है।

उम्मीदवार नोंगलाइट के लिए अपील

धर ने एनपीपी उम्मीदवार डीआरएल नोंगलाइट को एक अनुभवी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में पेश किया, जो ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों को समझते हैं। उन्होंने री भोई और शिलांग संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े सांसद को चुनने से राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

राजनीतिक मर्यादा और एकजुटता का आह्वान

धर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार के दौरान विभाजनकारी भाषा से बचने और राजनीतिक शालीनता बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और अनावश्यक व्यक्तिगत हमलों से बचना चाहिए। राजनीति का मकसद लोगों में बंटवारा करने के बजाय गलतियों को सुधारना और लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम करना होना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि एनपीपी का नेतृत्व राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर जन कल्याण पर केंद्रित रहा है।

आगे क्या

शिलांग लोकसभा उपचुनाव में एनपीपी की जीत के लिए पार्टी पूरे संसदीय क्षेत्र में सक्रिय प्रचार में जुटी है। धर ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने और जनसमर्थन जुटाने की अपील की, ताकि उपचुनाव में पार्टी का प्रदर्शन मजबूत रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सत्यापन की कसौटी पर परखा जाना चाहिए — विशेषकर तब जब मेघालय की गठबंधन राजनीति में साझेदार दलों की भूमिका और उनके साथ तनाव की खबरें समय-समय पर आती रही हैं। शिलांग उपचुनाव में 'राज्य-केंद्र तालमेल' का तर्क एनपीपी का परंपरागत चुनावी हथियार है, लेकिन मतदाता यह भी देखेंगे कि पिछले कार्यकाल में इस तालमेल से ठोस परियोजनाएँ कितनी धरातल पर उतरीं। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और वास्तविक विकास संकेतकों के बिना, यह भाषण एकपक्षीय कथन से अधिक नहीं है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिलांग लोकसभा उपचुनाव में एनपीपी के उम्मीदवार कौन हैं?
शिलांग लोकसभा उपचुनाव में एनपीपी ने डीआरएल नोंगलाइट को अपना उम्मीदवार बनाया है। डिप्टी सीएम धर ने उन्हें एक अनुभवी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में पेश किया जो ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों को समझते हैं।
डिप्टी सीएम धर ने एनपीपी की राजनीतिक स्थिरता के बारे में क्या कहा?
धर ने दावा किया कि एनपीपी ने पिछले आठ वर्षों से अधिक समय में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या अन्य पदों को लेकर बिना किसी आंतरिक झगड़े के मेघालय में शासन किया है। उन्होंने इसकी तुलना पूर्ववर्ती सरकारों से की, जिनमें कथित तौर पर बार-बार नेतृत्व परिवर्तन होते थे।
री भोई जिले में रैली क्यों आयोजित की गई?
री भोई जिला शिलांग लोकसभा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। एनपीपी ने उपचुनाव के मद्देनजर उमसनिंग इलाके के उमदिहार में यह रैली आयोजित की, ताकि इस क्षेत्र के मतदाताओं तक अपना संदेश पहुँचाया जा सके।
एनपीपी ने 'राज्य-केंद्र तालमेल' का तर्क क्यों दिया?
धर ने तर्क दिया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़ा सांसद होने पर राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनता है और विकास परियोजनाओं को तेज़ी से मंजूरी मिलती है। यह एनपीपी का प्रमुख चुनावी तर्क है।
मेघालय में एनपीपी कब से सत्ता में है?
नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) मेघालय में 2018 से सत्ता में है। डिप्टी सीएम धर के अनुसार, पार्टी ने इस दौरान आठ वर्षों से अधिक समय तक बिना किसी आंतरिक सत्ता संघर्ष के राज्य में शासन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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