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मेघालय में बड़ी राजनीतिक हलचल: भाजपा ने पूर्व CM मुकुल संगमा को फिर दिया पार्टी में शामिल होने का न्योता

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मेघालय में बड़ी राजनीतिक हलचल: भाजपा ने पूर्व CM मुकुल संगमा को फिर दिया पार्टी में शामिल होने का न्योता

सारांश

मेघालय में 2028 चुनाव से पहले बड़ी राजनीतिक हलचल — भाजपा विधायक एएल हेक ने पूर्व CM मुकुल संगमा को फिर पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया। संगमा ने प्रस्ताव पर विचार के लिए समय मांगा है, जबकि 4 मौजूदा विधायक भी भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक एएल हेक ने 23 अप्रैल 2025 को कहा कि वे पूर्व CM मुकुल संगमा को एक बार फिर भाजपा में शामिल होने का निमंत्रण देंगे।
मुकुल संगमा ने प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया, बल्कि विचार के लिए समय मांगा है।
कम से कम चार मौजूदा विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
मुकुल संगमा ने 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थामा था।
संगमा एक नए क्षेत्रीय दल के गठन पर भी विचार कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
भाजपा की यह पहल पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की व्यापक चुनावी विस्तार रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

शिलांग, 23 अप्रैल — मेघालय की राजनीति में बड़ी हलचल सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एएल हेक ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वे एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष मुकुल संगमा से संपर्क करेंगे और उन्हें भाजपा की सदस्यता का औपचारिक निमंत्रण देंगे। यह घटनाक्रम 2028 के विधानसभा चुनावों से करीब दो साल पहले राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।

भाजपा की रणनीतिक पहल

एएल हेक ने बताया कि भाजपा मेघालय में अपने संगठन को व्यापक रूप से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत पार्टी अन्य दलों के प्रभावशाली नेताओं से सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कम से कम चार मौजूदा विधायक पहले से ही भाजपा के संपर्क में हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम उजागर नहीं किया।

हेक के अनुसार, पार्टी किसी पर कोई दबाव नहीं बना रही, बल्कि सोच-समझकर और धैर्यपूर्ण रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। यह भाजपा की उस व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

मुकुल संगमा का रुख और राजनीतिक यात्रा

मुकुल संगमा ने भाजपा के प्रस्ताव को सीधे तौर पर अस्वीकार नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इस पर विचार करने के लिए समय मांगा है, जिसे भाजपा ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है। हेक ने कहा कि पार्टी उन्हें पर्याप्त समय दे रही है और उचित अवसर पर फिर से संवाद किया जाएगा।

गौरतलब है कि मुकुल संगमा ने दशकों तक कांग्रेस में रहने के बाद 2021 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थामा था। वे मेघालय के सबसे प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में से एक माने जाते हैं और गारो हिल्स क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार है। उनके किसी भी राजनीतिक निर्णय का राज्य की सत्ता-समीकरण पर सीधा असर पड़ता है।

नए क्षेत्रीय दल की संभावना

सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि मुकुल संगमा वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का गहन आकलन कर रहे हैं। वे विभिन्न दलों के नेताओं से गुपचुप बातचीत में हैं। इसके अलावा, यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि वे एक नए क्षेत्रीय दल के गठन पर विचार कर सकते हैं, हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यह संभावना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेघालय में क्षेत्रीय दलों का ऐतिहासिक रूप से मजबूत आधार रहा है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) जैसे दलों की सफलता यह साबित करती है कि राज्य के मतदाता स्थानीय पहचान को प्राथमिकता देते हैं।

2028 चुनाव और मेघालय की बदलती राजनीति

विधानसभा चुनावों में अभी करीब दो साल का समय शेष है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियां अभी से चरम पर पहुंचती दिख रही हैं। भाजपा, जो मेघालय में फिलहाल सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, राज्य में अपना स्वतंत्र जनाधार विकसित करने की कोशिश में है।

यह उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर भारत में भाजपा ने पिछले एक दशक में जिस तरह अपनी उपस्थिति दर्ज की है — असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में — उसी पैटर्न को मेघालय में दोहराने की कोशिश साफ दिखती है। मुकुल संगमा जैसे जनाधार वाले नेता को साथ लाना इस रणनीति की कड़ी हो सकती है।

आने वाले महीनों में मुकुल संगमा का अगला राजनीतिक कदम न केवल उनके अपने भविष्य को, बल्कि 2028 के मेघालय विधानसभा चुनावों की पूरी तस्वीर को बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वोत्तर में उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत भाजपा हर राज्य में स्थानीय जनाधार वाले चेहरों के जरिए अपनी जड़ें जमाना चाहती है। विडंबना यह है कि संगमा, जो दशकों तक कांग्रेस के स्तंभ रहे और फिर TMC में गए, अब भाजपा के दरवाजे पर खड़े दिख रहे हैं — यह भारतीय राजनीति में विचारधारा की जगह सत्ता-केंद्रित व्यावहारिकता की जीत को दर्शाता है। मुख्यधारा की मीडिया इसे सिर्फ 'दलबदल' की खबर मान रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि गारो हिल्स का वह मतदाता क्या सोचता है जिसने संगमा को बार-बार चुना — और क्या भाजपा उस विश्वास को भुना पाएगी?
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकुल संगमा को भाजपा ने क्यों न्योता दिया?
मुकुल संगमा मेघालय के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं और गारो हिल्स क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार है। भाजपा 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए उन्हें पार्टी में शामिल करना चाहती है।
मुकुल संगमा ने भाजपा के प्रस्ताव पर क्या जवाब दिया?
मुकुल संगमा ने भाजपा के प्रस्ताव को सीधे अस्वीकार नहीं किया है। उन्होंने इस पर विचार करने के लिए समय मांगा है, जिसे भाजपा ने सकारात्मक संकेत माना है।
मुकुल संगमा पहले किस पार्टी में थे?
मुकुल संगमा लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रहे और मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे। 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थामा था।
मेघालय में भाजपा के कितने विधायक पार्टी में शामिल हो सकते हैं?
भाजपा विधायक एएल हेक के अनुसार, कम से कम चार मौजूदा विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले वे पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं बताया।
क्या मुकुल संगमा नई पार्टी बना सकते हैं?
सूत्रों के अनुसार, मुकुल संगमा एक नए क्षेत्रीय दल के गठन की संभावना पर विचार कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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