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नेपाल बाढ़: 1,114 शव बरामद, 4,858 लापता — सुरंगों में बचाव अभियान जारी

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नेपाल बाढ़: 1,114 शव बरामद, 4,858 लापता — सुरंगों में बचाव अभियान जारी

सारांश

नेपाल में फ्लैश बाढ़ ने 1,114 लोगों की जान ली है और 4,858 अभी भी लापता हैं। 11 पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में 983 कर्मचारियों का पता नहीं — नेपाली सेना, भारतीय और चीनी बचाव दल जुटे हैं। यह नेपाल की हाल के वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ त्रासदियों में से एक है।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में 2 सितंबर सुबह तक 1,114 शव बरामद; सर्वाधिक 348 शव चितवन जिले से।
एनडीआरआरएमए के अनुसार 3,916 और नेपाल पुलिस के अनुसार 4,858 लोग (583 विदेशी नागरिक सहित) लापता।
11 पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े 983 लोगों का अभी तक पता नहीं; रसुवा और नुवाकोट सर्वाधिक प्रभावित।
अपर त्रिशूली-1 पर बाढ़ के समय 1,433 कर्मचारी थे, जिनमें से 876 से संपर्क हो चुका है।
नेपाली सेना , भारतीय और चीनी सुरंग बचाव दल संयुक्त रूप से अभियान में जुटे हैं।
रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के भीतर निरीक्षण में कोई नहीं मिला; 91 लोग अभी भी लापता।

नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,114 तक पहुँच गई है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, बुधवार, 2 सितंबर को सुबह 9 बजे IST तक इतने शव बरामद किए जा चुके थे। खोज, बचाव और राहत अभियान अभी भी जारी है।

ज़िलेवार मृतकों का विवरण

सबसे अधिक शव दक्षिणी चितवन जिले से बरामद हुए — कुल 348। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट से 217, नवलपरासी वेस्ट से 190, नुवाकोट से 155, गोरखा से 66, धाडिंग से 59, रसुवा से 41 और तनहुं से 38 शव मिले हैं। एनडीआरआरएमए ने स्पष्ट किया है कि इन आँकड़ों में अलग-अलग स्थानों से बरामद शरीर के अंग भी शामिल हैं। अब तक 95 शवों की पहचान हो चुकी है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

लापता लोगों की संख्या में विसंगति

एनडीआरआरएमए के अनुसार, 3,916 लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें सरकारी कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, निर्वाचित प्रतिनिधि, विदेशी नागरिक, नेपाली गाइड के साथ आए विदेशी पर्यटक, स्थानीय निवासी और पनबिजली परियोजनाओं में कार्यरत मजदूर शामिल हैं।

हालाँकि, नेपाल पुलिस के आँकड़े इससे अलग हैं। पुलिस के अनुसार — जो जानकारी बुधवार सुबह 8 बजे तक एकत्र की गई — कुल 4,858 लोग लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। दोनों एजेंसियों के आँकड़ों में यह अंतर अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।

पनबिजली परियोजनाओं में बचाव की चुनौती

इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (आईपीपीएएन) के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर के किनारे स्थित 11 पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े 983 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।

जिन परियोजनाओं पर बचाव कार्य जारी है, उनमें अपर त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (60 MW), चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (22 MW), लांगटांग खोला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (20 MW), त्रिशूली 3बी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (37 MW) और अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (216 MW) प्रमुख हैं।

आईपीपीएएन के अनुसार, बाढ़ के समय अपर त्रिशूली-1 पर 1,433 लोग कार्यरत थे, जिनमें से 876 को या तो बचा लिया गया है या उनसे संपर्क स्थापित हो गया है। अभी भी लापता लोगों में ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर डूसान के 78, एंड्रिट्ज हाइड्रो के 94, सिविल सब-कॉन्ट्रैक्टर पावरचाइना के 385, परियोजना कंपनी के 15 और कंसल्टेंट फर्म (लाहमेयर इंटरनेशनल जीएमबीएच एवं जेड कंसल्ट प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उद्यम) के 7 कर्मचारी शामिल हैं।

रसुवागढ़ी परियोजना: सुरंग में कोई नहीं मिला

रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (111 MW) से 91 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाली सेना की अगुवाई वाली एक टीम ने सोमवार को स्थल का निरीक्षण किया और पावरहाउस सुरंग के भीतर किसी के न होने की रिपोर्ट दी। नेपाली सेना के जवान, भारतीय और चीनी सुरंग बचाव दलों के साथ मिलकर कई परियोजनाओं की सुरंगों में गहराई तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून-जनित आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि पनबिजली परियोजनाओं में बड़ी संख्या में विदेशी श्रमिकों की संलिप्तता इस आपदा को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी दे रही है। बचाव अभियान के परिणाम और लापता लोगों की वास्तविक संख्या आने वाले दिनों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

916 बनाम 4,858 — वह आपदा प्रबंधन में समन्वय की कमी की ओर इशारा करती है, जो बचाव प्रयासों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। पनबिजली परियोजनाओं में बड़ी संख्या में विदेशी श्रमिकों — खासकर चीनी कंपनियों के कर्मचारियों — की उपस्थिति इस त्रासदी को केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक और श्रम-सुरक्षा संकट भी बनाती है। यह भी विचारणीय है कि नदी कॉरिडोर के किनारे इतनी बड़ी परियोजनाओं में जोखिम मूल्यांकन और आपातकालीन निकासी प्रोटोकॉल पर्याप्त थे या नहीं।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
एनडीआरआरएमए के अनुसार, 2 सितंबर को सुबह 9 बजे तक 1,114 शव बरामद किए जा चुके थे। इनमें सबसे अधिक 348 शव चितवन जिले से मिले हैं।
नेपाल बाढ़ में कितने लोग लापता हैं?
एनडीआरआरएमए के अनुसार 3,916 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि नेपाल पुलिस के आँकड़ों में यह संख्या 4,858 है — जिनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। दोनों एजेंसियों के आँकड़ों में अंतर अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
पनबिजली परियोजनाओं में कितने लोग लापता हैं?
आईपीपीएएन के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट में 11 पनबिजली परियोजनाओं से जुड़े 983 लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है। इनमें डूसान, एंड्रिट्ज हाइड्रो और पावरचाइना जैसी कंपनियों के कर्मचारी शामिल हैं।
नेपाल बाढ़ बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल है?
नेपाली सेना के जवान, भारतीय और चीनी सुरंग बचाव दल संयुक्त रूप से कई पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में बचाव अभियान चला रहे हैं। रसुवागढ़ी परियोजना की सुरंग का निरीक्षण किया जा चुका है, लेकिन वहाँ कोई नहीं मिला।
नेपाल बाढ़ में सबसे अधिक प्रभावित जिले कौन-से हैं?
चितवन (348 शव), नवलपरासी ईस्ट (217), नवलपरासी वेस्ट (190) और नुवाकोट (155) सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। रसुवा और नुवाकोट में पनबिजली परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक भी लापता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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