29 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: चितवन में 229 अज्ञात शवों को दफनाने का फैसला, अब तक 626 शव बरामद

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नेपाल बाढ़: चितवन में 229 अज्ञात शवों को दफनाने का फैसला, अब तक 626 शव बरामद

सारांश

नेपाल के चितवन में भोटेकोशी बाढ़ ने 626 से अधिक जानें ली हैं। अस्पतालों में जगह खत्म होने और संक्रमण के खतरे के बीच प्रशासन ने 229 अज्ञात शवों को देवघाट में दफनाने का निर्णय लिया है — डीएनए सैंपल लेकर भविष्य की पहचान का रास्ता खुला रखा गया है।

मुख्य बातें

26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी नदी में आई फ्लैश फ्लड के बाद चितवन जिले में 233 शव सहित नेपाल में कुल 626 शव बरामद हो चुके हैं।
चितवन जिला सुरक्षा समिति ने 229 अज्ञात एवं लावारिस शवों को देवघाट, भरतपुर के खुले क्षेत्र में दफनाने का आदेश दिया।
दफनाने से पूर्व सभी शवों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे और प्रत्येक को एक पहचान/रेफरेंस नंबर दिया जाएगा।
जिले के अस्पतालों में एक साथ केवल लगभग 30 शवों को रखने की क्षमता है, जिससे प्रशासन के सामने गंभीर संकट खड़ा हुआ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शवों से संक्रमण और महामारी फैलने की चेतावनी दी थी।
दफनाने की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और 'अज्ञात एवं लावारिस शव प्रबंधन निर्देश, 2083' के तहत होगी।

नेपाल के चितवन जिले में 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद शवों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। संक्रमण के बढ़ते खतरे और शवों की बिगड़ती हालत को देखते हुए चितवन जिला प्रशासन ने 229 अज्ञात एवं लावारिस शवों को दफनाने का निर्णय लिया है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, शनिवार सुबह 10 बजे तक कुल 626 शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें सर्वाधिक 233 शव अकेले चितवन में मिले।

मुख्य घटनाक्रम

बाढ़ के बाद चितवन जिले के अस्पतालों में शवों को सुरक्षित रखने की क्षमता चरमरा गई। ज़िला प्रशासन कार्यालय (DAO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले के अस्पतालों में एक साथ केवल लगभग 30 शवों को लंबे समय तक रखने की पर्याप्त सुविधा है। अधिकारी के अनुसार, 'जैसे-जैसे शवों की संख्या बढ़ती गई, हमने एक घर का इस्तेमाल कूलिंग सेंटर के तौर पर किया। जब उस घर में भी जगह खत्म हो गई, तो हमारे पास उन्हें दफनाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा।'

दफनाने की प्रक्रिया

चितवन की जिला सुरक्षा समिति ने शनिवार को यह निर्णय लिया कि सभी अज्ञात एवं लावारिस शवों को भरतपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी के वार्ड नंबर 1 में देवघाट के एक खुले क्षेत्र में दफनाया जाएगा। नेपाली अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दफनाने से पूर्व सभी शवों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे और भविष्य में पहचान सुलभ बनाने के लिए प्रत्येक शव को एक पहचान या रेफरेंस नंबर दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों और 'अज्ञात और लावारिस शव प्रबंधन (पहला संशोधन) निर्देश, 2083' के प्रावधानों के अनुरूप होगी।

स्वास्थ्य संकट की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि अस्थायी व्यवस्था में रखे गए शवों से उत्पन्न दुर्गंध और जैविक अपशिष्ट से संक्रमण तथा महामारी फैलने का गंभीर खतरा हो सकता है। गौरतलब है कि दक्षिण एशिया में बाढ़ के बाद इस प्रकार की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियाँ अक्सर सामने आती हैं, और बड़े पैमाने पर शव प्रबंधन आपदा प्रतिक्रिया का एक जटिल पहलू बन जाता है।

आम जनता पर असर

यह आपदा ऐसे समय में आई है जब नेपाल में मानसून अपने चरम पर है। चितवन सहित दक्षिणी तराई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ हर साल जनजीवन को प्रभावित करती हैं, परंतु इस बार की बाढ़ की विनाशकारी तीव्रता ने स्थानीय प्रशासन की क्षमता को पूरी तरह से चुनौती दे दी है। लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की पहचान के लिए प्रतीक्षारत हैं, और डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया उनके लिए भविष्य में राहत का एकमात्र माध्यम बन सकती है।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, बचाव और खोज अभियान जारी है और शवों की संख्या में और वृद्धि की आशंका है। डीएनए रिकॉर्ड के आधार पर भविष्य में परिजनों द्वारा पहचान का दावा करने की प्रक्रिया तय की जाएगी। नेपाल सरकार से राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाने की माँग बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नेपाल की आपदा प्रबंधन क्षमता की सीमाओं का स्पष्ट प्रतिबिंब है। हर साल मानसून में दक्षिणी तराई और पहाड़ी नदी घाटियाँ इसी तरह के संकट झेलती हैं, फिर भी अस्पतालों में शव-भंडारण की क्षमता मात्र 30 तक सीमित रहना दर्शाता है कि बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश नहीं हुआ। डीएनए सैंपलिंग की व्यवस्था सराहनीय है, किंतु असली सवाल यह है कि इन रिकॉर्डों तक परिजनों की पहुँच कितनी सुलभ और पारदर्शी होगी — यह जवाबदेही की अगली परीक्षा है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के चितवन में बाढ़ के बाद कितने शव मिले हैं?
NDRRMA के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को शनिवार सुबह 10 बजे तक नेपाल में कुल 626 शव बरामद किए गए थे, जिनमें से सर्वाधिक 233 शव अकेले चितवन जिले में मिले।
चितवन में अज्ञात शवों को क्यों दफनाया जा रहा है?
अस्पतालों में शव रखने की क्षमता सीमित होने और संक्रमण व महामारी फैलने के खतरे के कारण चितवन जिला सुरक्षा समिति ने 229 अज्ञात एवं लावारिस शवों को दफनाने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया।
क्या दफनाए गए शवों की बाद में पहचान हो सकेगी?
हाँ, नेपाली अधिकारियों ने कहा है कि दफनाने से पहले सभी शवों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे और प्रत्येक शव को एक पहचान या रेफरेंस नंबर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में परिजन पहचान का दावा कर सकें।
शवों को कहाँ दफनाया जाएगा?
चितवन जिला प्रशासन कार्यालय के नोटिस के अनुसार, लावारिस शवों को भरतपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी के वार्ड नंबर 1 में देवघाट के एक खुले क्षेत्र में दफनाया जाएगा।
नेपाल में यह बाढ़ कब और कहाँ आई थी?
26 अगस्त 2026 को दक्षिणी चितवन जिले में भोटेकोशी नदी में भीषण फ्लैश फ्लड आई थी। इस आपदा के बाद शवों की संख्या लगातार बढ़ती रही और प्रशासन को आपातकालीन उपाय करने पड़े।
राष्ट्र प्रेस
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