30 सितंबर 2026
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भाजपा का श्रीनगर में प्रदर्शन, एनसी पर लगाया देश-विरोधी एजेंडे का आरोप; उमर का पुतला फूंका

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भाजपा का श्रीनगर में प्रदर्शन, एनसी पर लगाया देश-विरोधी एजेंडे का आरोप; उमर का पुतला फूंका

सारांश

भाजपा ने श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला की एनसी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर पुतला फूंका। आरोप है कि एनसी स्वायत्तता और 1953 की स्थिति की माँग के ज़रिये पाकिस्तानी एजेंडे को हवा दे रही है। भाजपा ने सरकार बर्खास्त कर उप-राज्यपाल शासन लागू करने की माँग की।

मुख्य बातें

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 सितंबर 2026 को श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के विरुद्ध विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला फूंका; प्रदर्शन की अगुवाई भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने की।
भाजपा का आरोप है कि एनसी अनुच्छेद 370 , 35ए और स्वायत्तता प्रस्तावों के ज़रिये 'पाकिस्तानी एजेंडे' को बढ़ावा दे रही है।
ठाकुर ने सरकार बर्खास्त कर उप-राज्यपाल शासन लागू करने और एनसी के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की।
विवाद की जड़ में जम्मू-कश्मीर विधानसभा का वह हालिया प्रस्ताव है, जो राज्य के दर्जे को स्वायत्तता की माँग से जोड़ता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 सितंबर 2026 को श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार के विरुद्ध जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि एनसी जम्मू-कश्मीर विधानसभा में स्वायत्तता और विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्तावों के ज़रिये 'राष्ट्र-विरोधी' एजेंडे को बढ़ावा दे रही है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला भी फूंका।

मुख्य घटनाक्रम

श्रीनगर में प्रदर्शन की अगुवाई भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने की। पत्रकारों से बातचीत में ठाकुर ने कहा कि सत्ताधारी एनसी कभी स्वायत्तता की, तो कभी 1953 से पहले की स्थिति की बात करके जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे 'देश के साथ गद्दारी' करार दिया।

ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि एनसी अनुच्छेद 370, 35ए, स्वायत्तता और स्वशासन से जुड़े प्रस्ताव लाकर पाकिस्तान के एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, 'दुनिया की कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर को स्वायत्तता नहीं दिला सकती। जब उमर अब्दुल्ला वाजपेयी सरकार में मंत्री थे, तब स्वायत्तता प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंक दिया गया था, और मौजूदा प्रस्ताव के साथ भी ऐसा ही किया जाना चाहिए।'

भाजपा के आरोप और माँगें

भाजपा नेता ने एनसी सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरे न करने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार दिहाड़ी मज़दूरों, NHM कर्मचारियों और अन्य वर्गों से किए गए वादे अभी तक अधूरे हैं। ठाकुर ने कहा, 'बात सिर्फ इतनी नहीं है कि उमर अब्दुल्ला ने अब तक अपना कोई वादा पूरा नहीं किया है, बल्कि सच तो यह है कि भविष्य में भी इन वादों को पूरा करने का उनका कोई इरादा नहीं है।'

ठाकुर ने माँग की कि जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सरकार को बर्खास्त कर उप-राज्यपाल शासन लागू किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कथित तौर पर ISI के एजेंडे को बढ़ावा देने के आरोप में एनसी के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी माँग रखी।

विधानसभा प्रस्ताव विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने हाल ही में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे को स्वायत्तता और विशेष दर्जा बहाल करने की माँग वाले पूर्व प्रस्तावों से जोड़ा गया। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने निरस्त किया था और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। तब से यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

भाजपा इस प्रस्ताव को संसद के निर्णय के विरुद्ध और संविधान की भावना के खिलाफ मानती है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के प्रस्ताव क्षेत्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण को और गहरा करते हैं।

आम जनता और राजनीतिक प्रभाव

भाजपा का यह विरोध-प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बाद की राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है, जहाँ एनसी ने सरकार बनाई है और भाजपा मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। स्वायत्तता और राज्य के दर्जे जैसे मुद्दे जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों की जनता के लिए संवेदनशील हैं और आगामी राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकते हैं।

आगे क्या होगा

भाजपा ने संकेत दिया है कि यदि एनसी सरकार अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करती, तो पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी। एनसी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह विवाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आने वाले हफ्तों में और तेज़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनसी का स्वायत्तता राग क्षेत्रीय भावनाओं को भुनाने का प्रयास भी हो सकता है, क्योंकि ये माँगें कानूनी रूप से अव्यावहारिक हैं — जैसा ठाकुर ने वाजपेयी-काल का उदाहरण देकर खुद स्वीकार किया। मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि भाजपा एक ऐसी सरकार को बर्खास्त करने की माँग कर रही है जो लोकतांत्रिक जनादेश से चुनी गई है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने श्रीनगर में विरोध-प्रदर्शन क्यों किया?
भाजपा ने 30 सितंबर 2026 को श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, क्योंकि पार्टी का आरोप है कि एनसी विधानसभा में स्वायत्तता और विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्तावों के ज़रिये 'राष्ट्र-विरोधी' एजेंडे को बढ़ावा दे रही है। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला भी फूंका गया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का विवादित प्रस्ताव क्या है?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने हाल ही में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग को स्वायत्तता और विशेष दर्जा बहाल करने की पुरानी माँगों से जोड़ा गया है। भाजपा इसे 5 अगस्त 2019 के संसदीय निर्णय के विरुद्ध और असंवैधानिक मानती है।
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने क्या माँगें रखीं?
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा एनसी सरकार को बर्खास्त कर उप-राज्यपाल शासन लागू करने की माँग की। इसके साथ ही उन्होंने कथित तौर पर आईएसआई एजेंडे को बढ़ावा देने के आरोप में एनसी के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी माँग रखी।
उमर अब्दुल्ला पर चुनावी वादे न पूरे करने का आरोप क्यों लगाया गया?
भाजपा नेता ठाकुर ने आरोप लगाया कि एनसी सरकार दिहाड़ी मज़दूरों, NHM कर्मचारियों और अन्य वर्गों से किए गए वादे पूरे करने में नाकाम रही है। उनका कहना है कि सरकार का भविष्य में भी इन वादों को पूरा करने का कोई इरादा नहीं है।
क्या स्वायत्तता की माँग कानूनी रूप से संभव है?
भाजपा नेता ठाकुर के अनुसार, दुनिया की कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर को स्वायत्तता नहीं दिला सकती। उन्होंने वाजपेयी सरकार के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में भी स्वायत्तता प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था, जब उमर अब्दुल्ला स्वयं केंद्रीय मंत्री थे।
राष्ट्र प्रेस
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