NC में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व पर असंतोष, BJP का दावा — 10-12 विधायकों की दूसरी गुप्त बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने 4 नवंबर 2026 को श्रीनगर में दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व और कामकाज के तरीके को लेकर विधायकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के करीब 10-12 विधायकों ने पिछले एक सप्ताह में दूसरी गुप्त बैठक की है। यह दावे ऐसे समय में आए हैं जब नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद आगा सैयद रुहुल्ला के इस्तीफे के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल मची हुई है।
NC में आंतरिक असंतोष के आरोप
ठाकुर ने कहा, 'पार्टी अपनी नीतियों, कामकाज के तरीके और कथित मनमानी को लेकर अपने विधायकों के बीच बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है।' उन्होंने दावा किया कि NC के करीब 26 विधायक पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली और शासन के तरीके से नाखुश हैं, खासकर विधायकों के 'कथित अपमान' को लेकर। गौरतलब है कि ये सभी आरोप BJP की ओर से लगाए जा रहे हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अभी तक इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गुप्त बैठकों का दावा
ठाकुर के अनुसार, 'नेशनल कॉन्फ्रेंस के लगभग 10-12 विधायकों ने कल देर शाम बंद कमरे में एक बैठक की, और बताया जा रहा है कि पिछले एक हफ्ते में यह उनकी दूसरी गुप्त बैठक थी।' यह दावे सत्यापित नहीं हो सके हैं और ये एक विपक्षी दल के प्रवक्ता के बयानों पर आधारित हैं।
रुहुल्ला के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी
श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद रुहुल्ला के इस्तीफे के बाद उनके राजनीतिक भविष्य पर ठाकुर ने कहा, 'रुहुल्ला एक तीसरी राजनीतिक ताकत के रूप में उभर सकते हैं, लेकिन उनके राजनीतिक भविष्य के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।' उन्होंने स्वीकार किया कि रुहुल्ला का नया राजनीतिक मंच अभी 'शुरुआती चरण में है' और इसे संगठन बनाने और अपनी ताकत दिखाने के लिए समय चाहिए।
अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली को लेकर BJP का रुख
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उस बयान पर — जिसमें रुहुल्ला से पूछा गया था कि वे अपने संसदीय कार्यकाल में अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा बहाल क्यों नहीं कर पाए — ठाकुर ने कहा, 'राजनीतिक दल इन मुद्दों पर वादे करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A खत्म हो चुके हैं, इन्हें किसी भी राजनीतिक दावे या नेतृत्व के जरिए बहाल नहीं किया जा सकता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है।
आतंकवाद और सुरक्षा पर BJP का दावा
ठाकुर ने पिछले एक साल में अभियानों के दौरान CRPF के किसी भी जवान के हताहत न होने पर संतोष व्यक्त किया और इसका श्रेय केंद्र सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति को दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद में उल्लेखनीय कमी आई है और पूरे देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए केंद्र के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर में बचे हुए आतंकवादी भी 'खत्म कर दिए जाएंगे।' राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP का यह बयान जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ NC पर लगातार दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है।