2 अक्टूबर 2026
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बिमल पटेल ने ITLOS जज के रूप में ली शपथ, 9 साल का होगा कार्यकाल; हैम्बर्ग में भारत की मौजूदगी बरकरार

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बिमल पटेल ने ITLOS जज के रूप में ली शपथ, 9 साल का होगा कार्यकाल; हैम्बर्ग में भारत की मौजूदगी बरकरार

सारांश

भारत के बिमल पटेल ने ITLOS में 9 साल के लिए न्यायाधीश की शपथ ली — नीरू चड्ढा का कार्यकाल समाप्त होते ही। 168 में से 115 वोट से चुने गए पटेल अंतरराष्ट्रीय कानून, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाह और शिक्षा में अनुभवी हैं। हैम्बर्ग में भारत की उपस्थिति निर्बाध रही।

मुख्य बातें

बिमल पटेल ने 2 अक्टूबर 2026 को जर्मनी के हैम्बर्ग में ITLOS के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
उनका कार्यकाल 9 वर्ष का होगा; वह भारतीय न्यायाधीश नीरू चड्ढा की उत्तराधिकारी हैं।
चुनाव में पटेल को 168 वैध मतों में से 115 मत मिले; UNCLOS से 172 देश जुड़े हैं।
पटेल संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल लॉ कमीशन के सदस्य और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात के पूर्व कुलपति रहे हैं।
ITLOS में कुल 21 न्यायाधीश होते हैं और यह 1982 की UNCLOS संधि के अंतर्गत स्थापित स्वतंत्र न्यायिक संस्था है।

अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञ बिमल पटेल ने 2 अक्टूबर 2026 को जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (ITLOS) में न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। उनका कार्यकाल नौ वर्षों का होगा और इस नियुक्ति के साथ समुद्री कानून के इस प्रमुख अंतरराष्ट्रीय न्यायिक मंच पर भारत की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित हो गई है।

भारत में ITLOS प्रतिनिधित्व की निरंतरता

बिमल पटेल की शपथ ऐसे समय में हुई जब उनसे ठीक एक दिन पहले, 1 अक्टूबर 2026 को, भारतीय न्यायाधीश नीरू चड्ढा का ITLOS में कार्यकाल समाप्त हुआ। चड्ढा इस ट्रिब्यूनल की उपाध्यक्ष भी रह चुकी थीं। इस प्रकार, एक भारतीय न्यायाधीश से दूसरे भारतीय न्यायाधीश तक की यह निर्बाध संक्रमण-प्रक्रिया वैश्विक समुद्री शासन में भारत की मज़बूत स्थिति को रेखांकित करती है।

बिमल पटेल का अकादमिक और व्यावसायिक परिचय

बिमल पटेल ने नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय कानून में पीएचडी की है। वह संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल लॉ कमीशन के सदस्य रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वह गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति (वाइस चांसलर) भी रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अंतर्गत नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड में सदस्य के रूप में भी कार्य किया है।

चुनाव में मिला व्यापक समर्थन

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित चुनाव में बिमल पटेल को 168 वैध मतों में से 115 मत प्राप्त हुए थे। यह चुनाव उन्हीं देशों द्वारा कराया गया जिन्होंने 1982 की संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) पर हस्ताक्षर किए हैं — इस संधि से 172 देश जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि ITLOS की स्थापना इसी संधि के तहत हुई थी।

ITLOS की संरचना और भूमिका

ITLOS एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्था है जो जर्मनी के हैम्बर्ग में स्थित है। इसमें 21 न्यायाधीश होते हैं, जो दुनिया के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह ट्रिब्यूनल देशों के बीच समुद्र और महासागरों से संबंधित विवादों का निपटारा करता है और UNCLOS की व्याख्या करता है। सभी जजों का कार्यकाल एक साथ समाप्त नहीं होता, जिससे ट्रिब्यूनल में अनुभव की निरंतरता बनी रहती है।

साथ शपथ लेने वाले अन्य न्यायाधीश

बिमल पटेल के साथ चार अन्य न्यायाधीशों ने भी शपथ ग्रहण की — घाना की सिल्विया अमा अदुसु, ब्राज़ील के जॉर्ज रोड्रिगो बांदेइरा गैलिंडो, ट्यूनीशिया के स्लिम लघमानी और वियतनाम की लैन-अन्ह थि गुयेन। यह नई पीठ वैश्विक समुद्री शासन के उभरते प्रश्नों — विशेषतः हिंद-प्रशांत क्षेत्र में — से निपटने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक योजना के साथ उपस्थित रहता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड में पटेल की भूमिका यह भी संकेत देती है कि वह केवल अकादमिक विशेषज्ञता नहीं, बल्कि नीतिगत समझ भी ट्रिब्यूनल में लाते हैं। ऐसे समय में जब दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर में संप्रभुता के दावे जटिल होते जा रहे हैं, ITLOS में एक भारतीय न्यायाधीश की मौजूदगी का रणनीतिक मूल्य उसके प्रतीकात्मक महत्त्व से कहीं अधिक है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिमल पटेल कौन हैं और उन्हें ITLOS के लिए क्यों चुना गया?
बिमल पटेल अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञ हैं जो संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल लॉ कमीशन के सदस्य और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात के पूर्व कुलपति रहे हैं। उन्हें UNCLOS के हस्ताक्षरकर्ता देशों ने न्यूयॉर्क में हुए चुनाव में 168 में से 115 वोट देकर ITLOS का न्यायाधीश चुना।
ITLOS क्या है और यह कहाँ स्थित है?
ITLOS (इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी) जर्मनी के हैम्बर्ग में स्थित एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्था है। यह 1982 की UNCLOS संधि के तहत स्थापित हुई है और देशों के बीच समुद्री विवादों का निपटारा करती है।
ITLOS में बिमल पटेल का कार्यकाल कब तक रहेगा?
बिमल पटेल का ITLOS में कार्यकाल 9 वर्षों का होगा, जो 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है। ट्रिब्यूनल में सभी ججों का कार्यकाल एक साथ समाप्त नहीं होता, जिससे संस्था की निरंतरता बनी रहती है।
बिमल पटेल से पहले ITLOS में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया था?
बिमल पटेल से पहले भारतीय न्यायाधीश नीरू चड्ढा ITLOS में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। चड्ढा ट्रिब्यूनल की उपाध्यक्ष भी रह चुकी थीं और उनका कार्यकाल 1 अक्टूबर 2026 को समाप्त हुआ।
ITLOS में कितने न्यायाधीश होते हैं और भारत के अलावा किन देशों के जज नए शामिल हुए?
ITLOS में कुल 21 न्यायाधीश होते हैं, जो दुनिया के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिमल पटेल के साथ घाना की सिल्विया अमा अदुसु, ब्राज़ील के जॉर्ज रोड्रिगो बांदेइरा गैलिंडो, ट्यूनीशिया के स्लिम लघमानी और वियतनाम की लैन-अन्ह थि गुयेन ने भी शपथ ग्रहण की।
राष्ट्र प्रेस
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