न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल एनसीएलटी के नए अध्यक्ष नियुक्त, 5 वर्ष का कार्यकाल
सारांश
Key Takeaways
केंद्र सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। 30 अप्रैल 2026 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए यह नियुक्ति स्वीकृत की। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी होगी या 67 वर्ष की आयु पूरी होने तक — जो भी पहले हो।
नियुक्ति की शर्तें और कार्यकाल
अधिसूचना के अनुसार, न्यायमूर्ति ग्रेवाल को एनसीएलटी अध्यक्ष पद पर पाँच वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है। वे न्यायमूर्ति रामलिंगम सुधाकर का स्थान लेंगे, जिन्होंने 1 नवंबर 2021 से एनसीएलटी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था और इस वर्ष पद छोड़ा। गौरतलब है कि एनसीएलटी अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी, और इस नियुक्ति से संस्था को दीर्घकालिक नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।
एनसीएलटी की भूमिका और महत्व
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) भारत में कॉरपोरेट विवादों के निपटारे के लिए एक प्रमुख न्यायिक संस्था है। यह कंपनी अधिनियम से जुड़े मामलों और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत दर्ज प्रकरणों की सुनवाई करती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में आईबीसी मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और न्यायाधिकरण पर लंबित मामलों का बोझ बढ़ता जा रहा है।
न्यायमूर्ति ग्रेवाल की शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति ग्रेवाल का जन्म 10 मार्च 1964 को पंजाब के लुधियाना जिले के एक कृषक परिवार में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास में बीए ऑनर्स (1985) और एमए (1987) किया। इसके बाद 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की।
उन्होंने 1992 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू की और पंजाब सरकार के लिए सहायक महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, वरिष्ठ उप महाधिवक्ता तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। नवंबर 2009 में उन्हें केंद्र सरकार के मामलों की पैरवी के लिए वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता नियुक्त किया गया।
न्यायिक यात्रा: हाईकोर्ट से एनसीएलटी तक
25 सितंबर 2014 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। दिसंबर 2014 में उनका तबादला राजस्थान हाईकोर्ट हुआ, जहाँ मई 2016 में उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। अक्टूबर 2016 में उन्हें पुनः पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भेजा गया, जहाँ से वे सेवानिवृत्त हुए। तीन दशकों से अधिक की विधिक और न्यायिक सेवा के साथ, न्यायमूर्ति ग्रेवाल का अनुभव एनसीएलटी को नई दिशा देने में सहायक होगा।