फारूक अब्दुल्ला के बयान पर बृजभूषण शरण सिंह का पलटवार: जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 25 अक्टूबर 2026 को गोंडा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी की दया का मोहताज नहीं, बल्कि यह एक मजबूत और सनातन राष्ट्र है।
फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा था
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने उत्तर कश्मीर के बारामूला में एक पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर वहाँ के लोगों की आवाज़ उठा रहा है और उनकी रक्षा कर रहा है। इस बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
बृजभूषण का पलटवार
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अब्दुल्ला वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन कभी-कभी पाकिस्तान के प्रति उनका लगाव स्पष्ट रूप से झलकने लगता है। उन्होंने दो-टूक कहा कि भारत का अस्तित्व मात्र 50 या 100 वर्षों तक सीमित नहीं है — यह एक सनातन राष्ट्र है जिसकी जड़ें सहस्राब्दियों पुरानी हैं।
उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को भी भारत का अभिन्न अंग बताया और कहा कि मौजूदा परिस्थितियाँ पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में लिए गए फैसलों का परिणाम हैं। उनके अनुसार, यदि उस समय भिन्न निर्णय लिए गए होते तो आज भारत का नक्शा और भूगोल बिल्कुल अलग होता।
सरकार का स्पष्ट रुख
बृजभूषण ने कहा कि भारत की संसद, केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत सभी संस्थाएँ जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा मानती हैं। यह एक ऐसा विषय है जिस पर सरकार में किसी भी स्तर पर कोई दो राय नहीं है।
जामिया पोस्टर विवाद और देशविरोधी ताकतें
जामिया पोस्टर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण ने कहा कि देशविरोधी ताकतें सक्रिय होने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे पहचानें कि ऐसे लोग किनके साथ खड़े दिखाई देते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट मार्च का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन की तस्वीरें सबने देखी हैं — यह अपने आप में बहुत कुछ बयान करती हैं।
विविधता में एकता — भारत की ताकत
देश में विभाजनकारी राजनीति के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में जातियों और धर्मों के आधार पर बाँटने वाली राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश में वही राजनीति सफल होगी जो सभी वर्गों, जातियों और धर्मों को एकजुट कर चले। भारत की असली ताकत उसकी विविधता और एकता में निहित है।
गौरतलब है कि फारूक अब्दुल्ला के बयान पर यह कड़ी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में हाल ही में सरकार गठन के बाद राजनीतिक माहौल अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मसले पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।