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रियासी पुलिस ने कटरा से हत्या के आरोपी दंपती को दबोचा, उत्तराखंड पुलिस को सौंपा

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रियासी पुलिस ने कटरा से हत्या के आरोपी दंपती को दबोचा, उत्तराखंड पुलिस को सौंपा

सारांश

हत्या के महज सात दिन बाद रियासी पुलिस ने अंतर-राज्यीय तालमेल से कटरा के एक होटल में छिपे आरोपी दंपती को दबोच लिया। उसी दिन एसआईए ने कुपवाड़ा में पाकिस्तान से जुड़े नार्को-टेरर मामले में भगोड़े आरोपी के घर उद्घोषणा की कार्रवाई की।

मुख्य बातें

रियासी पुलिस ने 27 जून को कटरा के बीएनके होटल से हत्या के आरोपी दंपती धर्मबीर और झांकी देवी को गिरफ्तार किया।
आरोपियों पर 20 जून को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में कथित हत्या का मामला दर्ज है; दोनों हरियाणा के हिसार के निवासी हैं।
गिरफ्तारी पीएसआई शुभम शर्मा के नेतृत्व में धन्या पुलिस स्टेशन की सूचना पर की गई।
आरोपियों को सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया गया।
एसआईए ने उसी दिन कुपवाड़ा में नार्को-टेरर मामले में भगोड़े आरोपी बिलाल शब्बीर अवान के घर उद्घोषणा की कार्रवाई की।

जम्मू-कश्मीर की रियासी पुलिस ने अंतर-राज्यीय समन्वय की मिसाल पेश करते हुए उत्तराखंड में दर्ज हत्या के एक मामले में फरार एक दंपती को कटरा से गिरफ्तार किया और उन्हें संबंधित पुलिस को सौंप दिया। 27 जून को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों को कटरा के मेन बाज़ार स्थित एक होटल से पकड़ा।

मामले की पृष्ठभूमि

कटरा पुलिस स्टेशन को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धन्या पुलिस स्टेशन से सूचना मिली थी कि हरियाणा के हिसार जिले के शेखपुर निवासी धर्मबीर ने अपनी पत्नी झांकी देवी के साथ मिलकर 20 जून को अपने पैतृक स्थान पर कथित तौर पर हत्या की और इसके बाद उत्तराखंड से फरार हो गए। जाँच में पता चला कि दोनों आरोपी उस समय कटरा में ठहरे हुए थे।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

धन्या पुलिस से सूचना मिलते ही पीएसआई शुभम शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस दल को तत्काल रवाना किया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने कटरा के मेन बाज़ार स्थित बीएनके होटल से दोनों आरोपियों — धर्मबीर और झांकी देवी — को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। इसके बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर उन्हें आगे की जाँच के लिए उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया गया।

कश्मीर में एसआईए की अलग कार्रवाई

इसी दिन कश्मीर में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने एक भगोड़े आरोपी के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई की। यह आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े सीमा-पार नार्को-टेरर मामले में कथित तौर पर हेरोइन तस्करी में शामिल बताया गया है।

सक्षम न्यायालय के आदेश पर की गई यह कार्रवाई कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कुपवाड़ा जिले की करनाह तहसील के दिलदार निवासी आरोपी बिलाल शब्बीर अवान के पैतृक घर पर की गई।

अंतर-राज्यीय पुलिस तालमेल का महत्व

यह मामला दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड पुलिस के बीच सूचना-साझेदारी किस तरह अपराधियों की त्वरित धरपकड़ में सहायक बन सकती है। गौरतलब है कि हत्या के मात्र सात दिनों के भीतर — 20 जून से 27 जून के बीच — आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आने वाले दिनों में आरोपियों को उत्तराखंड की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हत्या के बाद आरोपी इतनी आसानी से राज्य की सीमाएँ कैसे पार कर गए। यह मामला उस व्यापक खामी की ओर इशारा करता है जहाँ अपराधी घटना के तुरंत बाद दूसरे राज्यों में छिप जाते हैं और पकड़े जाने में दिन-हफ्ते लग जाते हैं। कश्मीर में एसआईए की नार्को-टेरर कार्रवाई एक अलग लेकिन उतनी ही गंभीर चुनौती को उजागर करती है — सीमा-पार नेटवर्क से जुड़े भगोड़े आरोपी जिनके खिलाफ उद्घोषणा तक की नौबत आती है। दोनों मामले मिलकर यह संकेत देते हैं कि जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था का दबाव एक साथ कई मोर्चों पर है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियासी पुलिस ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
रियासी पुलिस ने हरियाणा के हिसार जिले के शेखपुर निवासी धर्मबीर और उसकी पत्नी झांकी देवी को कटरा के मेन बाज़ार स्थित बीएनके होटल से गिरफ्तार किया। दोनों पर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में 20 जून को कथित हत्या का आरोप है।
इस गिरफ्तारी की सूचना पुलिस को कैसे मिली?
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धन्या पुलिस स्टेशन ने कटरा पुलिस को सूचित किया कि हत्या के आरोपी कटरा में ठहरे हुए हैं। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पीएसआई शुभम शर्मा के नेतृत्व में टीम भेजी गई।
आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?
सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया गया। उन्हें उत्तराखंड की संबंधित अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
एसआईए ने कश्मीर में किस मामले में कार्रवाई की?
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने कुपवाड़ा जिले की करनाह तहसील के दिलदार निवासी बिलाल शब्बीर अवान के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई की। यह आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े सीमा-पार नार्को-टेरर मामले में कथित तौर पर हेरोइन तस्करी में शामिल बताया गया है।
एसआईए की उद्घोषणा कार्रवाई क्या होती है?
उद्घोषणा की कार्रवाई तब की जाती है जब कोई आरोपी अदालत के समक्ष पेश नहीं होता और फरार रहता है। सक्षम न्यायालय के आदेश पर कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के घर या सार्वजनिक स्थान पर यह कार्रवाई की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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