12 अगस्त 2026
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असम बाढ़ राहत फंड: 72 यूट्यूबर्स के चंदे की जांच करेगी हिमंता सरकार, साइबर सेल सक्रिय

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असम बाढ़ राहत फंड: 72 यूट्यूबर्स के चंदे की जांच करेगी हिमंता सरकार, साइबर सेल सक्रिय

सारांश

असम में बाढ़ राहत के नाम पर 72 यूट्यूबर्स द्वारा जुटाए गए फंड की जांच होगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पारदर्शिता और दोहराव रोकने के लिए यह कदम उठाया है। साइबर सेल डिजिटल खातों पर नज़र रख रहा है, जबकि जमीनी राहतकर्मी समय गोगोई की विशेष सराहना की गई।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अगस्त को 72 यूट्यूबर्स द्वारा बाढ़ राहत के लिए जुटाए गए फंड की जांच का आदेश दिया।
असम पुलिस का साइबर सेल फंड संग्रह से जुड़े डिजिटल खातों पर सक्रिय निगरानी कर रहा है।
जांच का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी व निजी राहत कार्यों में दोहराव रोकना है।
यूट्यूबर समय गोगोई की 'प्रोजेक्ट गोल्डन असम' पहल के तहत जमीनी राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की।
राहत में योगदान देने वाले यूट्यूबर्स को पारंपरिक गमोसा से सम्मानित करने की योजना, लेकिन जांच के बाद।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 12 अगस्त को घोषणा की कि राज्य सरकार बाढ़ राहत के नाम पर 72 यूट्यूबर्स द्वारा असम और राज्य के बाहर से जुटाए गए फंड की विधिवत जांच करेगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एकत्रित धनराशि वास्तव में प्रभावित लोगों तक पहुंची है और उसका उपयोग पारदर्शी तरीके से हुआ है।

जांच का उद्देश्य और दायरा

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि यह जांच किसी पर संदेह के आधार पर नहीं, बल्कि पारदर्शिता और राहत कार्यों में दोहराव रोकने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा, '72 यूट्यूबर्स ने राज्य के बाहर से फंड इकट्ठा किया है। हम यह पता लगा रहे हैं कि फंड राज्य तक पहुंचा है या नहीं।' सरकार उन सभी कंटेंट क्रिएटर्स और व्यक्तियों से यह जानकारी माँगेगी कि एकत्रित राशि कहाँ और किस प्रकार खर्च की गई।

सरमा ने आगे कहा, 'कई लोगों ने योगदान देना शुरू कर दिया है, लेकिन हम उनसे पूछेंगे कि उन्होंने फंड का इस्तेमाल कहाँ किया है, ताकि कोई दोहराव न हो।' यह ऐसे समय में आया है जब असम के कई हिस्सों में भीषण बाढ़ का प्रकोप जारी है और निजी राहत अभियान तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

साइबर सेल की निगरानी

असम पुलिस का साइबर सेल फंड संग्रह से जुड़े सभी डिजिटल खातों पर नज़र रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह निगरानी यह सुनिश्चित करने के लिए है कि ऑनलाइन माध्यमों से जुटाई गई राशि का दुरुपयोग न हो और वह सही हाथों तक पहुंचे।

समय गोगोई की सराहना

मुख्यमंत्री सरमा ने असम के यूट्यूबर और जमीनी राहतकर्मी समय गोगोई के प्रयासों की विशेष सराहना की। सरमा ने कहा, 'समय गोगोई ने अच्छा काम किया है।' गोगोई ने अपनी निजी बचत और जुटाए गए संसाधनों से बाढ़ प्रभावित गाँवों में भोजन, पेयजल और दवाइयाँ पहुंचाईं। उन्होंने 'प्रोजेक्ट गोल्डन असम' पहल के तहत फँसे हुए जानवरों को बचाने और क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

सम्मान की योजना

राज्य सरकार बाढ़ राहत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले यूट्यूबर्स और स्वयंसेवकों को पारंपरिक असमिया गमोसा से सम्मानित करने की योजना बना रही है। हालाँकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सम्मान से पहले फंड के उपयोग की जांच पूरी की जाएगी।

सरकारी और निजी राहत में तालमेल

गौरतलब है कि यह पहल सरकारी और स्वयंसेवी राहत प्रयासों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जांच प्रक्रिया का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि चंदे की राशि बिना किसी दोहराव या कमी के वास्तविक पीड़ितों तक पहुंचे। आने वाले दिनों में सरकार इस संदर्भ में विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है — क्योंकि 'जांच' और 'निगरानी' के बीच की रेखा पतली होती है। जब बाढ़ का पानी अभी उतरा नहीं है, तब राहतकर्मियों पर साइबर सेल की नज़र उनके मनोबल को प्रभावित कर सकती है। पारदर्शिता की माँग जायज़ है, लेकिन सरकार को यह भी स्पष्ट करना होगा कि इस जांच की समयसीमा क्या है और क्या इससे चल रहे राहत कार्य बाधित नहीं होंगे। यह भी ध्यान देने योग्य है कि सरकारी राहत तंत्र की अपनी सीमाएँ हैं — और यूट्यूबर्स जैसे नागरिक-पत्रकार अक्सर उन जगहों तक पहुंचते हैं जहाँ सरकारी मशीनरी देर से पहुंचती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम सरकार 72 यूट्यूबर्स के फंड की जांच क्यों कर रही है?
असम सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बाढ़ राहत के नाम पर जुटाई गई धनराशि वास्तव में प्रभावित लोगों तक पहुंची है और उसका उपयोग पारदर्शी तरीके से हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, जांच का मकसद राहत कार्यों में दोहराव रोकना और सरकारी व निजी प्रयासों में बेहतर तालमेल बिठाना है।
असम पुलिस का साइबर सेल इस मामले में क्या भूमिका निभा रहा है?
असम पुलिस का साइबर सेल बाढ़ राहत फंड संग्रह से जुड़े डिजिटल खातों और ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन माध्यमों से जुटाई गई राशि का दुरुपयोग न हो।
समय गोगोई कौन हैं और उनकी भूमिका क्या रही है?
समय गोगोई असम के एक यूट्यूबर और जमीनी राहतकर्मी हैं, जिन्होंने अपनी निजी बचत और जुटाए गए संसाधनों से बाढ़ प्रभावित गाँवों में भोजन, पेयजल और दवाइयाँ पहुंचाईं। उन्होंने 'प्रोजेक्ट गोल्डन असम' पहल के तहत फँसे जानवरों को बचाने और क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
क्या इस जांच से राहत कार्यों में बाधा आएगी?
मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया है कि जांच का उद्देश्य राहत कार्यों को रोकना नहीं, बल्कि पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जांच की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर स्पष्टता ज़रूरी है ताकि सक्रिय राहतकर्मी हतोत्साहित न हों।
यूट्यूबर्स को सम्मानित करने की क्या योजना है?
असम सरकार बाढ़ राहत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले यूट्यूबर्स और स्वयंसेवकों को पारंपरिक असमिया गमोसा से सम्मानित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सम्मान फंड उपयोग की जांच पूरी होने के बाद दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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