सुरेंद्र राजपूत का BJP पर प्रहार: 'जेन-Z को आतंकी कहकर युवा जनसंपर्क का नाटक बंद करो'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 12 अगस्त 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्कूल-कॉलेज जनसंपर्क अभियान की योजना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल युवाओं के बीच जाने से उनकी गहरी नाराज़गी नहीं मिटेगी, जब तक परीक्षा, रोज़गार और पेपर लीक जैसे बुनियादी मुद्दों का समाधान नहीं होता।
जेन-Z पर BJP के रवैये पर सीधा हमला
राजपूत ने अपने संबोधन में BJP पर सीधे निशाना साधते हुए कहा, 'जेन जी के खिलाफ आप योजनाएं बनाते हो, जेन जी के पेपर लीक कराते हो, जेन जी को पैलेट गन से मारते हो, जेन जी को एके-47 से मारते हो और जेन जी को आतंकी कहते हो। BJP के नेता जेन जी को उग्रवादी कहते हैं और उनसे पूछते हैं कि फंड कहाँ से आया। उसके बाद कहते हैं जनसंपर्क करेंगे। अरे किस बात का जनसंपर्क करोगे? जेन जी तुम्हें अब उखाड़कर फेंक देगा।' यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र परीक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर आंदोलनरत हैं।
एयर इंडिया पायलट डोप टेस्ट विवाद पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने एयर इंडिया के एक पायलट से जुड़े डोप टेस्ट मामले को लेकर केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'देश में जबसे BJP की सरकार सत्ता में आई है, ड्रग तस्करी के मामले बढ़ गए हैं। BJP में अगर जरा सी भी शर्म है तो नागरिक उड्डयन मंत्री का इस्तीफा ले लेना चाहिए।' राजपूत ने यह भी सवाल उठाया कि पायलटों का नियमित डोप टेस्ट क्यों नहीं किया गया और इसे यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करार दिया।
FCRA विधेयक और JPC पर कांग्रेस का रुख
केंद्र सरकार द्वारा FCRA विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने को राजपूत ने सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि कम-से-कम सरकार ने यह स्वीकार किया कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत चर्चा ज़रूरी है। साथ ही उन्होंने माँग की कि JPC में विपक्ष की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो, ताकि प्रस्तावित कानून की खामियाँ सामने आ सकें।
राम मंदिर ट्रस्ट और CEO नियुक्ति पर विवादास्पद टिप्पणी
राम मंदिर के CEO पद के लिए चल रहे इंटरव्यू पर राजपूत ने तीखी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर सवाल हैं और ऐसे में उसे नियुक्ति प्रक्रिया चलाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने माँग की कि ट्रस्ट को भंग कर देश के प्रमुख संतों, शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों को शामिल कर नए सिरे से गठित किया जाए।
झारखंड छात्र आंदोलन और आगे की राह
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन पर राजपूत ने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े कुछ तत्व आंदोलन में घुसकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन मूलतः पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और भर्ती में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। गौरतलब है कि छात्रों और झारखंड सरकार के बीच बातचीत जारी है और अधिकांश माँगों पर सहमति बन चुकी है, जबकि कुछ मुद्दों पर कानूनी अड़चनें बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस वार्ता का नतीजा युवा राजनीति की दिशा तय कर सकता है।