सुनील जाखड़ का भगवंत मान सरकार पर आरोप: PMÁGY की ₹750 करोड़ योजना का श्रेय लेकर जनता को गुमराह किया
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 26 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर केंद्र की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMÁGY) की ₹750 करोड़ की धनराशि का श्रेय लेने और उसके प्रचार पर सार्वजनिक धन खर्च करने का गंभीर आरोप लगाया। जाखड़ के अनुसार यह योजना 100 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और राज्य सरकार का इसमें कोई वित्तीय योगदान नहीं है।
आरोपों का मूल आधार
जाखड़ ने प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी तस्वीरों वाले अखबारी विज्ञापन दिखाए, जिनमें इस योजना को राज्य सरकार की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विज्ञापन अभियान जनता के पैसे से चलाया जा रहा है और इसका मकसद राज्य सरकार के कथित वित्तीय कुप्रबंधन से ध्यान हटाना है।
जाखड़ के अनुसार, PMÁGY उन गाँवों को विकास अनुदान प्रदान करती है जहाँ अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है। यह योजना 2020-21 से अपने मौजूदा स्वरूप में संचालित है और पूरी तरह केंद्र सरकार की निधि से चलती है।
पंजाब में योजना का दायरा
केंद्र सरकार ने पंजाब में इस योजना के अंतर्गत 3,763 गाँवों की पहचान की है। इनमें से 1,200 गाँवों के लिए धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है और शेष गाँवों को भी जल्द मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। जाखड़ ने कहा कि BJP इसकी जाँच करेगी कि जारी की गई धनराशि वास्तव में लक्षित गाँवों तक पहुँची है अथवा उसका कोई हिस्सा विज्ञापन में लगाया गया है।
गौरतलब है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के श्रेय को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों के बीच तनातनी नई नहीं है — यह विवाद कई राज्यों में समय-समय पर सामने आता रहा है।
माँवन ध्यान सत्कार योजना पर भी निशाना
जाखड़ ने राज्य सरकार की माँवन ध्यान सत्कार योजना की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि नशीली दवाओं के कारण बेटे या भाई गँवाने वाली माताओं और बहनों को न्याय के बजाय महज ₹1,000 थमाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं का सम्मान नहीं, बल्कि उनका अपमान है। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने सुझाव दिया कि इस योजना का नाम बदलकर 'माँ और पुत्रियों का अपमान योजना' रख दिया जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या और उससे प्रभावित परिवारों का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। विपक्ष लगातार AAP सरकार को इस मोर्चे पर घेरता रहा है।
सरकार से माफी की माँग
जाखड़ ने पंजाब सरकार से तत्काल माफी माँगने की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्राम विकास के लिए स्वयं कोई तुलनीय पहल नहीं की है और केंद्रीय योजनाओं के प्रचार को अपनी उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जाखड़ ने पहले कांग्रेस में रहते हुए भी पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई थी। BJP में आने के बाद वे पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक रहे हैं और राज्य में AAP सरकार के खिलाफ आक्रामक मुहिम चलाते रहे हैं। आगे देखने वाली बात यह होगी कि क्या BJP इस मामले को विधानसभा या न्यायिक स्तर पर उठाती है।