26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोटा उप महापौर चुनाव: भाजपा के विवेक राजवंशी निर्विरोध जीते, खाटूश्यामजी में कांग्रेस की विनीता पूनिया अध्यक्ष बनीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोटा उप महापौर चुनाव: भाजपा के विवेक राजवंशी निर्विरोध जीते, खाटूश्यामजी में कांग्रेस की विनीता पूनिया अध्यक्ष बनीं

सारांश

राजस्थान नगर निगम चुनावों में भाजपा को कोटा में निर्विरोध जीत मिली तो खाटूश्यामजी में कांग्रेस ने एक वोट के अंतर और अदालती हस्तक्षेप के बाद अध्यक्ष पद छीन लिया। तीनों बड़े निगमों में महापौर पद जीत चुकी भाजपा के लिए जयपुर उप महापौर चुनाव अभी भी परीक्षा है।

मुख्य बातें

विवेक राजवंशी (BJP) 26 सितंबर 2026 को कोटा नगर निगम के उप महापौर निर्विरोध चुने गए — कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा।
खाटूश्यामजी नगर पालिका में कांग्रेस की विनीता पूनिया ने भाजपा की प्रेम देवी को 10-9 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद जीता।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान पर रोक लगाते हुए पूर्व में डाले गए वोटों की गिनती का आदेश दिया।
भाजपा पहले ही जयपुर , जोधपुर और कोटा — तीनों प्रमुख नगर निगमों में महापौर पद जीत चुकी है।
जयपुर उप महापौर चुनाव में भाजपा की सरोज कंवर का मुकाबला कांग्रेस से; क्रास वोटिंग को लेकर दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावे।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा लगभग 30 सितंबर को संभावित — आचार संहिता लागू होने की तैयारी।

राजस्थान नगर निगम चुनावों में 26 सितंबर 2026 को कोटा नगर निगम के उप महापौर पद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विवेक राजवंशी निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। उसी दिन सीकर जिले के खाटूश्यामजी नगर पालिका में कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पूनिया ने भाजपा की प्रेम देवी को मात्र 10-9 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया।

कोटा में निर्विरोध जीत का घटनाक्रम

कोटा में भाजपा के विवेक राजवंशी का निर्विरोध चुनाव तब संभव हुआ जब कांग्रेस ने उप महापौर पद के लिए अपना कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। चुनाव परिणाम के बाद राजवंशी ने कहा कि वे नागरिक सेवाओं में सुधार और कोटा को स्वच्छ एवं हरा-भरा शहर बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा कोटा के लिए व्यक्त किए गए दृष्टिकोण के अनुरूप अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

गौरतलब है कि जयपुर, जोधपुर और कोटा — तीनों प्रमुख नगर निगमों में उप महापौर के चुनाव हो रहे हैं, और भाजपा पहले ही तीनों निगमों में महापौर पद जीत चुकी है। यह उप महापौर चुनाव उन्हीं महापौर चुनावों के बाद का अगला चरण है।

जयपुर में क्रास वोटिंग की आशंका

जयपुर नगर निगम में भाजपा की उम्मीदवार सरोज कंवर का मुकाबला कांग्रेस से है। कांग्रेस नेताओं ने क्रास वोटिंग की संभावना जताई है। हालाँकि, राजस्थान के शहरी विकास एवं आवास मंत्री झबर सिंह खर्रा ने दावा किया कि भाजपा पार्षद पूरी तरह एकजुट और अनुशासित हैं और पार्टी में किसी तरह की क्रास वोटिंग नहीं होगी। दोनों पक्षों के बीच यह बयानबाज़ी जयपुर के चुनावी परिणाम को लेकर अनिश्चितता का संकेत देती है।

खाटूश्यामजी में अदालती हस्तक्षेप और विनीता पूनिया की जीत

सीकर जिले के खाटूश्यामजी नगर पालिका का मामला कानूनी उलझनों के बाद सुलझा। 21 सितंबर को 19 पार्षदों ने मतदान किया था — एक कांग्रेस पार्षद अनुपस्थित रहे। मतपेटी को स्ट्रांगरूम में बंद कर दिया गया था और 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। न्यायालय ने अधिकारियों को पूर्व में डाले गए वोटों की गिनती करने का निर्देश दिया।

यह आदेश वार्ड 11 की पार्षद एवं अध्यक्ष पद की उम्मीदवार विनीता पूनिया द्वारा दायर याचिका के बाद आया। 26 सितंबर को मतगणना हुई, जिसमें पूनिया ने भाजपा की प्रेम देवी को 10-9 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद जीत लिया।

खाटूश्यामजी नगर पालिका के 20 सदस्यीय बोर्ड में 8 भाजपा पार्षद, 8 कांग्रेस पार्षद, 3 निर्दलीय और 1 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) पार्षद शामिल हैं। एक वोट के अंतर की यह जीत स्पष्ट करती है कि निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों का समर्थन कांग्रेस को मिला।

पंचायती राज चुनावों की तैयारी

नगर निगम चुनावों के समानांतर, राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के आगामी पंचायती राज चुनावों के कार्यक्रम पर भी सबकी नज़रें टिकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा लगभग 30 सितंबर को हो सकती है, जिसके बाद आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अंतिम कार्यक्रम राज्य चुनाव आयोग ही निर्धारित करेगा।

राजस्थान में स्थानीय निकायों का यह चुनावी चक्र आने वाले महीनों में राज्य की राजनीतिक दिशा को और स्पष्ट करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली राजनीतिक तापमान जयपुर के उप महापौर चुनाव में नज़र आएगा जहाँ क्रास वोटिंग की आशंका पार्टी अनुशासन की परीक्षा लेगी। खाटूश्यामजी में एक वोट के अंतर और अदालती हस्तक्षेप से मिली कांग्रेस की जीत यह भी संकेत देती है कि छोटे निकायों में निर्दलीय और क्षेत्रीय पार्षदों का झुकाव ही परिणाम तय कर रहा है। तीनों निगमों में महापौर जीत के बावजूद यदि जयपुर उप महापौर सीट हाथ से निकली, तो भाजपा के लिए यह राज्य में पार्टी अनुशासन पर सवाल खड़ा करेगा। पंचायती राज चुनावों की तारीखें घोषित होने के बाद असली दंगल शुरू होगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विवेक राजवंशी को कोटा उप महापौर निर्विरोध क्यों चुना गया?
कांग्रेस ने कोटा नगर निगम के उप महापौर पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे भाजपा के विवेक राजवंशी 26 सितंबर 2026 को स्वतः निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इससे भाजपा को बिना किसी मतदान के यह पद प्राप्त हो गया।
खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में अदालत ने क्यों हस्तक्षेप किया?
राजस्थान उच्च न्यायालय ने 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान पर रोक लगाते हुए अधिकारियों को 21 सितंबर को डाले गए 19 वोटों की गिनती करने का निर्देश दिया। यह आदेश कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पूनिया की याचिका पर आया, जिन्होंने पुनर्मतदान के आदेश को चुनौती दी थी।
विनीता पूनिया ने खाटूश्यामजी में कैसे जीत दर्ज की?
विनीता पूनिया ने भाजपा की प्रेम देवी को 10-9 वोटों से हराया। 20 सदस्यीय बोर्ड में 8 भाजपा, 8 कांग्रेस, 3 निर्दलीय और 1 आरएलपी पार्षद हैं — स्पष्ट है कि कुछ निर्दलीय व आरएलपी पार्षदों का समर्थन पूनिया को मिला।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव कब होंगे?
रिपोर्टों के अनुसार राजस्थान राज्य चुनाव आयोग लगभग 30 सितंबर 2026 को पंचायती राज चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर सकता है, जिसके बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी। हालाँकि, अंतिम निर्णय राज्य चुनाव आयोग का होगा।
जयपुर उप महापौर चुनाव में क्या स्थिति है?
जयपुर नगर निगम में भाजपा की सरोज कंवर और कांग्रेस के बीच उप महापौर पद के लिए चुनाव होना है। कांग्रेस ने क्रास वोटिंग की संभावना जताई है, जबकि शहरी विकास मंत्री झबर सिंह खर्रा का कहना है कि भाजपा पार्षद पूरी तरह एकजुट हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 मिनट पहले
  2. कल
  3. 3 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 8 महीने पहले