कोटा उप महापौर चुनाव: भाजपा के विवेक राजवंशी निर्विरोध जीते, खाटूश्यामजी में कांग्रेस की विनीता पूनिया अध्यक्ष बनीं
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान नगर निगम चुनावों में 26 सितंबर 2026 को कोटा नगर निगम के उप महापौर पद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विवेक राजवंशी निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। उसी दिन सीकर जिले के खाटूश्यामजी नगर पालिका में कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पूनिया ने भाजपा की प्रेम देवी को मात्र 10-9 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया।
कोटा में निर्विरोध जीत का घटनाक्रम
कोटा में भाजपा के विवेक राजवंशी का निर्विरोध चुनाव तब संभव हुआ जब कांग्रेस ने उप महापौर पद के लिए अपना कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। चुनाव परिणाम के बाद राजवंशी ने कहा कि वे नागरिक सेवाओं में सुधार और कोटा को स्वच्छ एवं हरा-भरा शहर बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा कोटा के लिए व्यक्त किए गए दृष्टिकोण के अनुरूप अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
गौरतलब है कि जयपुर, जोधपुर और कोटा — तीनों प्रमुख नगर निगमों में उप महापौर के चुनाव हो रहे हैं, और भाजपा पहले ही तीनों निगमों में महापौर पद जीत चुकी है। यह उप महापौर चुनाव उन्हीं महापौर चुनावों के बाद का अगला चरण है।
जयपुर में क्रास वोटिंग की आशंका
जयपुर नगर निगम में भाजपा की उम्मीदवार सरोज कंवर का मुकाबला कांग्रेस से है। कांग्रेस नेताओं ने क्रास वोटिंग की संभावना जताई है। हालाँकि, राजस्थान के शहरी विकास एवं आवास मंत्री झबर सिंह खर्रा ने दावा किया कि भाजपा पार्षद पूरी तरह एकजुट और अनुशासित हैं और पार्टी में किसी तरह की क्रास वोटिंग नहीं होगी। दोनों पक्षों के बीच यह बयानबाज़ी जयपुर के चुनावी परिणाम को लेकर अनिश्चितता का संकेत देती है।
खाटूश्यामजी में अदालती हस्तक्षेप और विनीता पूनिया की जीत
सीकर जिले के खाटूश्यामजी नगर पालिका का मामला कानूनी उलझनों के बाद सुलझा। 21 सितंबर को 19 पार्षदों ने मतदान किया था — एक कांग्रेस पार्षद अनुपस्थित रहे। मतपेटी को स्ट्रांगरूम में बंद कर दिया गया था और 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। न्यायालय ने अधिकारियों को पूर्व में डाले गए वोटों की गिनती करने का निर्देश दिया।
यह आदेश वार्ड 11 की पार्षद एवं अध्यक्ष पद की उम्मीदवार विनीता पूनिया द्वारा दायर याचिका के बाद आया। 26 सितंबर को मतगणना हुई, जिसमें पूनिया ने भाजपा की प्रेम देवी को 10-9 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद जीत लिया।
खाटूश्यामजी नगर पालिका के 20 सदस्यीय बोर्ड में 8 भाजपा पार्षद, 8 कांग्रेस पार्षद, 3 निर्दलीय और 1 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) पार्षद शामिल हैं। एक वोट के अंतर की यह जीत स्पष्ट करती है कि निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों का समर्थन कांग्रेस को मिला।
पंचायती राज चुनावों की तैयारी
नगर निगम चुनावों के समानांतर, राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के आगामी पंचायती राज चुनावों के कार्यक्रम पर भी सबकी नज़रें टिकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा लगभग 30 सितंबर को हो सकती है, जिसके बाद आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अंतिम कार्यक्रम राज्य चुनाव आयोग ही निर्धारित करेगा।
राजस्थान में स्थानीय निकायों का यह चुनावी चक्र आने वाले महीनों में राज्य की राजनीतिक दिशा को और स्पष्ट करेगा।