खाटूश्यामजी नगरपालिका: कांग्रेस की विनीता पूनिया एक वोट से अध्यक्ष, HC आदेश के बाद हुई गिनती
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगरपालिका में 26 सितंबर 2026 को घोषित चुनाव परिणाम में कांग्रेस उम्मीदवार विनीता पूनिया मात्र एक वोट के अंतर से नगरपालिका अध्यक्ष चुनी गईं। राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर बेंच के 24 सितंबर के आदेश के अनुपालन में 21 सितंबर को डाले गए 19 मतों की गिनती शनिवार को संपन्न हुई, जिसने इस चुनाव के नाटकीय अंत को तय किया।
मतगणना का घटनाक्रम
मतगणना शनिवार सुबह 10 बजे नगरपालिका कार्यालय में शुरू हुई। रिटर्निंग ऑफिसर कपिल उपाध्याय, एएसपी दीपक गर्ग, पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार जांगिड़ तथा अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में मतपेटी स्ट्रांगरूम से नगरपालिका कार्यालय लाई गई।
कांग्रेस की विनीता पूनिया को 10 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार प्रेम देवी को 9 वोट प्राप्त हुए। पूनिया के विजेता घोषित होते ही कांग्रेस समर्थकों ने उत्सव मनाया।
उच्च न्यायालय के आदेश की पृष्ठभूमि
वार्ड 11 की पार्षद एवं अध्यक्ष पद की उम्मीदवार विनीता पूनिया ने राजस्थान उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था। न्यायालय ने 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान को रद्द करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि 21 सितंबर को पड़े 19 वोटों की गिनती कर परिणाम घोषित किया जाए। यह आदेश न्यायालय की 24 सितंबर की सुनवाई के बाद जारी हुआ।
गौरतलब है कि मतदान के बाद मतपेटी को सील कर स्ट्रांगरूम में सुरक्षित रखा गया था और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे बाहर निकाला गया। BJP उम्मीदवार प्रेम देवी स्ट्रांगरूम तक पहुँचने में असमर्थ रहीं।
बोर्ड की संरचना और अनुपस्थित पार्षद
खाटूश्यामजी नगरपालिका के 20 सदस्यीय बोर्ड में 8 BJP पार्षद, 8 कांग्रेस पार्षद, 3 निर्दलीय और 1 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) पार्षद हैं। 21 सितंबर को 20 में से 19 पार्षदों ने मतदान किया।
वार्ड 10 से कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी मतदान के लिए नहीं पहुँचीं। उनके पति हरलाल की शिकायत के बाद पुलिस ने उनका पता लगाया, लेकिन तब तक मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी।
राजनीतिक महत्व
यह परिणाम राजस्थान में स्थानीय निकाय राजनीति के लिए महत्त्वपूर्ण है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कांग्रेस और BJP के बीच शहरी स्थानीय निकायों पर नियंत्रण को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा जारी है। मात्र एक वोट के अंतर से मिली यह जीत बताती है कि स्थानीय राजनीति में प्रत्येक मत कितना निर्णायक हो सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि BJP इस परिणाम को कानूनी या राजनीतिक स्तर पर चुनौती देती है या नहीं।