22 सितंबर 2026
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खाटूश्यामजी नगर पालिका चेयरमैन चुनाव स्थगित, कांग्रेस पार्षद की अनुपस्थिति से देर रात तक सियासी उठापटक

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खाटूश्यामजी नगर पालिका चेयरमैन चुनाव स्थगित, कांग्रेस पार्षद की अनुपस्थिति से देर रात तक सियासी उठापटक

सारांश

सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका में BJP और कांग्रेस की बराबर ताकत के बीच एक पार्षद की अनुपस्थिति ने पूरी रात सियासी उठापटक मचाई। रात 11:30 बजे तक बढ़ाई गई समय-सीमा, पुलिस शिकायत और धरने के बाद आखिरकार राज्य चुनाव आयोग के निर्देश पर चुनाव अगले आदेश तक टाल दिया गया।

मुख्य बातें

खाटूश्यामजी नगर पालिका के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन चुनाव 22 सितंबर 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित।
कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी (वार्ड 10) के मतदान स्थल पर न पहुँचने से विवाद शुरू; रात लगभग 11:30 बजे तक बार-बार समय-सीमा बढ़ाई गई।
20 सदस्यीय नगर पालिका में BJP और कांग्रेस के 8-8 पार्षद; बहुमत के लिए 11 वोट जरूरी।
BJP समर्थकों और परिवार ने पार्षद के 'लापता' होने की पुलिस शिकायत दर्ज कराई — आरोपों की पुष्टि नहीं।
रिपोर्टों के अनुसार लक्ष्मी देवी का BJP उम्मीदवार प्रेम देवी से पारिवारिक संबंध बताया जा रहा है।
रिटर्निंग ऑफिसर कपिल उपाध्याय ने राज्य चुनाव आयोग के निर्देश पर चुनाव टालने की घोषणा की।

सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका में चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन पद के चुनाव 22 सितंबर 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए, जब वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान स्थल पर नहीं पहुँचीं और इसे लेकर देर रात तक राजनीतिक विवाद चलता रहा। रिटर्निंग ऑफिसर कपिल उपाध्याय ने आधी रात के बाद मीडिया को बताया कि राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद चुनाव अगले आदेश तक टाल दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को मतदान शुरू होने के बाद से ही लक्ष्मी देवी के मतदान स्थल पर न पहुँचने की सूचना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। उन्हें मताधिकार देने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर ने बार-बार मतदान की समय-सीमा बढ़ाई — आखिरी बार समय रात लगभग 11:30 बजे तक बढ़ाया गया। वोटिंग के रिकॉर्ड आधी रात के बाद सील किए गए।

गौरतलब है कि 20 सदस्यीय इस नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के आठ-आठ पार्षद हैं, जबकि तीन निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) पार्षद हैं। बहुमत के लिए 11 वोटों की आवश्यकता है, जिससे एक-एक वोट का महत्व बेहद अधिक हो जाता है।

आरोप-प्रत्यारोप और धरना

BJP नेताओं और समर्थकों ने नगर पालिका परिसर के बाहर धरना दिया और माँग की कि लक्ष्मी देवी को मतदान का अवसर दिया जाए। उनके परिवार और BJP समर्थकों ने पार्षद के 'लापता' होने का आरोप लगाया और इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई — हालाँकि इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं कांग्रेस खेमे ने बार-बार समय-सीमा बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष सुनीता गिठाला और पूर्व प्रधान भंवरलाल वर्मा ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर मतदान की समय-सीमा में विस्तार पर सवाल उठाए।

लक्ष्मी देवी की पहचान और विवाद का नया पहलू

लक्ष्मी देवी ने वार्ड 10 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था और चुनाव रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने BJP की ममता देवी को 172 वोटों में से 37 वोटों के अंतर से हराया था। रिपोर्टों के अनुसार, लक्ष्मी देवी का चेयरमैन पद की BJP उम्मीदवार प्रेम देवी से पारिवारिक संबंध बताया जा रहा है, जिससे इस पूरे विवाद में एक नया और जटिल आयाम जुड़ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में विनीता पुनिया चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

देर रात BJP नेताओं ने राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। दोनों दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदान रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से सील किए गए। दोनों पक्षों ने चुनाव अधिकारियों को अपनी-अपनी माँगों वाले ज्ञापन सौंपे।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी जोड़-तोड़ पहले से चर्चा में है। रिटर्निंग ऑफिसर कपिल उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि राज्य चुनाव आयोग के आगामी निर्देशों के बाद ही चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन पद के चुनाव की नई तारीख तय होगी। चुनाव का अंतिम परिणाम तब तक अधर में रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक-एक वोट के लिए रणनीतिक 'अनुपस्थिति' एक हथियार बन जाती है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आधी रात तक समय-सीमा बढ़ाने का अधिकार रिटर्निंग ऑफिसर को था या नहीं — और इस पर राज्य चुनाव आयोग की चुप्पी क्या संकेत देती है। रिपोर्टों में उल्लिखित पार्षद और BJP उम्मीदवार का कथित पारिवारिक संबंध दल-निष्ठा की सीमाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है, जिसकी जाँच मतदाता और प्रशासन दोनों को करनी चाहिए।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाटूश्यामजी नगर पालिका चेयरमैन चुनाव क्यों टाला गया?
राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने 22 सितंबर 2026 की देर रात चुनाव अगले आदेश तक स्थगित करने की घोषणा की। इसकी मुख्य वजह कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी का मतदान स्थल पर न पहुँचना और उसके बाद हुआ राजनीतिक विवाद रहा।
खाटूश्यामजी नगर पालिका में राजनीतिक स्थिति क्या है?
20 सदस्यीय नगर पालिका में BJP और कांग्रेस के 8-8 पार्षद हैं, तीन निर्दलीय और एक RLP पार्षद भी हैं। बहुमत के लिए 11 वोट जरूरी हैं, जिससे हर एक वोट निर्णायक महत्व रखता है।
कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी कौन हैं?
लक्ष्मी देवी वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद हैं, जिन्होंने BJP की ममता देवी को 37 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। रिपोर्टों के अनुसार उनका BJP चेयरमैन उम्मीदवार प्रेम देवी से पारिवारिक संबंध बताया जा रहा है।
BJP और कांग्रेस के बीच विवाद किस बात पर है?
BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर अपनी पार्षद को मतदान से दूर रखा और परिवार ने पुलिस में 'लापता' होने की शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए बार-बार समय-सीमा बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई और जिला कलेक्टर से शिकायत की।
अब चेयरमैन चुनाव कब होगा?
रिटर्निंग ऑफिसर कपिल उपाध्याय के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग के अगले निर्देश आने के बाद ही नई तारीख तय होगी। फिलहाल चुनाव अगले आदेश तक के लिए स्थगित है।
राष्ट्र प्रेस
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