राजस्थान निकाय चुनाव: कोटा में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, 10 बूथों पर री-पोलिंग जारी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में 10 मतदान केंद्रों पर बुधवार, 16 सितंबर 2026 को री-पोलिंग कराई जा रही है, क्योंकि 14 सितंबर की मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में तकनीकी खराबी के कारण वोटों की संख्या प्रदर्शित नहीं हो पाई थी। राज्य चुनाव आयोग ने जाँच में पाया कि प्रभावित मशीनों पर अदृश्य वोटों की संख्या संबंधित उम्मीदवारों के बीच जीत के अंतर से अधिक थी, जिसके चलते दोबारा मतदान अनिवार्य हो गया।
री-पोलिंग का कार्यक्रम और प्रक्रिया
दोबारा मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम को सील कर सुरक्षित स्ट्रांगरूम में रखा जाएगा। इन बूथों की मतगणना गुरुवार, 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसके बाद रुके हुए परिणाम घोषित किए जाएंगे।
री-पोलिंग की वजह से जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर पद और सुकेत में चेयरपर्सन पद के लिए चुनाव प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकी गई है।
किन बूथों पर हो रही है दोबारा वोटिंग
जयपुर नगर निगम में बूथ नंबर 111 (वार्ड 09), बूथ नंबर 235 (वार्ड 18), बूथ नंबर 343 (वार्ड 25), और बूथ नंबर 477 व 484 (वार्ड 34) शामिल हैं। जोधपुर नगर निगम में बूथ नंबर 338 (वार्ड 50) पर मतदान हो रहा है।
कोटा नगर निगम में बूथ नंबर 99 (वार्ड 87), बूथ नंबर 448 (वार्ड 44) और बूथ नंबर 576 (वार्ड 11) पर री-पोलिंग हो रही है। इसके अलावा सुकेत नगर पालिका में बूथ नंबर 05 (वार्ड 04) पर भी दोबारा मतदान जारी है।
कोटा में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
कोटा नगर निगम के वार्ड नंबर 87 में री-पोलिंग के दौरान राजनीतिक तनाव उस समय हिंसक रूप ले बैठा जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के समर्थक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। यह विवाद पोलिंग स्टेशन के बाहर हाथापाई में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाए।
इस वार्ड में BJP उम्मीदवार पुष्पा चौधरी और कांग्रेस उम्मीदवार लक्ष्मी शर्मा के बीच कड़ा मुकाबला है। कड़ी टक्कर की स्थिति को इस तनाव की पृष्ठभूमि माना जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
झड़प की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। स्थिति को नियंत्रण में लाया गया और उत्तेजित कार्यकर्ताओं को पोलिंग स्टेशन के आसपास से हटाया गया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई ताकि शेष मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
ईवीएम खराबी की वजह से क्यों रुके थे नतीजे
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, 14 सितंबर को मतगणना के दौरान जब रिटर्निंग अधिकारियों ने परिणाम निकालने का प्रयास किया, तो कुछ ईवीएम में वोटों की संख्या स्क्रीन पर दिखाई नहीं दी। जिला चुनाव अधिकारियों की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आयोग ने निष्कर्ष निकाला कि इन अदृश्य वोटों की संख्या उम्मीदवारों के जीत के अंतर को प्रभावित करने में सक्षम थी। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में ईवीएम की विश्वसनीयता पर बहस छिड़ी हुई है।
17 सितंबर को नई गिनती पूरी होने के बाद जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के रुके हुए निकाय चुनाव परिणाम सामने आएंगे — और तब ही मेयर व चेयरपर्सन पद की तस्वीर साफ होगी।