राजस्थान निकाय चुनाव 2026: जयपुर के 5 बूथों पर EVM खराबी के बाद दोबारा मतदान जारी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के तहत जयपुर के पाँच बूथों पर 16 सितंबर 2026 को दोबारा मतदान जारी है। 14 सितंबर को हुए मूल मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया। इसी प्रकार, जोधपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 50 के बूथ नंबर 338 पर भी EVM खराबी के चलते पुनर्मतदान कराया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
जयपुर के वार्ड नंबर 34 के लिए महाप्रज्ञा स्कूल सहित पाँच बूथों पर पुनर्मतदान हो रहा है। मूल मतदान 14 सितंबर को हुआ था, परंतु मतगणना के दौरान कम से कम एक EVM में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिसके कारण वोटों की गिनती पूरी नहीं हो सकी। इस पर चुनाव आयोग ने प्रभावित बूथों पर नए सिरे से मतदान कराने का निर्णय लिया।
जोधपुर में रिटर्निंग ऑफिसर राम किशोर मीणा ने बताया कि निर्धारित री-पोलिंग शांतिपूर्वक शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, 'हमने कल ही सारी तैयारियाँ पूरी कर ली थीं। पुलिस और प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था की पूरी समीक्षा की गई थी। उसी के मुताबिक आज वार्ड नंबर 50 के पोलिंग बूथ 338 पर वोटिंग बहुत शांति से हो रही है।'
मतदाताओं की प्रतिक्रिया
पुनर्मतदान में शामिल मतदाताओं ने स्थानीय विकास के मुद्दों को अहम बताया। सुमन जैन ने बताया कि 14 सितंबर को वे जयपुर से बाहर थे और कल ही लौटे, इसलिए आज मतदान का मौका मिला। अंतू जैन ने कहा कि उन्होंने वृंदावन विहार कॉलोनी में विकास के मुद्दे पर वोट दिया, क्योंकि पहले उनका परिवार यहाँ उपस्थित नहीं था।
रति तिवारी ने बताया कि उन्होंने 14 सितंबर को भी मतदान किया था, लेकिन EVM खराबी के कारण गिनती पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे आगे आएँ और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना योगदान दें। नर्सिंग कुमार गुप्ता ने कहा कि पिछली बार धार्मिक यात्रा के कारण वे मतदान नहीं कर सके थे; इस बार उन्होंने साफ-सफाई, क्षेत्र विकास और हाउस टैक्स से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर वोट दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी के साथ हाउस टैक्स लगाना गलत है और जो भी चुनाव जीते, उसे इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए।
EVM विवाद और पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में EVM की विश्वसनीयता पर बहस जारी है। गौरतलब है कि स्थानीय निकाय चुनावों में तकनीकी खराबी के कारण पुनर्मतदान के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। चुनाव आयोग की मानक प्रक्रिया के तहत जब भी मतगणना के दौरान EVM में खराबी पाई जाती है, तो संबंधित बूथ पर नए सिरे से मतदान अनिवार्य किया जाता है।
जोधपुर में प्रशासन ने 15 सितंबर को ही पूरी तैयारी पूरी कर ली थी — पुलिस तैनाती, कानून-व्यवस्था की समीक्षा और संभावित मुद्दों का आकलन किया गया था।
आम जनता पर असर
पुनर्मतदान से उन मतदाताओं को भी अवसर मिला है जो 14 सितंबर को किसी कारणवश वोट नहीं दे सके थे। साथ ही, जिन बूथों पर EVM में गड़बड़ी हुई थी, वहाँ के मतदाताओं को दोबारा अपना मत डालने का मौका दिया जा रहा है। इससे संबंधित वार्डों के चुनाव परिणाम में देरी हो सकती है।
आगे क्या होगा
पुनर्मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन बूथों की मतगणना की जाएगी और फिर संबंधित वार्डों के अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे। राजस्थान शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के समग्र परिणाम पर इन बूथों का असर देखा जाएगा।