अमीषा पटेल बोलीं: पारंपरिक कपड़े पहनने से त्योहार का मजा हो जाता है दोगुना
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अमीषा पटेल ने फेस्टिव सीजन में पारंपरिक परिधानों के प्रति अपने गहरे लगाव को साझा किया और कहा कि भारतीय त्योहार जीवन में सकारात्मकता और उमंग का संचार करते हैं। 16 सितंबर को मुंबई में हुई एक बातचीत में उन्होंने खुलकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।
त्योहारों से जुड़ा विशेष लगाव
अमीषा ने बताया कि उन्हें भारतीय पर्वों में असीम आनंद मिलता है। उन्होंने कहा, 'मुझे दिवाली, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि बहुत पसंद हैं और इनमें बहुत मजा आता है।' अभिनेत्री के अनुसार ये त्योहार न केवल खुशी बल्कि नई शुरुआत का भी प्रतीक हैं।
उन्होंने त्योहारों की सकारात्मक ऊर्जा पर जोर देते हुए कहा, 'पॉजिटिव वाइब्स, अच्छे काम की नई शुरुआत। मुझे लगता है सब कुछ अच्छा होगा।' यह भाव उनकी जीवन के प्रति आशावादी दृष्टि को दर्शाता है।
पारंपरिक परिधान और त्योहार का आनंद
अमीषा ने खास तौर पर फेस्टिव सीजन में पारंपरिक वस्त्रों की अहमियत पर प्रकाश डाला। उनके शब्दों में, 'त्योहार घर में खुशहाली लेकर आते हैं और ऐसे में पारंपरिक वस्त्र पहनने से पर्व का मजा दो गुना हो जाता है।' उनका यह नजरिया भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति उनकी गहरी आस्था को उजागर करता है।
चर्चगेट में चोरी की घटना
गौरतलब है कि इसी दौरान अमीषा पटेल हाल ही में एक अन्य कारण से भी चर्चा में रहीं। मुंबई के चर्चगेट इलाके में स्थित उनके माता-पिता के घर में कथित तौर पर चोरी हुई, जिसमें लगभग ₹5 लाख की सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी हो गई बताई जाती है।
मरीन ड्राइव पुलिस ने इस कथित चोरी के सिलसिले में पालघर की 40 वर्षीया घरेलू सहायिका सीमा घाटे को गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें 15 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
फिल्मी सफर और पारिवारिक पृष्ठभूमि
अमीषा पटेल ने बॉलीवुड में वर्ष 2000 में ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कहो ना... प्यार है' से शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद 'गदर: एक प्रेम कथा' (2001), 'हमराज' (2002) और 'भूल भुलैया' (2007) जैसी सफल फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाए रखा।
वर्ष 2023 में वे 'गदर 2' में पुनः अपनी भूमिका में नजर आईं, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता रही। अभिनेत्री एक गुजराती परिवार से आती हैं और उनके दादा बैरिस्टर रजनी पटेल एक प्रतिष्ठित वकील तथा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता थे, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी माने जाते थे।
आने वाले त्योहारी मौसम में अमीषा की पारंपरिक संस्कृति के प्रति यह प्रतिबद्धता उनके प्रशंसकों को नई प्रेरणा देती रहेगी।