उमर खालिद डॉक्यूमेंट्री विवाद: प्रियांक खड़गे बोले — ABVP की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, ट्रायल पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के कलबुर्गी में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर 16 सितंबर 2026 को विवाद तेज हो गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्क्रीनिंग का विरोध किया। इस विवाद में अब राज्य सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कड़ा रुख अपनाते हुए ABVP पर 'गुंडागर्दी' का आरोप लगाया और केंद्र सरकार से उमर खालिद के ट्रायल में देरी पर तीखे सवाल पूछे।
विवाद की पृष्ठभूमि
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' करार दिया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ABVP ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उमर खालिद कथित तौर पर 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में कई वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं और उन पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप दर्ज हैं।
गौरतलब है कि उमर खालिद का ट्रायल अब तक औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुआ है, जो कि विपक्षी दलों के लिए आलोचना का एक प्रमुख बिंदु बन चुका है।
प्रियांक खड़गे की तीखी प्रतिक्रिया
मंत्री प्रियांक खड़गे ने ABVP की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ABVP को ज़्यादा रचनात्मक कामों में लगना चाहिए। केंद्र में आपकी सरकार है। उन शिक्षा सुधारों पर बात करें जिनकी युवा और जेन-सी बात कर रहे हैं। उस KPSC घोटाले पर बात करें जिसमें आपके नेता शामिल हैं। आप उस उमर खालिद के पीछे क्यों पड़े हैं? वह जेल में है, है ना? वह आपको कैसे नुकसान पहुँचा रहा है?'
खड़गे ने आगे कहा, 'उसे दोषी ठहराइए, कौन मना कर रहा है? लेकिन ABVP इन सब चीज़ों में क्यों पड़ रहा है कि कौन-सी डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाए और कौन-सी नहीं? इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'
ट्रायल में देरी पर केंद्र से सवाल
मंत्री खड़गे ने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए पूछा कि यदि उमर खालिद देश-विरोधी हैं, तो उनका ट्रायल अब तक क्यों नहीं शुरू हुआ। उनके शब्दों में, 'कौन कह रहा है कि उमर खालिद देश-विरोधी हैं? क्या कोर्ट ने ऐसा कहा है? BJP कह रही है कि वह देश-विरोधी हैं। ट्रायल क्यों शुरू नहीं कर रहे हैं? उन्हें जेल में कई साल हो चुके हैं और जाहिर है कि उन पर चार्जशीट भी हैं। ट्रायल क्यों नहीं चल रहा है? वे ट्रायल करने से इतना क्यों डर रहे हैं?'
सपा नेता का बयान
मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एस.टी. हसन ने भी उमर खालिद के पक्ष में बोलते हुए कहा, 'जहाँ तक हम समझते हैं, उमर खालिद ने हमेशा राष्ट्रीय एकता की बात की है। उन्होंने हमेशा सांप्रदायिक सद्भाव और उत्पीड़न से आज़ादी की बात की है। अब, जालिम कौन है और मजलूम कौन — यह बात आज हर कोई जानता है।' हसन ने जोड़ा, 'यह दुखद है कि वह छह साल से जेल में हैं और उनका ट्रायल अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है।'
राजनीतिक समीकरण और आगे की स्थिति
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में BJP और कांग्रेस के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तनातनी चल रही है। ABVP द्वारा डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग रोकने की कोशिश अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा की बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आई है। उमर खालिद के ट्रायल की धीमी रफ़्तार न्यायिक प्रणाली पर सवाल उठाती है और आलोचकों का कहना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।