15 सितंबर 2026
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उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताया कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख हरिप्रसाद ने, भाजपा ने साधा तीखा निशाना

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उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताया कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख हरिप्रसाद ने, भाजपा ने साधा तीखा निशाना

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बीके हरिप्रसाद का उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताना और एबीवीपी पर तीखा हमला — और भाजपा का तुरंत पलटवार। बेंगलुरु के एनएलएसआईयू में वृत्तचित्र स्क्रीनिंग विवाद के बाद उठा यह राजनीतिक तूफान बताता है कि उमर खालिद का मुद्दा अब सड़क से संसद तक की बहस बन चुका है।

मुख्य बातें

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 15 सितंबर 2026 को यूएपीए-बंदी उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताया।
एनएलएसआईयू, बेंगलुरु में 14 सितंबर को प्रस्तावित वृत्तचित्र 'कैदी नंबर 626710 मौजूद है' की स्क्रीनिंग एबीवीपी के विरोध के बाद पुनर्निर्धारित।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने हरिप्रसाद के बयान को 'बेहद निंदनीय' करार दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज की थी।
भाजपा ने कांग्रेस पर यासीन मलिक से संबंधों और 'तुष्टीकरण' का भी आरोप लगाया।

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 15 सितंबर 2026 को यूएपीए के तहत जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताया — यह बयान तब आया जब बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) में उन पर बनी एक वृत्तचित्र की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर विवाद छिड़ गया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तुरंत पलटवार करते हुए इस बयान को 'बेहद निंदनीय' करार दिया।

विवाद की जड़: वृत्तचित्र स्क्रीनिंग और एबीवीपी का विरोध

फिल्म निर्माता ललित वचानी द्वारा निर्मित वृत्तचित्र 'कैदी नंबर 626710 मौजूद है' को 14 सितंबर को एनएलएसआईयू के छात्र संगठन लॉ एंड सोसाइटी कमेटी (लॉ सोक) द्वारा प्रदर्शित किया जाना था। यह आयोजन उमर खालिद के समर्थन में और 2020 के दिल्ली दंगों के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत बिना मुकदमे के उनकी कैद के छह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रखा गया था।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने स्क्रीनिंग रद्द करने की माँग की। इसके बाद एनएलएसआईयू प्रशासन ने 'व्यवस्थागत' और 'सुरक्षा संबंधी चिंताओं' का हवाला देते हुए कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित कर दिया।

हरिप्रसाद का बयान और एबीवीपी पर निशाना

हरिप्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'उमर खालिद एक राष्ट्रवादी हैं।' उन्होंने एबीवीपी की आलोचना करते हुए दावा किया कि 'एबीवीपी को उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि एबीवीपी नाथूराम गोडसे की पूजा करती है, जो देशद्रोही है और देश का पहला आतंकवादी।' यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से तुरंत तीखी प्रतिक्रिया का कारण बनी।

भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए हरिप्रसाद के बयान को 'बेहद निंदनीय' बताया। उन्होंने कहा, 'ये वही उमर खालिद हैं — फरवरी 2020 के नागरिकता संशोधन अधिनियम विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली में इतने लोग मारे गए थे। उन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज है। मामले की सुनवाई कई अदालतों में हुई। यहाँ तक कि फरवरी 2026 में, सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी।'

पात्रा ने आगे कहा, 'देखिए कांग्रेस पार्टी उसी उमर खालिद के प्रति कितनी सहानुभूति रखती है — वे उसे राष्ट्रवादी कह रहे हैं!' उन्होंने कांग्रेस पर कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक का 'गर्मजोशी से स्वागत' करने का भी आरोप लगाया और पार्टी पर 'तुष्टीकरण' का आरोप लगाया।

उमर खालिद: मामले की पृष्ठभूमि

उमर खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। वे तब से बिना मुकदमे के जेल में हैं। फरवरी 2026 में सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला नागरिक स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा की व्यापक बहस का केंद्र बना हुआ है।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचा है। हरिप्रसाद के बयान पर आने वाले दिनों में और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ अपेक्षित हैं। एनएलएसआईयू में वृत्तचित्र की पुनर्निर्धारित स्क्रीनिंग की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'राष्ट्रवादी' का लेबल कांग्रेस के लिए कानूनी और नैतिक दोनों मोर्चों पर कठिन सवाल खड़े करता है। भाजपा का यासीन मलिक कार्ड पुराना, लेकिन परीक्षित हथियार है। असली सवाल यह है कि कांग्रेस इस बहस को नागरिक स्वतंत्रता की ज़मीन पर लड़ेगी या भावनात्मक आरोप-प्रत्यारोप में उलझेगी — क्योंकि जनता की नज़र में दोनों के बीच का फर्क नतीजे तय करेगा।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीके हरिप्रसाद ने उमर खालिद के बारे में क्या कहा?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 15 सितंबर 2026 को पत्रकारों से कहा कि उमर खालिद एक 'राष्ट्रवादी' हैं। उन्होंने एबीवीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन को उमर खालिद पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
एनएलएसआईयू में कौन-सा वृत्तचित्र दिखाया जाने वाला था और क्यों रद्द हुआ?
फिल्म निर्माता ललित वचानी की वृत्तचित्र 'कैदी नंबर 626710 मौजूद है' 14 सितंबर को एनएलएसआईयू में प्रदर्शित होनी थी। एबीवीपी के विरोध के बाद विश्वविद्यालय ने 'व्यवस्थागत' और 'सुरक्षा संबंधी चिंताओं' का हवाला देते हुए इसे पुनर्निर्धारित कर दिया।
उमर खालिद पर क्या मामला दर्ज है?
उमर खालिद पर फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के सिलसिले में यूएपीए के तहत मामला दर्ज है और वे तब से बिना मुकदमे के जेल में हैं। फरवरी 2026 में सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
भाजपा ने हरिप्रसाद के बयान पर क्या कहा?
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने बयान को 'बेहद निंदनीय' बताया और याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज की है। उन्होंने कांग्रेस पर यासीन मलिक से जुड़ी मुलाकातों और 'तुष्टीकरण' का भी आरोप लगाया।
यह वृत्तचित्र स्क्रीनिंग किस उपलक्ष्य में रखी गई थी?
यह आयोजन 2020 के दिल्ली दंगों के संबंध में यूएपीए के तहत उमर खालिद की बिना मुकदमे के कैद के छह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रखा गया था। इसे एनएलएसआईयू की लॉ एंड सोसाइटी कमेटी ने आयोजित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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