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उमर खालिद डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग पर ABVP की रोक 'दादागिरी': AIMPLB प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास

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उमर खालिद डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग पर ABVP की रोक 'दादागिरी': AIMPLB प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास

सारांश

उमर खालिद के पिता और AIMPLB प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने ABVP पर 'दादागिरी' का आरोप लगाया और कहा कि छह साल बाद भी बिना ट्रायल के डॉक्यूमेंट्री पर रोक न्यायसंगत नहीं। AIMPLB 17 सितंबर से 'संविधान बचाओ, भारत बचाओ' अभियान शुरू करेगा।

मुख्य बातें

AIMPLB प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रोकने को ABVP की 'दादागिरी' बताया।
उमर खालिद UAPA मामले में करीब छह वर्षों से हिरासत में हैं; अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ।
इलियास ने पश्चिम बंगाल, असम और उत्तराखंड में मदरसों के खिलाफ कार्रवाई को संविधान-विरोधी बताया।
सहारनपुर में 100 वर्ष पुरानी मस्जिद गिराए जाने को असंवैधानिक करार दिया; दावा किया कि अदालत ने सील करने का आदेश दिया था, ध्वस्त करने का नहीं।
AIMPLB 17 सितंबर से नवंबर अंत तक 'संविधान बचाओ, भारत बचाओ' अभियान चलाएगा।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा रोका जाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह 'दादागिरी' है। इलियास — जो उमर खालिद के पिता भी हैं — ने कानूनी सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि जब तक कोई न्यायालय किसी को दोषी न ठहराए, तब तक उसे निर्दोष माना जाना चाहिए।

डॉक्यूमेंट्री विवाद और कानूनी दलील

इलियास ने कहा कि उमर खालिद के विरुद्ध दायर आरोप-पत्र और चार्जशीट पर करीब छह वर्षों से सवाल उठते रहे हैं, फिर भी अब तक मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी देरी के कारण जमानत मिलने में भी रुकावट आ रही है। उनके अनुसार, ऐसे में किसी दस्तावेज़ी फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है।

मदरसों पर कार्रवाई को लेकर BJP पर निशाना

इलियास ने पश्चिम बंगाल में मदरसों को जारी किए गए नोटिस का उल्लेख करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि भाजपा-शासित राज्यों में मदरसों के खिलाफ अलग-अलग तरीकों से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने असम और उत्तराखंड के बाद पश्चिम बंगाल में भी ऐसी कार्रवाई का उल्लेख किया। उनका कहना था कि किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और मदरसों में धार्मिक शिक्षा का अधिकार संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत संरक्षित है।

सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर आपत्ति

सहारनपुर में एक मस्जिद को गिराए जाने के प्रकरण पर इलियास ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद करीब 100 वर्ष पुरानी थी और उसके स्वामित्व व वक्फ से जुड़े दस्तावेज़ उपलब्ध थे। उनके अनुसार अदालत ने मस्जिद को सील करने का आदेश दिया था, न कि ध्वस्त करने का, लेकिन प्रशासन ने उसे गिरा दिया। उन्होंने इस कदम को गलत और असंवैधानिक बताया।

AIMPLB का 'संविधान बचाओ, भारत बचाओ' अभियान

इलियास ने घोषणा की कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड 17 सितंबर से नवंबर के अंत तक 'संविधान बचाओ, भारत बचाओ' थीम के तहत पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाएगा। इस अभियान के केंद्र में संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दे होंगे। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब मदरसा नीति, वक्फ संशोधन और अल्पसंख्यक संस्थाओं पर बहस राष्ट्रीय स्तर पर तेज़ हो रही है।

व्यापक संदर्भ

उमर खालिद 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं। उनका मामला न्यायिक विलंब और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहस के केंद्र में बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि बिना ट्रायल के लंबी हिरासत कानून के शासन पर गंभीर सवाल उठाती है, जबकि अभियोजन पक्ष का तर्क है कि मामले की जटिलता के कारण सुनवाई में समय लग रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 17 सितंबर के अभियान की पूर्व-भूमिका के रूप में सामने आया है। उमर खालिद के मामले में छह साल में ट्रायल न शुरू होना न्यायिक विलंब की उस बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है जो UAPA जैसे कानूनों के तहत अभियुक्तों को प्रभावित करती है — यह सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी का है। मदरसों और मस्जिद विध्वंस के मुद्दों को एक साथ उठाकर AIMPLB एक व्यापक आख्यान बना रहा है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस रणनीतिक टाइमिंग को नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर खालिद की डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग पर विवाद क्या है?
JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का ABVP ने विरोध किया, जिसके बाद उसे अनुमति नहीं दी गई। उमर खालिद के पिता और AIMPLB प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने इसे 'दादागिरी' और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
उमर खालिद का मामला अभी किस स्थिति में है?
उमर खालिद 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में करीब छह वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं। इलियास के अनुसार अब तक ट्रायल शुरू नहीं हुआ है, जिस कारण जमानत मिलने में भी देरी हो रही है।
AIMPLB का 'संविधान बचाओ, भारत बचाओ' अभियान क्या है?
यह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान है, जो 17 सितंबर से नवंबर के अंत तक चलेगा। इसमें संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर इलियास ने क्या कहा?
इलियास ने दावा किया कि सहारनपुर में गिराई गई मस्जिद करीब 100 वर्ष पुरानी थी और उसके वक्फ व स्वामित्व के दस्तावेज़ मौजूद थे। उनके अनुसार अदालत ने केवल सील करने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने उसे ध्वस्त कर दिया, जिसे उन्होंने असंवैधानिक बताया।
AIMPLB ने मदरसों पर कार्रवाई को लेकर क्या आरोप लगाए?
AIMPLB प्रवक्ता इलियास ने आरोप लगाया कि असम, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में मदरसों के खिलाफ अलग-अलग तरीकों से कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना संविधान की भावना के खिलाफ है।
राष्ट्र प्रेस
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