कर्नाटक भाजपा नेता की बानू मुश्ताक की गिरफ्तारी की मांग ने खड़ा किया विवाद
सारांश
Key Takeaways
- बानू मुश्ताक का आरोपित व्यवहार विवाद का कारण बना।
- राजनीतिक दबाव और सामाजिक भावनाएँ इस मामले में महत्वपूर्ण हैं।
- इस विवाद ने बीआर अंबेडकर के प्रति सम्मान की भावना को उजागर किया।
- कानूनी कार्रवाई की मांग ने राजनीतिक तकरार को और बढ़ा दिया है।
- सामाजिक संगठनों का रुख इस मुद्दे को और जटिल बना रहा है।
बेंगलुरु, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के भाजपा नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने कहा है कि इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंड्या जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, बानू मुश्ताक ने बीआर अंबेडकर की तस्वीर पर चप्पल पहनकर फूल चढ़ाए, जो उनके प्रति अपमानजनक है।
विधान परिषद के विपक्ष के नेता नारायणस्वामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह व्यवहार बिल्कुल गलत है और सरकार को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बानू मुश्ताक ने सफाई देते हुए कहा कि चप्पल उनके घर की देवी हैं, इसलिए उन्होंने उन्हें नहीं उतारा। नारायणस्वामी के अनुसार, यह बयान भी अपमानजनक है।
उन्होंने कहा कि कई लोग बाबा साहेब अंबेडकर को देवता मानते हैं, इसलिए यह उनके अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
नारायणस्वामी ने दलित संगठनों से भी सवाल किया कि पहले वे बानू मुश्ताक का समर्थन कर रहे थे, लेकिन अब इस मुद्दे पर उनकी क्या राय है।
उन्होंने कहा कि यदि बानू मुश्ताक कहती हैं कि चप्पल उनके घर की देवी हैं, तो फिर लोग भी उन्हें चप्पलों से पूजा करें, क्योंकि उन्होंने खुद ऐसा कहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम में अल्लाह को भगवान माना जाता है और सभी उसका सम्मान करते हैं, लेकिन चप्पल को देवी कहना समझ से परे है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मंड्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बानू मुश्ताक ने कथित रूप से चप्पल पहनकर अंबेडकर की तस्वीर पर फूल चढ़ाए।
आलोचकों का कहना है कि इससे बीआर अंबेडकर का अपमान हुआ है और धार्मिक प्रतीकों की तुलना चप्पलों से की गई है।