उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने पर BJP का कर्नाटक कांग्रेस से माफी का मुतालबा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 16 सितंबर 2026 को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला, जब कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद द्वारा उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताए जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। BJP ने सार्वजनिक माफी की माँग करते हुए इस बयान को देश विरोधी तत्वों का महिमामंडन करार दिया।
तेलंगाना BJP का तीखा प्रहार
तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने हैदराबाद में कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्नाटक सरकार और कर्नाटक के नेताओं ने उमर खालिद को राष्ट्रवादी होने का प्रमाण पत्र दिया है।" उन्होंने आगे कहा, "हम ऐसे लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाने की निंदा करते हैं जो भारत को तोड़ने की बात करते हैं, जो कश्मीर की 'आजादी' और 'भारत के टुकड़े टुकड़े करने' की बात करते हैं।" राव ने यह भी दावा किया कि इन विचारों का एकमात्र संगठित विरोध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) करती है।
कर्नाटक में भी BJP का मोर्चा
बेंगलुरु में कर्नाटक विधान परिषद के विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने कहा कि कांग्रेस उन लोगों के साथ खड़ी है जो देश को बाँटना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमें इस बात पर सोचना चाहिए कि कांग्रेस उन लोगों के साथ खड़ी है जो भारत को बांटना और उसके टुकड़े करना चाहते हैं, और बी. के. हरिप्रसाद भी उनके साथ खड़े हैं।" यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से कई मोर्चों पर विपक्ष के निशाने पर है।
झारखंड BJP का रुख और ऐतिहासिक संदर्भ
झारखंड में भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, "यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि कांग्रेस आतंकवादियों के साथ है।" शाहदेव ने उमर खालिद के पुराने मामलों का हवाला देते हुए JNU विरोध प्रदर्शन का उल्लेख किया, जहाँ कथित तौर पर 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि खालिद ने अफजल गुरु — जिसे 2013 में संसद पर हमले के मामले में फाँसी दी गई थी — की सजा का विरोध किया था। गौरतलब है कि उमर खालिद UAPA के तहत आरोपों में पिछले करीब छह वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है।
ABVP की आपत्ति और न्यायपालिका का सवाल
ABVP के सिटी सेक्रेटरी अभिनंदन मिर्जी ने भी हरिप्रसाद के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह वाकई शर्मनाक है कि कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने ऐसा बयान दिया है।" मिर्जी ने यह भी तर्क दिया कि उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाली संस्था कोई केंद्रीय एजेंसी नहीं, बल्कि भारतीय न्यायपालिका है — और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस का यह रुख न्यायपालिका की वैधता को भी चुनौती देता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल कर्नाटक कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई या माफी सामने नहीं आई है। यह विवाद आगामी दिनों में संसद और विधानसभाओं में भी गूँजने की संभावना है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह मामला 'देशभक्ति की परिभाषा' को लेकर भारत की मुख्यधारा राजनीति में चल रही गहरी वैचारिक खाई को एक बार फिर उजागर करता है।