मंगलुरु कुकर धमाका: मोहम्मद शरीक को 10 साल की सजा पर विजयेंद्र ने कांग्रेस नेताओं से माँगी माफी
सारांश
Key Takeaways
- मोहम्मद शरीक को मंगलुरु कुकर धमाका मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
- कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेताओं से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
- विजयेंद्र का आरोप है कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोपी को 'भाई' कहा और धमाके को 'हादसा' बताया था।
- दिसंबर 2022 में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने धमाके को 'आतंकवादी कृत्य' घोषित करने पर सवाल उठाए थे।
- शिवकुमार ने तब आरोप लगाया था कि भाजपा सरकार इस घटना का उपयोग बेंगलुरु मतदाता डेटा घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए कर रही थी।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार, 28 अप्रैल को मंगलुरु कुकर धमाका मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद शरीक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के अदालती फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आतंकवाद के विरुद्ध देश के कड़े रुख को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
विजयेंद्र की माफी की मांग
विजयेंद्र ने कांग्रेस नेताओं से इस घटना के तुरंत बाद आरोपी के पक्ष में दिए गए बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की। उनका आरोप है कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोपी को 'भाई' कहकर संबोधित किया और धमाके को महज एक 'हादसा' बताया, जिससे कथित तौर पर आतंकवाद के कृत्यों को उचित ठहराने की कोशिश की गई।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन नेताओं में किंचित भी नैतिक जिम्मेदारी का भाव है, तो उन्हें राज्य की जनता से माफी माँगनी चाहिए। विजयेंद्र के अनुसार, इस फैसले ने यह सिद्ध कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली शक्तियों के लिए इस न्यायिक व्यवस्था में कोई स्थान नहीं है।
केंद्रीय जाँच एजेंसियों की सराहना
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने केंद्रीय जाँच एजेंसियों की कार्यकुशलता और न्यायपालिका के सख्त रवैये की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से जनता के बीच न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और प्रगाढ़ होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश में आतंकवाद से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की गति और निर्णायकता पर बहस जारी है।
कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप
विजयेंद्र ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के नेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि मामले के शुरुआती चरण में कुछ नेताओं ने देश-विरोधी तत्वों का समर्थन करके तुष्टीकरण की राजनीति की। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे तत्वों के साथ खड़े होना आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रुख के अनुसार, आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और आतंकवादी कृत्यों अथवा उनके समर्थकों के लिए किसी भी प्रकार की क्षमा संभव नहीं है।
2022 का विवाद और शिवकुमार का बयान
गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलुरु कुकर धमाके को आधिकारिक रूप से 'आतंकवादी कृत्य' घोषित किए जाने पर सवाल उठाकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन सत्ताधारी भाजपा सरकार इस ऑटो-रिक्शा में हुए धमाके का उपयोग बेंगलुरु में मतदाता डेटा चोरी के घोटाले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए कर रही थी। उन्होंने यह भी पूछा था कि बिना पूर्ण जाँच के किसी संदिग्ध को आतंकवादी कैसे घोषित किया जा सकता है।
अब इस मामले में अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में और अधिक गरमाने की संभावना है।