16 सितंबर 2026
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भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल की विदाई मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों की हुई सराहना

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भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल की विदाई मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों की हुई सराहना

सारांश

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से विदाई मुलाकात में ऊर्जा, व्यापार और भोटेकोशी बाढ़ राहत में भारत के सहयोग की सराहना की। जून 2022 से काठमांडू में तैनात श्रीवास्तव का कार्यकाल अब समाप्त होने की कगार पर है।

मुख्य बातें

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने 16 सितंबर 2026 को काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से विदाई मुलाकात की।
बैठक में ऊर्जा सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढाँचे की कनेक्टिविटी और जन-संपर्क में हुई प्रगति को रेखांकित किया गया।
विदेश मंत्री खनल ने भोटेकोशी नदी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई आपदा राहत सहायता के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।
राजदूत श्रीवास्तव ने 25 जून 2022 को काठमांडू में पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल अब अंतिम चरण में है।
नेपाल से पहले श्रीवास्तव भारत-चीन सीमा वार्ता का नेतृत्व कर चुके हैं और पूर्वी एशिया डिवीजन के अतिरिक्त सचिव रहे हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को काठमांडू स्थित विदेश मंत्रालय में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से विदाई मुलाकात की और उनके कार्यकाल के सफलतापूर्वक पूरा होने पर बधाई दी। नेपाल के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बैठक की पुष्टि की।

बैठक का घटनाक्रम

बैठक के दौरान विदेश मंत्री खनल ने नेपाल-भारत संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने में राजदूत श्रीवास्तव की भूमिका की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों में उनके सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में द्विपक्षीय रिश्ते नई ऊँचाइयों को छू सके।

एमओएफए ने अपने बयान में उल्लेख किया कि ऊर्जा सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढाँचे की कनेक्टिविटी और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्र में राजदूत के कार्यकाल के दौरान उल्लेखनीय प्रगति हुई।

भोटेकोशी बाढ़ और भारत की आपदा राहत

विदेश मंत्री खनल ने भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के प्रति भारत द्वारा दिखाई गई एकजुटता और तत्काल आपदा राहत सहायता के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'संकट की इस घड़ी में भारत की सहायता दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग और मित्रता को दर्शाती है।' यह टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि आपदा-राहत कूटनीति भारत-नेपाल संबंधों का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है।

राजदूत श्रीवास्तव की प्रतिक्रिया

राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल के दौरान नेपाल सरकार की ओर से मिले सहयोग और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में नेपाल और भारत के द्विपक्षीय संबंध निरंतर और सुदृढ़ होते रहेंगे। विदेश मंत्री ने राजदूत को उनके भावी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा जताई कि वह आगे भी नेपाल के शुभचिंतक बने रहेंगे।

राजदूत श्रीवास्तव का कार्यकाल

राजदूत श्रीवास्तव ने 25 जून 2022 को काठमांडू में भारत के राजदूत का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल अब अपने अंतिम चरण में है। नेपाल में नियुक्ति से पूर्व वह भारत के विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में पूर्वी एशिया डिवीजन का नेतृत्व कर चुके हैं। इस भूमिका में उन्होंने चीन, जापान और कोरिया के मामलों का प्रबंधन किया था और भारत-चीन सीमा वार्ता का नेतृत्व भी किया था।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है और नेपाल के साथ बहुक्षेत्रीय सहयोग गहरा होता जा रहा है। नए राजदूत की नियुक्ति के बाद यह देखना रोचक होगा कि द्विपक्षीय एजेंडा किस दिशा में आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी असरदार रही है। हालाँकि भारत-नेपाल संबंधों में कनेक्टिविटी और जलविद्युत के क्षेत्र में कई परियोजनाएँ अभी भी प्रतीक्षित हैं, और नए राजदूत के कंधों पर उन्हें आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी होगी। यह विदाई बैठक एक सांकेतिक अवसर भी है — दक्षिण एशियाई कूटनीति में व्यक्तिगत संबंध नीतिगत निरंतरता में उतनी ही भूमिका निभाते हैं जितनी संस्थागत ढाँचे।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव का कार्यकाल कब शुरू हुआ था?
राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने 25 जून 2022 को काठमांडू में भारत के राजदूत का पदभार संभाला था। उनका कार्यकाल अब अपने अंतिम चरण में है।
विदाई मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में ऊर्जा सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढाँचे की कनेक्टिविटी और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों में हुई प्रगति पर विशेष रूप से चर्चा हुई। भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की आपदा राहत सहायता के लिए भी आभार जताया गया।
भोटेकोशी बाढ़ में भारत ने नेपाल की मदद कैसे की?
भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने तत्काल आपदा राहत सहायता प्रदान की। नेपाल के विदेश मंत्री खनल ने इसे दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग और मित्रता का प्रमाण बताया।
नेपाल में नियुक्ति से पहले राजदूत श्रीवास्तव की क्या भूमिका थी?
नेपाल से पहले नवीन श्रीवास्तव भारत के विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में पूर्वी एशिया डिवीजन का नेतृत्व कर चुके हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने चीन, जापान और कोरिया के मामलों को संभाला था और भारत-चीन सीमा वार्ता का नेतृत्व भी किया था।
नेपाल-भारत संबंधों के लिए इस विदाई मुलाकात का क्या महत्त्व है?
यह विदाई मुलाकात दोनों देशों के बीच कूटनीतिक निरंतरता और आपसी विश्वास को रेखांकित करती है। विदेश मंत्री खनल ने कहा कि राजदूत श्रीवास्तव आगे भी नेपाल के अच्छे मित्र बने रहेंगे, जो भारत-नेपाल के दीर्घकालिक संबंधों के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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