23 जुलाई 2026
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नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल बोले — 'भारत से ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंध, और मजबूत होंगे'

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नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल बोले — 'भारत से ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंध, और मजबूत होंगे'

सारांश

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का तीन दिवसीय भारत दौरा कूटनीतिक गर्मजोशी का संकेत है। जयशंकर से मुलाकात, 72 स्वास्थ्य सुविधाओं का हस्तांतरण और उच्च-स्तरीय दौरों की उम्मीद — यह यात्रा भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा भर सकती है।

मुख्य बातें

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल 7 जून 2026 को तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे — यह पद संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है।
भारत के विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर ने खनाल को 2015 भूकंप पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत 72 स्वास्थ्य सुविधाएँ और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएँ सौंपीं।
खनाल ने भारत-नेपाल संबंधों को बहुआयामी और ऐतिहासिक बताया; कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के 'क्रॉस-बॉर्डर कब्जे' वाले बयान पर खनाल ने कहा — विदेश मंत्रालय पहले ही स्पष्टीकरण दे चुका है।
आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच कई उच्च-स्तरीय दौरों की संभावना जताई गई; बालेन शाह की भारत यात्रा की तारीख अभी तय नहीं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं और दोनों देशों के पास कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के और अधिक अवसर मौजूद हैं। इस वर्ष की शुरुआत में पद संभालने के बाद खनाल की यह पहली भारत यात्रा है, जो तीन दिनों तक चली।

मुख्य घटनाक्रम

तीन दिवसीय दौरे के दौरान विदेश मंत्री खनाल ने भारत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। शनिवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने खनाल के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद 2015 के भूकंप पुनर्निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत नेपाल को 72 स्वास्थ्य सुविधाएँ और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएँ सौंपीं। यह कदम दोनों देशों के बीच विकास-साझेदारी की निरंतरता को दर्शाता है।

खनाल के बयान: संबंधों की परिभाषा

खनाल ने भारत-नेपाल संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, 'हमारे बीच सच में बहुत अच्छे संबंध हैं। यह एक ऐतिहासिक संबंध है — पर्यटन से लेकर हमारी नदी प्रणाली, हमारे पानी, हमारी ऊर्जा और हमारे परिवारों से जुड़ा हुआ। यह बहुत बहुआयामी प्रकृति का है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश इस ऐतिहासिक आधार को और आगे ले जाना चाहते हैं।

सीमा-विवाद पर स्पष्टीकरण

जब खनाल से नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के उस बयान के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भारतीय क्षेत्र पर कब्जे का उल्लेख किया था, तो खनाल ने कहा, 'मेरे विदेश मंत्रालय ने पहले ही इस पर स्पष्टीकरण दे दिया है। प्रधानमंत्री उस समय संसद में क्रॉस-बॉर्डर कब्जे से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे।' इस प्रकार उन्होंने विवाद को शांत करने का प्रयास किया।

उच्च-स्तरीय दौरों की उम्मीद

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की संभावित भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने पर खनाल ने कहा कि फिलहाल कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन उनके इस दौरे से आने वाले महीनों में दोनों ओर से कई उच्च-स्तरीय यात्राओं का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है। यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक उतार-चढ़ाव देखे गए हैं।

आगे की राह

गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच कनेक्टिविटी, जल-विद्युत सहयोग और व्यापार को लेकर कई परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में हैं। खनाल की इस यात्रा को इन परियोजनाओं को गति देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच आगामी उच्च-स्तरीय दौरे इन क्षेत्रों में ठोस प्रगति की संभावनाएँ और मजबूत कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत-नेपाल संबंधों में 'ऐतिहासिक मित्रता' की भाषा नई नहीं है — असली परीक्षा ऊर्जा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में होगी, जो वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। 72 स्वास्थ्य सुविधाओं का हस्तांतरण ठोस है, लेकिन बड़े बुनियादी ढाँचे के वादों पर अमल की रफ्तार ही दोनों देशों के बीच विश्वास की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भारत दौरे पर क्यों आए?
शिशिर खनाल इस वर्ष की शुरुआत में विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और कनेक्टिविटी, ऊर्जा व व्यापार में सहयोग के नए अवसर तलाशना था।
जयशंकर और खनाल की बैठक में क्या हुआ?
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को खनाल के साथ बैठक के बाद 2015 के भूकंप पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत नेपाल को 72 स्वास्थ्य सुविधाएँ और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएँ सौंपीं। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
नेपाल के PM बालेंद्र शाह के 'क्रॉस-बॉर्डर कब्जे' वाले बयान पर खनाल ने क्या कहा?
खनाल ने स्पष्ट किया कि नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर पहले ही आधिकारिक बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शाह उस समय संसद में क्रॉस-बॉर्डर कब्जे से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे, इसलिए संदर्भ को समझना जरूरी है।
क्या नेपाल के PM बालेन शाह जल्द भारत आएँगे?
खनाल के अनुसार, बालेन शाह की भारत यात्रा की अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है। हालाँकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा के बाद आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच कई उच्च-स्तरीय दौरे हो सकते हैं।
भारत-नेपाल संबंधों में किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर है?
खनाल ने कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार और पर्यटन को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में गिनाया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नदी प्रणाली, जल-विद्युत और पारिवारिक संबंधों से जुड़ा बहुआयामी रिश्ता है, जिसे और गहरा किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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