नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल नई दिल्ली पहुंचे, जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता कल
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल शुक्रवार, 5 जून 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। पदभार संभालने के बाद भारत की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है, जो दोनों पड़ोसी देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाती है।
यात्रा का मुख्य एजेंडा
दौरे के दूसरे दिन शनिवार को खनाल, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों की बैठक में विकास सहयोग, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क परियोजनाओं और लोगों के बीच संबंधों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत, नेपाल के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को और सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संपर्क और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, द्विपक्षीय वार्ता में रेलवे, सड़क, हवाई संपर्क और दोनों देशों के नागरिकों के आवागमन को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और जन-से-जन संबंधों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा।
भारत के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह यात्रा भारत-नेपाल की विशेष साझेदारी को और सशक्त करेगी।' मंत्रालय ने इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देने वाला कदम बताया।
हालिया कूटनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि खनाल अप्रैल में मॉरीशस में आयोजित नौवें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान जयशंकर और अन्य क्षेत्रीय नेताओं से अनौपचारिक रूप से मिल चुके हैं, लेकिन पदभार ग्रहण के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब रबी लामिछाने ने हाल ही में भारत का दौरा किया और बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। लामिछाने ने उस मुलाकात के बाद कहा था कि साझा सभ्यतागत विरासत, डिजिटल कॉरिडोर और निर्बाध संपर्क व्यवस्था के आधार पर दोनों देश आपसी विश्वास तथा प्रगति पर आधारित नई साझेदारी विकसित कर सकते हैं। उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने इन संभावनाओं को साकार करने की इच्छा भी जताई।
आगे की योजना
नेपाल सरकार के अनुसार, विदेश मंत्री खनाल 7 जून को काठमांडू लौटेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे बहुआयामी संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।