रबी लामिछाने की दिल्ली यात्रा: अमेरिकी राजदूत गोर और विदेश मंत्री जयशंकर से अहम मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने नई दिल्ली दौरे के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की, जिसमें अमेरिका-नेपाल द्विपक्षीय साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। यह मुलाकात 4 जून को उस समय हुई जब लामिछाने पहले से ही भारतीय नेतृत्व के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें कर चुके थे।
अमेरिकी राजदूत गोर की प्रतिक्रिया
राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चेयरमैन रबी लामिछाने के साथ अमेरिका-नेपाल साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा करने के लिए एक अच्छी मीटिंग हुई। अमेरिका नेपाल के साथ अपनी दोस्ती को महत्व देता है और दोनों देशों के लिए खुशहाली और अवसर को समर्थन करने वाली साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।' यह बयान अमेरिका की नेपाल के प्रति रणनीतिक रुचि को रेखांकित करता है।
जयशंकर से भारत-नेपाल विकास साझेदारी पर चर्चा
इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में लामिछाने और उनके प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चेयरपर्सन रबी लामिछाने और उनके डेलिगेशन से आज दिल्ली में मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत भारत-नेपाल विकास साझेदारी और लोगों के बीच संबंधों पर केंद्रित थी। ग्रोथ और खुशहाली को बढ़ावा देने में इनका अहम भूमिका है।' गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच पारंपरिक रूप से घनिष्ठ सांस्कृतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंध रहे हैं।
भाजपा की 'बीजेपी को जानो' पहल के तहत स्वागत
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी आरएसपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। 'बीजेपी को जानो' पहल के अंतर्गत नवीन ने डेलिगेशन का स्वागत किया और पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे, जन-संपर्क के तरीकों तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ स्तर तक किस प्रकार सक्रिय रहती है और जमीनी मुद्दों के समाधान में पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
आम जनता और क्षेत्रीय राजनीति पर असर
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नेपाल में आरएसपी सत्ता में है और लामिछाने देश की राजनीति में एक उभरते हुए केंद्रीय चेहरे के रूप में स्थापित हो रहे हैं। भारत और अमेरिका दोनों के साथ एक साथ उच्चस्तरीय संवाद यह संकेत देता है कि नेपाल अपनी विदेश नीति में संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बहुपक्षीय कूटनीतिक सक्रियता नेपाल के लिए नई साझेदारियों के द्वार खोल सकती है।
क्या होगा आगे
लामिछाने के इस दौरे से भारत-नेपाल और अमेरिका-नेपाल संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है। तीनों बैठकों के नतीजे आने वाले हफ्तों में द्विपक्षीय सहयोग के ठोस कदमों के रूप में सामने आ सकते हैं।