22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने NSA अजीत डोभाल से की मुलाकात, ऊर्जा-पर्यटन में द्विपक्षीय सहयोग पर बनी सहमति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने NSA अजीत डोभाल से की मुलाकात, ऊर्जा-पर्यटन में द्विपक्षीय सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल का नई दिल्ली दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — यह नेपाल की नई सरकार का स्पष्ट संकेत है कि वह पुरानी राजनीतिक खींचतान छोड़कर भारत के साथ व्यावहारिक और मापनीय सहयोग की राह पर चलना चाहती है।

मुख्य बातें

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल 6 जून 2026 को तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे।
खनल ने NSA अजीत डोभाल से मुलाकात की; कनेक्टिविटी, ऊर्जा और पर्यटन में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।
जयशंकर के साथ औपचारिक वार्ता भी इस दौरे में निर्धारित है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने भारत के साथ संबंध नए सिरे से सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इसी सप्ताह RSP प्रमुख रबी लामिछाने ने PM मोदी , अमित शाह और जयशंकर से अलग-अलग मुलाकात की।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल शुक्रवार, 6 जून 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने कनेक्टिविटी, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। यह दौरा खनल का पहला आधिकारिक विदेश दौरा है, जो भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के आमंत्रण पर आयोजित हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

खनल इस दौरे में डॉ. जयशंकर के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मज़बूत करने पर केंद्रित रहेगी। नेपाल के विदेश मंत्रालय के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वार्ता दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय संवाद की कड़ी का हिस्सा है।

खनल का बयान: नई शुरुआत का संकेत

नेपाली मीडिया 'द काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, विदेश मंत्री खनल ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व पुरानी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त है और नई सरकार भारत के साथ वर्षों की राजनीतिक खींचतान को समाप्त करने के लिए तैयार है, ताकि व्यावहारिक सोच, मापनीय परिणामों और आपसी विकास पर आधारित संबंध स्थापित किए जा सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार भारत के साथ संबंधों को नए सिरे से सुदृढ़ करने और व्यावहारिक सहयोग पर आधारित साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध है।

बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव की पृष्ठभूमि

यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संवाद के बीच हो रहा है। गौरतलब है कि इसी सप्ताह की शुरुआत में नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के प्रमुख रबी लामिछाने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर से अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें नेपाल-भारत संबंधों और सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा हुई। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों पड़ोसी देश अपने संबंधों में एक नए व्यावहारिक अध्याय की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

पहले टला था दौरा

उल्लेखनीय है कि खनल पहले पिछले महीने एक अंतरराष्ट्रीय टाइगर संरक्षण सम्मेलन के सिलसिले में भारत आने वाले थे, परंतु वह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इस प्रकार यह तीन दिवसीय दौरा नेपाल की नई सरकार और भारत के बीच पहली उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय कूटनीतिक पहल बन गई है।

क्या होगा आगे

दौरे के दौरान डॉ. जयशंकर के साथ औपचारिक बातचीत से दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार, सीमापार कनेक्टिविटी परियोजनाओं और पर्यटन प्रोत्साहन में ठोस प्रगति की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरे के नतीजे आने वाले महीनों में नेपाल-भारत संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

'मापनीय परिणामों' की बात पहले भी होती रही है — असली कसौटी यह होगी कि ऊर्जा व्यापार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर ठोस समझौते कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरते हैं। इसी सप्ताह रबी लामिछाने की भारतीय नेतृत्व से मुलाकात और अब खनल का दौरा — यह त्वरित कूटनीतिक सक्रियता संकेत देती है कि नेपाल चीन के साथ संतुलन साधते हुए भारत से संबंध प्रगाढ़ करने की रणनीति पर चल रहा है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल भारत दौरे पर क्यों आए हैं?
खनल भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के आमंत्रण पर तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली आए हैं। यह उनका पहला आधिकारिक विदेश दौरा है, जिसमें ऊर्जा, पर्यटन, कनेक्टिविटी और व्यापार में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना मुख्य एजेंडा है।
खनल और NSA डोभाल की बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
दोनों नेताओं ने कनेक्टिविटी, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। बैठक नेपाल-भारत संबंधों में व्यावहारिक सहयोग की नई दिशा तय करने के उद्देश्य से हुई।
नेपाल की नई सरकार भारत के साथ संबंधों पर क्या रुख रखती है?
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ पुरानी राजनीतिक खींचतान को समाप्त कर व्यावहारिक सोच, मापनीय परिणामों और आपसी विकास पर आधारित संबंध बनाना चाहती है। खनल के अनुसार, मौजूदा नेतृत्व पुरानी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त है।
इस दौरे से पहले नेपाल-भारत के बीच और कौन-सी उच्च-स्तरीय बैठकें हुईं?
इसी सप्ताह की शुरुआत में नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के प्रमुख रबी लामिछाने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर से अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में नेपाल-भारत संबंधों और सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
खनल का यह दौरा पहले क्यों टल गया था?
खनल पहले पिछले महीने एक अंतरराष्ट्रीय टाइगर संरक्षण सम्मेलन के सिलसिले में भारत आने वाले थे, लेकिन वह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। अब यह तीन दिवसीय दौरा नेपाल की नई सरकार की पहली आधिकारिक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय कूटनीतिक पहल बन गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले