भारत-नेपाल विदेश मंत्री वार्ता: जयशंकर और खनल ने द्विपक्षीय संबंध गहरे करने पर जताई सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल के बीच नई दिल्ली में 7 जून 2025 को हुई उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गहरा तथा व्यापक बनाने पर सहमति जताई। नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह बैठक विकास साझेदारी, कनेक्टिविटी और आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण रही।
संयुक्त घोषणाएँ और प्रमुख निर्णय
दोनों मंत्रियों ने बैठक के दौरान दो अहम संयुक्त घोषणाएँ कीं। पहली, जून 2023 में हस्ताक्षरित NCHL और NPCI के बीच समझौता-ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत P2P क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट ट्रांज़ैक्शन को चालू करने की घोषणा की गई, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच डिजिटल भुगतान सुगम होगा। दूसरी, भारत की विकास सहायता से नेपाल में निर्मित 72 स्वास्थ्य क्षेत्र और 12 सांस्कृतिक क्षेत्र के भूकंप-पुनर्निर्माण परियोजनाओं को औपचारिक रूप से सौंपने की घोषणा की गई।
डिजिटल साझेदारी: AI और भाषा प्रौद्योगिकी
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण MoU का आदान-प्रदान भी हुआ। काठमांडू विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन के बीच यह समझौता वॉइस-फर्स्ट लैंग्वेज ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म के लिए राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना के संयुक्त विकास हेतु हुआ। यह कदम दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग की बढ़ती गहराई को दर्शाता है।
वार्ता के प्रमुख विषय
नेपाल दूतावास की विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने नेपाल-भारत संबंधों के हर पहलू पर विस्तृत चर्चा की। इसमें व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी, जल संसाधन प्रबंधन और खेलों के माध्यम से जन-संपर्क बढ़ाने जैसे विषय शामिल थे। दोनों पक्षों ने चल रही द्विपक्षीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उन्हें तेज़ी से लागू करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
NSA डोभाल से मुलाकात
नेपाल के विदेश मंत्री खनल ने शनिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से उनके कार्यालय में भी मुलाकात की। दोनों ने नेपाल-भारत संबंधों को और सुदृढ़ करने से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, दोनों मंत्रियों ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग सहित क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
आगे की राह
दोनों पक्षों ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्री खनल रविवार को काठमांडू लौटने वाले हैं। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और नेपाल दोनों ही अपनी आर्थिक और डिजिटल अवसंरचना को गति देने की कोशिश में हैं, और इस वार्ता के नतीजे आने वाले महीनों में ज़मीन पर कितना उतरते हैं, यह देखना अहम होगा।