JSW वन प्लेटफॉर्म्स IPO से पहले DRHP में बड़ा खुलासा: प्रमोटर्स पर 340 टैक्स विवाद, 3 आपराधिक मामले, ₹13,895 करोड़ जोखिम
सारांश
मुख्य बातें
JSW वन प्लेटफॉर्म्स ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पूर्व भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी/SEBI) के समक्ष दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में व्यापक कानूनी जोखिमों का खुलासा किया है। दस्तावेज़ के अनुसार, कंपनी के प्रमोटर्स पर 340 कर (टैक्स) विवाद, तीन आपराधिक मामले और अनेक नियामकीय कार्यवाहियाँ लंबित हैं, जिनसे जुड़ी कुल राशि लगभग ₹13,895 करोड़ (138.95 अरब रुपए) बताई गई है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब JSW समूह अपनी वित्तीय सेवा शाखा को सार्वजनिक बाज़ार में उतारने की तैयारी में है।
कंपनी और उसकी सहयोगी इकाइयों पर लंबित मामले
JSW वन प्लेटफॉर्म्स स्वयं पाँच कर संबंधी मामलों का सामना कर रही है, जिनमें विवादित राशि ₹9.57 करोड़ है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसके विरुद्ध या उसकी ओर से कोई आपराधिक मामला वर्तमान में लंबित नहीं है।
कंपनी की सहयोगी इकाइयों (सब्सिडियरी) के विरुद्ध एक आपराधिक मामला और चार कर संबंधी मामले लंबित हैं, जिनसे जुड़ी कुल राशि ₹1.83 करोड़ बताई गई है। इसके अतिरिक्त, सहयोगी कंपनियों ने स्वयं तीन आपराधिक कार्यवाहियाँ आरंभ की हैं।
निदेशकों पर नियामकीय कार्रवाइयाँ
DRHP के अनुसार, कंपनी के निदेशकों के विरुद्ध तीन मामलों में वैधानिक या नियामकीय प्राधिकरणों द्वारा कार्रवाई की गई है। हालाँकि, निदेशकों के विरुद्ध किसी आपराधिक अथवा कर विवाद की जानकारी DRHP में नहीं दी गई है।
प्रमोटर्स पर सबसे अधिक कानूनी जोखिम
दस्तावेज़ के मुताबिक, सर्वाधिक कानूनी जोखिम कंपनी के प्रमोटर्स से जुड़ा है। इनके विरुद्ध तीन आपराधिक मामले, 340 टैक्स विवाद, 36 नियामकीय या वैधानिक कार्रवाइयाँ, SEBI या स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा पिछले पाँच वित्त वर्षों में छह अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ और 11 अन्य महत्वपूर्ण मुकदमे लंबित हैं। इन समस्त मामलों से जुड़ी संचित राशि लगभग ₹13,895 करोड़ बताई गई है।
इसके साथ ही, प्रमोटर्स ने स्वयं 210 कानूनी कार्यवाहियाँ आरंभ की हैं, जिनसे जुड़ी राशि लगभग ₹7,828 करोड़ (78.28 अरब रुपए) है। इसके अलावा नौ अन्य महत्वपूर्ण मुकदमों का भी उल्लेख दस्तावेज़ में किया गया है।
डिफॉल्टर सूची और IBC अधिग्रहण
DRHP में यह भी बताया गया है कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) प्रक्रिया के तहत JSW समूह द्वारा अधिग्रहित एक समूह कंपनी का नाम अभी भी कुछ क्रेडिट सूचना एजेंसियों और निवेशक निगरानी सूचियों में डिफॉल्टर तथा विलफुल डिफॉल्टर के रूप में दर्ज है। कंपनी के अनुसार, ये चूकें JSW समूह द्वारा अधिग्रहण से पूर्व की अवधि से संबंधित हैं और संबंधित इकाई को संबद्ध बैंकों से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुके हैं। डिफॉल्टर श्रेणी से नाम हटाने के लिए अनुरोध किया जा चुका है।
OFS के ज़रिए शेयर विक्रय योजना
DRHP के अनुसार, JSW स्टील ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से ₹811 करोड़ तक के शेयर बेचेगी, जबकि JSW सीमेंट लगभग ₹123 करोड़ मूल्य के शेयरों की बिक्री करेगी। इसके अतिरिक्त, मौजूदा निवेशक मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड भी लगभग ₹820.01 करोड़ मूल्य के शेयर बेचने की योजना बना रही है। कंपनी ने कहा है कि किसी भी समूह कंपनी के विरुद्ध ऐसे मामले फिलहाल लंबित नहीं हैं जिनका कारोबार पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो। आने वाले हफ्तों में SEBI की समीक्षा और निवेशकों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह IPO अपेक्षित गति से आगे बढ़ता है या नहीं।